सिल्वर से शुरू गोल्ड पर खत्म, जानें ओलंपिक में भारत को कितने मिले मेडल

नई दिल्ली: आपने फिल्म ‘ओम शांति ओम’ का वो फेमस डायलॉग तो सुना ही होगा- “अगर किसी चीज़ को दिल से चाहो तो सारी कायनात उसे तुम से मिलाने में लग जाती है”। कुछ ऐसा ही हुआ है टोक्यो ओलंपिक में भारतीय खिलाड़ियों के साथ। टोक्यो ओलंपिक (Tokyo Olympics) के शुरुआती दिन से ही भारत गोल्ड पाने की चाह बनाए रखा था, हालांकि शुरुआत सिल्वर मेडल से हुई लेकिन अंत गोल्ड से। गोल्ड मेडल की चाह रखने वाले भारतीय एथ्लीट ने आखिरकार ओलंपिक में अपनी पूरी जान लगाकर भारत को गोल्ड दिलाने में सफल हो ही गए। जेवलिन थ्रो (Athletics Javelin Throw) में जब भारत को पहला गोल्ड मिला तो पूरा देश खुशी से झूम उठा और देश के कोने-कोने में जश्न मनाया जाने लगा। इसी जश्न के साथ भारत ओलंपिक खेल के लिस्ट में सात मेडल हासिल करते हुए टॉप 50 में अपनी जगह पक्की की। टोक्यो ओलंपिक में भारत 47वें स्थान पर अपनी जगह पक्की की है।

आपको बता दें कि भारत टोक्यो ओलंपिक गेम्स 23 जुलाई 2021 से शुरु हुआ था। खेलों के इस महाकुंभ में भारत के कुल 119 खिलाड़ियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। भारत के 119 खिलाड़ियों में से 52 महिला खिलाड़ी थी, जबकि 67 पुरुष खिलाड़ी थे। सभी ने अपना शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का नाम रोशन किया है। वैसे आपको पता है कि टोक्यो ओलंपिक में भारत को कितने मेडल मिले ? इस ओलंपिक में भारत ने कुल 7 मेडल हासिल किए, जिसमें से एक गोल्ड, दो सिल्वर और चार ब्रॉन्ज मेडल शामिल है। आइए आपको बताते है कि ये सात मेडल किस खेल में कौन-से खिलाड़ी ने हासिल किया है….

वेटलिफ्टिंग में मिला भारत को पहला मेडल
टोक्यो ओलंपिक के पहले दिन (Tokyo Olympics Day 1) भारतीय खिलाड़ियों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। वही ओलंपिक के दूसरे दिन (Tokyo Olympics Day 2) महिला भारोत्तोलन के मुकाबले में भारतीय एथ्लीट मीराबाई चानू (Mirabai Chanu) ने 49 किग्रा का भार (Weightlifting Women’s 49kg) उठाकर सिल्वर मेडल (Silver Medal) पर अपना नाम दर्ज किया और देश को पहला मेडल दिलाने में सफलता हासिल की। मीराबाई चानू के इस विजय पर पूरा देश उन्हें खुशी से झूम उठा था।

देश को किस खेल में मिला दूसरा मेडल
ओलंपिक में भारत को दूसरा मेडल दिलाने में भारत की शटलर स्टार पीवी सिंधु (PV Sindhu) कामयाब रही। हालांकि उन्होंने पूरी कोशिश की कि भारत को गोल्ड मेडल मिले लेकिन उन्हें ब्रॉन्ज मेडल से ही संतुष्टि करनी पड़ी। सेमीफाइनल में हार मिलने के बाद बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु ने ब्रॉन्ज मेडल हासिल करने का एक भी मौका नहीं छोड़ी और विश्व की नंबर-9 चीन की हे बिंग जियाओ (He Bingjiao) को हराकर ब्रॉन्ज मेडल (Bronze Medal) को अपने नाम कर लिया। बैडमिंटन (Badminton) में शानदार प्रदर्शन के बाद भारत को दूसरा मेडल मिला है।

तीसरा मेडल
भारत को तीसरा मेडल हासिल करने में थोड़ा ज्यादा समय लग गया। हालांकि तीसरा मेडल तो पक्का था ही, लेकिन भारत गोल्ड -सिल्वर की चाह बनाए हुए था। लेकिन वो हासिल न हो सका। इस तरह ओलंपिक के 13वें दिन (Tokyo Olympics Day 13) मुक्केबाजी (Boxing) में भारत तीसरा मेडल हासिल करने में सफल रहा। मुक्केबाजी में भारतीय महिला मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन (Lovlina Borgohain) ने ब्रॉन्ज मेडल जीतकर देश को तीसरा मेडल दिलाने में सफल रहीं।

लंबे समय के हॉकी टीम ने जीता मेडल
41 साल बाद भारत की हॉकी टीम ने ओलंपिक में इतिहास रचा है। इस ओलंपिक में भारतीय पुरुष हॉकी टीम (Indian men’s Hockey Team) ने जर्मनी की टीम को हराकर कांस्य पदक हासिल किया और देश को चौथा मेडल दिलाने में सफलता हासिल की। लंबे अरसे के बाद हॉकी टीम के इस जीत पर पूरा देश खुशी से झूम उठा था।

कब मिला भारत को पांचवा मेडल
टोक्यो ओलंपिक (Tokyo Olympics 2020) में खेले गए कुश्ती प्रतियोगिता में भारतीय पहलवानों की शानदार प्रदर्शन किया। भारतीय पहलवान रवि कुमार दहिया (Ravi Kumar Dahiya) ने कुश्ती (Wrestling Men’s freestyle 57kg) में अपने प्रदर्शन के दम पर सिल्वर मेडल जीतने में कामयाबी हासिल की। इस मुकाबले में उन्होंने रूस के पहलवान जावुर युगुऐव को 7-4 से हराया था।

देश को मिला छठा मेडल
टोक्यो ओलंपिक का आखिरी का दूसरा दिन भारत के लिए काफी शानदार रहा है। इस दिन भारत ने लगातार दो मेडल पर अपना कब्जा जमाया था। इस दिन भारत को छठा मेडल मिला। इस मेडल को हासिल करने के लिए स्टार रेसलर बजरंग पुनिया (Bajrang Punia) ने पूरी ताकत झोक दी और कांस्य पदक पर अपना नाम दर्ज किया। बजरंग पूनिया ने यह मेडल कुश्ती के फ्रीस्टाइल (Wrestling Men’s freestyle 65kg) में कजाखिस्तान के पहलवान नियाजबेकोव को 8-0 से करारी शिकस्त देते हुए जीता था।

आखिरकार देश को मिल ही गया गोल्ड
भारत का ओलंपिक का आखिरी दिन काफी महत्वपूर्ण रहा। पहले दिन से ही गोल्ड की चाह रखने वाले भारतीय खिलाड़ियों ने गोल्ड जीतने की पूरी कोशिश और यही कोशिश ओलंपिक के आखिरी दिन रंग ला दी। भारत ने जेवलिन थ्रो में आखिरी और पहला गोल्ड मेडल जीतकर ओलंपिक का सफर खत्म किया। जेवलिन थ्रो के फाइनल राउंड में भारतीय एथ्लीट नीरज चोपड़ा (Neeraj Chopra) ने 87.58 मीटर तक भाला फेंक एक नया इतिहास रचा और भारत को पहला गोल्ड मेडल (Gold Medal) हासिल करने में बड़ी सफलता हासिल की। भारत को मेडल मिलते ही पूरा देश खुशी से झूम उठा। पूरे देश जैसे त्योहार में जश्न मनाया जाता है, वैसे इस दिन पूरा देश जश्न मनाया गया। वो कहते है न “अंत भला तो सब भला”। बस यही हुआ भारत के साथ भी।