सिद्धू के बाद पंजाब कांग्रेस में इस्तीफो का दौर, समर्थन में रजिया सुल्ताना और परगट सिंह का इस्तीफा

चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस में अगले साल होने वाले व‍िधानसभा चुनाव से पहले भारी घमासान मचा हुआ है। नवजोत सिंह सिद्धू ने मंगलवार को कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया, जिससे राज्य में विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले पार्टी में एक नया संकट पैदा हो गया है। वहीं सिद्धू के समर्थन में पंजाब कैबिनेट की मंत्री रजिया सुल्ताना ने भी इस्तीफा दिया। रजिया सुल्ताना नवजोत सिद्धू के सलाहकार पूर्व DGP मोहम्मद मुस्तफा की पत्नी हैं। उधर, परगट सिंह ने भी इस्तीफा देकर सरकार को चौथा झटका द‍िया है। परगट सिंह पंजाब सरकार में शिक्षा मंत्री बनाए गए थे। इससे पहले पंजाब काग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष गुलजार इंदर चहल ने भी इस्तीफा दिया था।

नवजोत स‍िंंह स‍िद्धू के इस्‍तीफे के बाद योगिंदर ढींगरा ने भी पंजाब कांग्रेस के महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया। इसके अलावा गौतम सेठ ने भी पंजाब कांग्रेस के महासचिव(प्रभारी प्रशिक्षण) के पद से इस्तीफा दे दिया है। उधर, कांग्रेस सूत्रों के मुताब‍िक, नवजोत सिंह सिद्धू का इस्तीफ़ा स्वीकार नहीं किया गया है। शीर्ष नेतृत्व ने राज्य नेतृत्व से पहले अपने स्तर पर मामले को सुलझाने को कहा है।

‘पंजाब और पंजाबियत के लिए लड़ रहे स‍िद्धू’
पंजाब कैब‍िनेट से इस्‍तीफा देने वाली रजिया सुल्ताना ने दो दिन पहले मंत्री के रूप में पदभार संभाला था। रज‍िया सुल्‍ताना ने कहा क‍ि नवजोत सिंह सिद्धू के साथ एकजुटता में इस्तीफा दे दिया, जिन्होंने आज पहले पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में पद छोड़ दिया। उन्‍होंने कहा क‍ि सिद्धू साहब सिद्धांतों के आदमी हैं। वह पंजाब और पंजाबियत के लिए लड़ रहे हैं। इससे पहले नवजोत सिंह सिद्धू ने मंगलवार को कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को लिखे पत्र में कहा कि वह पार्टी की सेवा करना जारी रखेंगे।

सिद्धू ने अमरिंदर सिंह के साथ नेतृत्व को लेकर खींचतान के बीच इसी साल जुलाई में पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष का पद संभाला था। अमरिंदर सिंह ने दस दिन पहले पार्टी आलाकमान पर खुद को अपमानित करने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।

सिद्धू ने सोनिया गांधी को लिखे अपने पत्र में कहा क‍ि किसी भी व्यक्ति के व्यक्तित्व में गिरावट समझौते से शुरू होती है, मैं पंजाब के भविष्य और पंजाब के कल्याण के एजेंडे को लेकर कोई समझौता नहीं कर सकता हूं। उन्होंने लिखा, ‘इसलिए, मैं पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देता हूं। कांग्रेस की सेवा करना जारी रखूंगा।’