सरकारी कर्मचारी का बच्चा उसकी मौत के बाद हो पैदा, तो क्या वो होगा पेंशन का हकदार?

नई दिल्ली: 7th pay commission: अगर आप भी सरकारी कर्मचारी हैं तो आपके लिए काम की खबर है. सरकारी कर्मचारियों की फैमिली पेंशन से जुड़े कई ऐसे जरूरी नियम हैं जिनकी साधारण तौर पर लोगों को ज्यादा जानकारी नहीं होती है.

ऐसे में, केंद्र सरकार के पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग की तरफ से एक खास पहल की गई है. इसके तहत सरकारी कर्मचारियों को पेंशन से जुड़े महत्वपूर्ण नियमों के बारे में जानकारी दी जा रही है. इसमें फैमिली पेंशन से संबंधित 75 महत्वपूर्ण नियमों की जानकारी दी जा रही है. इसी में से एक नियम कर्मचारी की मौत के बाद पैदा हुए बच्चे से जुड़ा है.

जानिए क्या कहते हैं नियम?
यहां दी गई जानकारियों के मुताबिक, सरकारी कर्मचारी के निधन के बाद पैदा हुआ बच्चा भी फैमिली पेंशन का हकदार है. अगर सरकारी कर्मचारी रिटायर हो चुका है और उसकी मृत्यु के बाद कोई बच्चा पैदा होता है तो वो भी फैमिली पेंशन का पात्र है. यानी नौकरी के समय या नौकरी के बाद भी अगर कोई बच्चा पैदा होता है तो वो पेंशन का हकदार है.

जानिए क्लेम करने का तरीका
इसमें सरकार की ओर से फैमिली पेंशन के क्लेम के तरीके के बारे में भी बताया गया है. अगर किसी सेवारत सरकारी कर्मचारी की किसी कारणवश मृत्यु हो जाती है तो फैमिली पेंशन के लिए मृत्यु प्रमाणपत्र के साथ, कार्यालयाध्यक्ष को अपना दावा प्रस्तुत करना होगा. इसके बाद ही पेंशन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी.

इसमें यह भी बताया गया है कि अवयस्क बालक या मानसिक रूप से मंद बालक होने के मामले में, उसका अभिवावक ये दावा प्रस्तुत कर सकता है. इसके अलावा सरकारी कर्मचारी अगर किसी को नॉमिनी बनाना कहता है तो वो भी बच्चे के लिए फैमिली पेंशन का दावा प्रस्तुत कर सकता है.