‘शाहीन’ के बाद अब देश पर मंडराया Cyclone Jawad का खतरा, IMD ने जारी किया अपडेट

नई दिल्ली। देश के कई राज्य ‘साइक्लोन’ की वजह से इस बार काफी ग्रसित रहे हैं। हाल ही में आए चक्रवात ‘गुलाब’ और ‘शाहीन’ के प्रकोप से अभी वो निकल भी पाए हैं कि एक और चक्रवात का खतरा इस वक्त भारत पर मंडरा रहा है। भारतीय मौसम विभाग के ट्वीट के मुताबिक अगले दो-तीन दिनों में अरब सागर में लो प्रेशर के सक्रिय हो सकता है, जो कि सक्रिय तूफान में तब्दील हो सकता है।, जिसका नाम ‘जवाद’ होगा,इस बार ये नाम सउदी अरब ने दिया है, जिसका अर्थ है ‘उदार’।

भारी बारिश की आंशका
मौसम विभाग के मुताबिक ये प्रेशर एरिया उत्तरी अंडमान के समुद्र में 10 अक्टूबर के आसपास एक्टिव होगा जो कि ओडिशा-आंध्रा की ओर मूव करेगा और इसी कारण 10 अक्टूबर के बाद से अगले 5 दिनों तक उत्तरी अंडमान में भारी बारिश की आंशका है। तो वहीं लक्षद्वीप, आंतरिक तमिलनाडु, मराठवाड़ा, मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों, गंगीय पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ में भी जोरदार बारिश हो सकती है। इसलिए इन राज्यों में अलर्ट जारी किया गया है।

अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में तेज बारिश हो सकती है
तो वहीं स्काईमेट के मुताबिक अगले 24 घंटों में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में तेज बारिश हो सकती है तो वहीं आंध्र प्रदेश, तेलंगाना के कुछ हिस्सों, कर्नाटक, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों, मराठवाड़ा और विदर्भ, लक्षद्वीप, तटीय ओडिशा, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर भारत के अलग-अलग हिस्सों में हल्की बरसात होने के आसार हैं।

क्या होते हैं साइक्लोन?
जब लो प्रेशर एरिया के चारों ओर वार्म हवाएं चलती हैं तो उसके बाद वो विकराल रूप धारण कर लेती हैं तो उन्हें चक्रवात या साइक्लोन कहते हैं। दक्षिणी गोलार्ध में इन्हें साइक्लोन कहते हैं और उत्तरी गोलार्ध में इन्हें हरीकेन या टाइफून कहते हैं। ये हवाएं जब कोस्टल एरिया से टकराती हैं तो संबंधित इलाकों में भारी बारिश होती है। जिनकानाम विश्व मौसम संगठन और संयुक्त राष्ट्र को ओऱ से बनाई गई संस्था रखती है।