शाहरुख खान के बेटे आर्यन को लेकर एक और सनसनीखेज खुलासा, व्हाट्सएप चैट में…

नई दिल्ली। क्रूज ड्रग्स पार्टी (Cruise drugs party) केस में फंसे शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) के बेटे आर्यन (Aryan Khan) की जमानत पर पेच फंसता नजर आ रहा है। एनसीबी आर्यन खान की जमानत का लगातार विरोध कर रही है। 14 अक्टूबर को आर्यन की जमानत पर सुनवाई के दौरान एनसीबी की तरफ से ASG अनिल सिंह (ASG Anil Singh) ने रिया च्रकवर्ती (Rhea Chakraborty) के भाई शौविक चक्रवर्ती (Showik Chakraborty) के नाम का जिक्र कर जमानत दिए जाने के खिलाफ दलील पेश की। साथ ही यह भी कहा कि आर्यन खान कई सालों से ड्रग्स ले रहे थे, जिसका रिकॉर्ड और सबूतों से पता चलता है। अरबाज के पास से बरामद चरस भी आर्यन लेने वाले थे।

‘आर्यन बरसों से ड्रग्स ले रहे, रिकॉर्ड और सबूत मौजूद’
कोर्ट में अपनी दलीलें पेश करते हुए ASG अनिल सिंह ने कहा, ‘अब मैं एनसीबी के जवाब का पैरा 12 कोर्ट के सामने रखना चाहूंगा। तथ्यों के आधार पर मेरा निवेदन यह है कि आर्यन खान ने कोई पहली बार ड्रग्‍स नहीं लिया है। रिकॉर्ड और सबूतों से पता चलता है कि वह पिछले कुछ वर्षों से नियमित रूप से प्रतिबंधित पदार्थ का सेवन करते रहे हैं। आर्यन खान के साथ मौजूद अरबाज मर्चेंट के कब्जे में ड्रग्‍स मिले हैं, जो उन दोनों के उपभोग के लिए थी। मैंने पंचनामा और वॉट्सऐप चैट दिखाए हैं। मैं पंचनामा का प्रासंगिक भाग दिखाऊंगा।’

‘क्रूज पर ‘ब्लास्ट’ के लिए जा रहे थे’
अनिल सिंह ने आगे कहा, ‘पंचनामा में यह रिकॉर्ड है कि वे क्रूज पर ‘ब्‍लास्‍ट’के लिए जा रहे हैं। आर्यन ने पंचनामा पर हस्‍ताक्षर किए हैं। उसमें रिकॉर्ड है कि उन्‍हें पता था कि उनके पास प्रतिबंधित पदार्थ थे, क्योंकि वह मानते हैं कि यह उनके दोस्त के पास थे और यह उन दोनों के सेवन के लिए था। ऐसे में जमानत के लिए यह तर्क कि आर्यन के पास कुछ भी नहीं पाया गया, यह सही नहीं हो सकता है।’

‘पेडलर्स के साथ संपर्क में थे, चैट में ड्रग्स की मात्रा की बात’
एडिशनल सॉलिसिटर जनरल अनिल सिंह ने कहा कि आर्यन और अरबाज के ड्रग्स चैट में विदेशी लिंक की बात है, जिसकी जांच जरूरी है। सिंह ने यह भी कहा कि जांच में जिस विदेशी नागरिक का नाम आया है, उसका पता लगाने की कोशिश की जा रही है। कोर्ट में एएसजी अनिल सिंह ने कहा, ‘इनके चैट में ड्रग्‍स की मात्रा की बात है, उसे देखा जा सकता है। पेडलर, कादिर और विदेशी नागरिक आचित कुमार के संपर्क में थे। कृपया ‘उपयोग’ की परिभाषा देखें, क्योंकि मैंने अपने विद्वान मित्र (अमित देसाई) को यह तर्क देते हुए सुना है कि उपभोग में उपयोग शामिल है और इसी तरह उपयोग में उपभोग। अगला निवेदन यह है कि हार्ड ड्रग की मात्रा पर्सनल यूज के लिए नहीं हो सकती है। नशीले पदार्थों के संबंध में ‘उपयोग’ का मतलब पर्सनल यूज को छोड़कर सब कुछ है। इसलिए मैं यह सेक्‍शन दिखा रहा हूं। हम विदेशी नागरिक का पता लगाने के लिए मंत्रालय के संपर्क में हैं।’

‘जहां तक आरोपों का सवाल है, मैं किसी भी धारा को लागू कर सकता हूं’
अनिल सिंह ने आगे कहा कि अभी एजेंसी जांच की शुरुआती स्टेज में है। लेकिन जांच आगे बढ़ने पर जैसे-जैसे उन्हें सबूत मिलेंगे, वह किसी भी धारा को लागू कर सकते हैं। वह बोले, ‘एक मिनट के लिए धारा 35 देखें। 35 में अपराधी मानसिक स्थिति का अनुमान है। इसलिए यह धारणा है कि जब किसी के कब्जे में दवा पाई जाती है, तो एजेंसी जो कह रही है, वह सही है। एजेंसी का यह कहना कि आर्यन के कब्जे में ड्रग्स पाए गए हैं, को पहली नजर में सही माना जाना चाहिए। अगला प्रासंगिक प्रावधान एनडीपीएस का 54 है। इसमें अवैध वस्तुओं के कब्जे से अनुमान लगाया जाता है और मुकदमे दौरान आरोपी को यह दिखाना होता है कि उसके पास अवैध वस्तुएं नहीं थीं। इसमें यह धारणा है कि अगर एजेंसी के पास यह मामला आता है कि आरोपी के पास ड्रग्स है तो इसे तब तक सही माना जाता है जब तक कि ट्रायल रिजेक्‍ट न हो जाए।’

उन्होंने आगे कहा, ‘अब एनडीपीएस की धारा 37 देखें। मैं 37 की ओर इशारा इसलिए कर रहा हूं, क्योंकि मैंने 29 की ओर इशारा किया है। मैं साजिश का मामला लेकर आया हूं। एक मामले में अगर 15-20 लोग शामिल हैं और यह साजिश है तो इसमें धारा 37 शामिल हो जाती है।’