लॉकडाउन में घूमते घूमते पहुंच गया पाकिस्तान, पता चला तो…

खरगोन। खरगोन जिले के बेडिया थाना क्षेत्र के नलवट गांव से करीब पांच माह पूर्व राजस्थान से भारत की बार्डर से पाकिस्तान पहुंचा 35 वर्षीय आदिवासी युवक वेरसिंह पिता भीमसिंह बुधवार सकुशल अपने घर पहुंच गया है। जिसके बाद परिजनों सहित पुलिस ने भी राहत की सांस ली है। मानसिक रूप से परेशान वेरसिंह 5 माह पूर्व लॉक डाउन के दौरान अचानक नलवट से लापता हो गया था। जिसके बाद वह राजस्थान के गंगानगर जिले से होते हुए भारत की बार्डर पार कर पाकिस्तान पहुंच गया था। जहां पाकिस्तान आर्मी द्वारा 15 दिन की कड़ी निगरानी में पूछताछ और पूरी तरह से संतुष्टि करने के बाद वेरसिंह कि मानसिक स्थिति को देखते हुए हिंदुस्तान की आर्मी बीएसएफ को सौपा था।

जहां हिंदुस्तान आर्मी द्वारा राजस्थान के केसरसिंगपुर थाना जिला गंगानगर में रखा गया। यहां पूरी कार्रवाई करने के बाद वेरसिंह को मंगलवार को केसरसिंगपुर थाना द्वारा परिजनों की उपस्थिति में बेड़िया पुलिस को सौंपा गया। जिसके बाद बड़वाह के कांग्रेस विधायक सचिन बिरला ने एक सप्ताह पूर्व वाहन सहित आर्थिक मदद कर पुलिस टीम के साथ परिजनों को राजस्थान रवाना किया था।

बुधवार को वेरसिंह सकुशल परिजनों के साथ घर पहुंच गया। जिसके बाद परिवार में भी खुशी की लहर है। वेरसिंह के परिजन इंदर पटेल ने कहा कि बेडिया पुलिस थाने द्वारा परिजनों को सूचना दी थी कि वेरसिंह भारत बार्डर पार करते हुए पाकिस्तान चला गया था। लेकिन उसे वापस लाने के लिए उनके पास न तो साधन था और न ही पैसे थे क्योंकि परिवार बेहद गरीब है, जिसके बाद बड़वाह के क्षेत्रीय विधायक सचिन बिरला और टीआई सौरभ बाथम द्वारा उनकी मदद की गई। जिनका हम शुक्रिया अदा करते है। वही बेडिया थाने के टीआई सौरभ बाथम ने बताया कि एसपी शेलेन्द्रसिंह चौहान के निर्देश वेरसिंह को सकुशल को घर पहुंचाया गया है। परिजनों में खुशी का माहौल है। फिलहाल वेरसिंह की मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने से वह यह नहीं बता पा रहा है कि वह पाकिस्तान कैसे पहुंचा था। वेरसिंह को वापस भारत लाने में भारत की बीएसएफ आर्मी के कमांडर का बहुत बड़ा योगदान रहा है।