लखीमपुर हिंसा मामले में एक और खुलासा, चश्मदीद बोला- भीड़ लहरा रही थी तलवारें; लगाए खालिस्तान जिंदाबाद के नारे

लखीमपुरी खीरी। उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के लखीमपुरी खीरी (Lakhimpur Kheri) में बीते 2 दिन पहले रविवार को किसानों और BJP कार्यकर्ताओं के बीच हुई हिंसक झड़प का आरोप केन्द्रीय राज्‍य मंत्री अजय कुमार मिश्रा टेनी (Union Minister of State Ajay Kumar Mishra Teni) के बेटे पर लग रहा है. इस मामले में उनके बेटे आशीष मिश्रा पर मामला दर्ज होने के बाद अब घटना के चश्मदीद ने नया खुलासा किया है. वहां पर मौजूद चश्मदीद सुमित जायसवाल ने बताया कि जिस समय ये घटना हुई वो एक खतरनाक मौत का मंजर था. उन्होंने कहा कि हम डिप्टी सीएम का स्वागत करने जा रहे थे लेकिन अचानक लोगों ने हमला कर दिया. सुमित ने कहा कि यदि वो मुझे पकड़ लेते तो मैं जिंदा आपके सामने नहीं होता, मेरी भी हत्या कर दी जाती. वहां पर लोग हाथों में तलवार और अन्य हथियार लहराते हुए खालिस्तान जिंदाबाद के नारे लगा रहे थे.

दरअसल, न्यूज 18 की रिपोर्टस के मुताबिक लखीमपुर खीरी हिंसा के बाद चश्मदीद ने बताया कि हमलावर गाड़ियों में मंत्री जी के बेटे आशीष मिश्रा को तलाश रहे थे, अगर वे गाड़ी में होते तो जिंदा नहीं बच पाते. मैं भी अपनी जान बचाने के लिए मौके से भाग निकला. सुमित ने बताया कि हम लोग जब जा रहे थे तो भीड़ ने सामने से हमला किया और हथियारों से मारना शुरू कर दिया. उन सभी लोगों के हाथ में तलवार, लाठी, डंडा लेकर हम लोगों की गाड़ी पर अटैक कर रहे थे, वे हमें जान से मारना चाहते थे. साथ ही चारों ओर मौजूद भीड़ खालिस्तान जिंदाबाद के नारे लगा रही थी. इसी दौरान मैं वहां से भाग निकला और अपनी जान बचाई. फिलहाल इस मामले में हमने केस दर्ज करवाया है.

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री और उनके बेटे पर लगा आरोप
गौरतलब है कि इस घटना के बाद दर्ज किए गए मामले में गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा और उनके बेटे आशीष मिश्रा उर्फ मोनू पर प्लान करके साजिश रचने का आरोप लगा है. इन दोनों के ही साथ FIR में 15 से 20 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है. इस FIR में हत्या और दुर्घटना में मौत की धाराएं भी लगाई गई हैं. इसी के साथ FIR में अजय मिश्रा के वायरल वीडियो का भी जिक्र किया गया है. FIR के मुताबिक जिस दिन थार गाड़ी से किसानों को टक्कर मारी गई उस गाड़ी में बाईं ओर आरोपी आशीष मिश्रा भी बैठा हुआ था.