राहुल गांधी बोलेः पेगासस का इस्तेमाल भारत के साथ देशद्रोह है, मोदी सरकार…

नई दिल्ली। देश में विपक्ष के नेताओं, अफसरों, जजों, पत्रकारों और एक्टिविस्ट की जासूसी के खिलाफ विपक्षी दल बुधवार को सड़क पर उतरे। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर संसद के बाहर प्रेस कॉन्फ्रेंस की उन्होंने कहा कि जासूसी के लिए पेगासस का इस्तेमाल भारत के साथ देशद्रोह है। हिंदुस्तान का पूरा विपक्ष यहां खड़ा हुआ है। हर पार्टी के नेता यहां हैं। हमें यहां आज क्यों आना पड़ा, क्योंकि हमारी अवाज को संसद में दबाया जा रहा है।

राहुल ने कहा- हमारा सिर्फ एक सवाल है। क्या हिंदुस्तान की सरकार ने पेगासस को खरीदा? हां या न। क्या हिंदुस्तान की सरकार ने अपने लोगों पर पेगासस हथियार का उपयोग किया। हां या न? हम सिर्फ ये जानना चाहते हैं। सरकार ने कहा है कि संसद में पेगासस पर कोई बात नहीं होगी। मैं देश के युवाओं से जानना चाहता हूं कि आपके मोबाइल पर नरेंद्र मोदी जी ने एक हथियार डाला है। मेरे खिलाफ, सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ, प्रेस के लोगों के खिलाफ, कार्यकर्ताओं के खिलाफ इस हथियार का प्रयोग हुआ। तो फिर क्या कारण है कि सदन में इस पर बात नहीं हो रही है।

आतंकियों-देशद्रोहियों के बजाय आम लोगों की जासूसी
हमारे बारे में कहा जाता है कि हम संसद की कार्रवाई को चलने नहीं दे रहे हैं। आपको विपक्ष के सभी नेता यहां बताएंगे कि हमारी सरकार से क्या मांगें हैं। जिस हथियार को आतंकवादियों और देशद्रोहियों के खिलाफ उपयोग किया जाना चाहिए उसका उपयोग नरेंद्र मोदी जी ने भारतीय संस्थाओं और लोकतांत्र के खिलाफ क्यों उपयोग किया।

हम संसद में सिर्फ इस मुद्दे पर ही बात करना चाहते हैं। यदि हमने अभी यह कह दिया कि अभी पेगासस पर बात नहीं करेंगे तो यह मुद्दा खत्म हो जाएगा। ये हमारे लिए राष्ट्रवाद का मामला है। ये एंटी नेशनल काम है। नरेंद्र मोदी जी और अमित शाह जी ने देश की आत्मा को चोट पहुंचाई है। हम सिर्फ इतना जानना चाहते हैं कि क्या सरकार ने इसका इस्तेमाल किया और सरकार ने किस-किस पर इसका इस्तेमाल किया?

क्या है पेगासस से जासूसी का मामला?
इजराइल की साइबर सिक्योरिटी कंपनी NSO का स्पायवेयर पेगासस फोन हैकिंग के लिए इस्तेमाल किया जाता है। पेगासस एक स्पायवेयर है। स्पायवेयर यानी जासूसी या निगरानी के लिए इस्तेमाल होने वाला सॉफ्टवेयर। इसके जरिए किसी फोन को हैक किया जा सकता है। हैक करने के बाद उस फोन का कैमरा, माइक, मैसेजेस और कॉल्स समेत तमाम जानकारी हैकर के पास चली जाती है। इस स्पायवेयर को इजराइली कंपनी NSO ग्रुप ने बनाया है।

पेगासस को किसी भी फोन या किसी अन्य डिवाइस में रिमोटली इंस्टॉल किया जा सकता है। सिर्फ एक मिस्ड कॉल करके भी आपके फोन में पेगासस को इंस्टॉल किया जा सकता है। इनता ही नहीं, वॉट्सऐप मैसेज, टेक्स्ट मैसेज, SMS और सोशल मीडिया के जरिए भी यह आपके फोन में इंस्टॉल किया जा सकता है।

भारत में किसकी जासूसी किए जाने का संदेह?
द गार्जियन और वाशिंगटन पोस्ट समेत 16 मीडिया ऑर्गनाइजेशन की एक संयुक्त रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत सरकार ने 2017 से 2019 के दौरान करीब 300 भारतीय मोबाइल नंबरों की जासूसी की है। रिपोर्ट में कहा गया कि सरकार ने पेगासस स्पायवेयर की मदद से पत्रकार, वकील, सामाजिक कार्यकर्ता, विपक्ष के नेता और बिजनेसमैन के फोन हैक किए थे।