यह चीजें एक बार खाते हैं जिंदगी के कम हो जाते हैं 8 मिनट, और ये चीजें बढ़ाती है उम्र

नई दिल्ली। मौजूदा लाइफस्टाइल को देखते हुए खान-पान की चीजों को लेकर गंभीर रहना जरूरी हो गया है क्योंकि लोगों की जीवन प्रत्यासा घटती जा रही है। इन चीजों में बाजार में महंगे दामों पर बिकने वाला पिज्जा भी है जो आपकी उम्र घटा रहा है। एक स्टडी के मुताबिक, पिज्जा का एक स्लाइस खाने से इंसान की जिंदगी के करीब 7-8 मिनट कम हो सकते हैं।

यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन के एक्सपर्ट ने खाने की कुछ चीजों की कैल्कुलेशन कार्बन फुटप्रिंट्स और पोषण के आधार पर की है। टेलीग्राफ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बादाम खाने से आपकी जिंदगी के खाते में 26 मिनट ज्यादा जुड़ सकते हैं।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पीनट बटर और जैम सैंडविच खाने से किसी इंसान की उम्र में आधे घंटे से ज्यादा का इजाफा हो सकता है। वहीं, पिज्जा समेत बेकॉन और बर्गर जैसी चीजें इंसान की जिंदगी को छोटा करने का काम कर रही हैं। एक्सपर्ट कहते हैं कि पिज्जा खाने से किसी इंसान की जिंदगी के लगभग 10 मिनट खत्म हो जाते हैं।

जर्नल नेचर फूड में प्रकाशित यह स्टडी स्वस्थ जीवन प्रत्याशा पर आधारित है। वैज्ञानिकों ने लगभग 6,000 मामलों में कई तरह के फूड, स्नैक्स और ड्रिंक्स के प्रत्यक्ष प्रभाव को कैल्कुलेट किया है। स्टडी के लेखकों ने लिखा, ‘हमने पाया कि अमेरिका में प्रतिग्राम प्रोसेस्ड मीट का सेवन करने वाले लोगों की औसत उम्र 0.45 मिनट कम हो रही है।’

इस लिहाज से एक हॉटडॉग सैंडविच में मौजूद 61 ग्राम प्रोसेस्ड मीट इंसान की जिंदगी के 27 मिनट कम कर सकता है। जबकि इसमें मौजूद सोडियम और ट्रांस फैट की अत्यधिक मात्रा एक अलग चिंता का विषय है। इसमें मौजूद पॉलीसैचुरेटेड फैट और फाइबर से होने वाले फायदों को कैल्कुलेट कर लें, तब भी फाइनल वेल्यू में हॉटडॉग हमारी जिंदगी के 36 मिनट कम करता है।

यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने कहा कि यह स्टडी न सिर्फ लोगों को एक हेल्दी लाइफ के प्रति जागरूक करेगी, बल्कि एनवायरोमेंट पर भी अच्छा असर पड़ेगा। शोधकर्ताओं ने हर फूड को एक ट्रैफिक लाइट रेटिंग दी है, जो बताती है कि हमें कोई फूड कम खाना चाहिए या ज्यादा।

अपनी बेहतरीन न्यूट्रिशनल वेल्यू की वजह से साल्मन फिश ने इसमें ग्रीन स्कोर किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, साल्मन फिश इंसान की जिंदगी में 16 मिनट जोड़ सकती है। हालांकि पर्यावरण पर असर को देखते हुए इसने ओवरऑल परफॉर्मेंस में रेड स्कोर किया है।

स्टडी के प्रमुख शोधकर्ता केटरीना स्टाइलियानु ने दावा किया कि प्लांट बेस्ड फूड का परफॉर्मेंस ज्यादा बेहतर होता है। प्लांट बेस्ड फूड और एनिमल बेस्ड फूड एक-दूसरे से काफी अलग होते हैं। कई एक्सपर्ट्स तो प्लांट बेस्ड प्रोटीन को एनिमल बेस्ड प्रोटीन से ज्यादा बेहतर बताते हैं।

पहले भी कई स्टडीज में ऐसा दावा किया जा चुका है कि प्रोसेस्ड मीट में पाए जाने वाले तत्वों की अक्सर पहचान करना मुश्किल होता है। इसमें मौजूद तत्व कैमिकल्स, कलर और शरीर को नुकसान पहुंचाने वाले स्वीटनर्स हो सकते हैं।

मिशिगन यूनिवर्सिटी के एक ग्राफ में बताया गया है कि केला खाने से इंसान की जिंदगी के साढ़े 13 मिनट बढ़ते हैं। वहीं, टमाटर जिंदगी के साढ़े तीन मिनट से ज्यादा बढ़ाता है। एवोकाडो खाने से भी जिंदगी के 2 मिनट 8 सेकेंड बढ़ते हैं। एक सॉफ्ट ड्रिंक पीने से आपकी जिंदगी के 12 मिनट 04 सेकेंड कम होते हैं।