मौलाना कलीम सिद्दीकी लेकर सनसनीखेज खुलासा, खाते में मिले…

लखनऊ। उत्तर प्रदेश एटीएस ने धर्मांतरण मामले में मौलाना कलीम सिद्दीकी को मेरठ से गिरफ्तार किया है। मौलाना कलीम सिद्दीकी ग्लोबल पीस सेंटर का और जमीयत-ए-वलीउल्लाह का अध्यक्ष है। इस मामले में मुफ्ती काजी और उमर गौतम की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है। दोनों से कलीम सिद्दीकी के लिंक मिले हैं। आरोप है कि विदेश से करोड़ों रुपये कलीम सिद्दीकी के खाते में आए थे।

एकाउंट में मिले 3 करोड़ रुपये
एटीएस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि मौलाना कलीम सिद्दीकी पर हवाला के जरिए अवैध धर्मांतरण के लिए फंडिंग जुटाने का आरोप है। आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर दिया गया है। मौलाना कलीम यूट्यूब के जरिए भी धर्मांतरण करने और धर्मांतरण के रैकेट में शामिल होने के लिए प्रेरित कर रहा था। मौलाना पर आरोप है कि वह लालच देकर लोगों को धर्मांतरण के लिए उकसाता था। वह अपना ट्रस्ट चलाने के साथ तमाम मदरसों को भी फंडिंग करता था। मौलाना कलीम को विदेशों से भारी धनराशि हवाला और अवैध तरीके से भेजी जाती थी। उमर गौतम और मुफ्ती काजी से उसके लिंक जुड़े हैं। एटीएस के मुताबिक, मौलाना कलीम के खाते में 1.5 करोड़ रुपये बहरीन से आए थे। उसके अकाउंट में कुल 3 करोड़ रुपये आए थे।

धर्मान्तरण मामले में 11 लोगों की हो चुकी है गिरफ्तारी
यूपी एडीजी प्रशांत कुमार ने बताया कि 20 जून को अवैध धर्मांतरण गिरोह संचालित करने वाले लोग गिरफ्तार किए गए थे। उमर गौतम और इसके साथियों को ब्रिटिश आधारित संस्था से लगभग 57 करोड़ रुपये की फंडिंग की गई थी। खर्च का ब्योरा अभियुक्त नहीं दे पाए। इस संबंध में आज के अभियुक्त को छोड़कर कुल 10 लोग गिरफ्तार हुए थे जिसमें से 6 के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है, 4 के खिलाफ जांच चल रही है।

गिरफ्तारी पर जताया विरोध
अमानतुल्लाह खान ने गिरफ्तारी पर विरोध जताते हुए लिखा कि ‘उत्तर प्रदेश में चुनाव से पहले अब मशहूर इस्लामिक स्कॉलर मौलाना कलीम सिद्दीकी को गिरफ्तार किया गया है, मुसलमानों पर अत्याचार बढ़ता जा रहा है। इन मुद्दों पर सेक्यूलर पार्टियों की खामोशी भाजपा को और मज़बूती दे रही है।’