मोदी सरकार दे रही 60 साल बाद दे रही 5 हजार रूपए महीने की पेंशन, जाने कैसे उठा सकते हैं लाभ

नई दिल्ली। केंद्र सरकार की इस योजना ने गैर सरकारी नौकरी, खेती-किसानी, दुकानदार, ठेला, रहड़ी और दुकान लगाने वालों के भी बुढ़ापे का खास ध्यान रखा है। इस योजना से जुड़ने वालों को 60 साल बाद 5000 रुपए महीने पेंशन मिलेंगे। यदि पति-पत्नी दोनों ने इस योजना का लाभ लिया है तो 60 साल बाद दंपति को 10,000 रुपए महीने की पेंशन मिलेगी। यदि पति या पत्नी में किसी की डेथ हो जाती है तो ये पेंशन पति या पत्नी (नॉमिनी) में जो जीवित होगा उसे मिलना शुरू हो जाएगी। सरकार की इस अटल पेंशन योजना (Atal pension yojana) की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है।

इस योजना से जुड़ने के लिए हर माह एक अपनी कमाई का एक छोटा सा हिस्सा Atal pension yojana में निवेश करना होगा। ये निवेश योजना का लाभ लेने वाले के उम्र के हिसाब से होता है। यानी यदि योजना का लाभ लेने वाले की उम्र 18 साल है तो उसे 210 रुपए महीने निवेश करने होंगे। माना कि पति की उम्र 24 साल और पत्नी की उम्र 21 साल है। तो पति को इस योजना में हर माह 346 रुपए और पत्नी को हर माह 269 रुपए जमा करने होंगे। ये पैसे 59 साल तक जमा करने होंगे। 60वें साल से पति-पत्नी दोनों को 10,000 रुपए महीने यानी 1 लाख 20 हजार रुपए सालाना की पेंशन आजीवन मिलने लगेगी।

ऐसे बढ़ रही योजना की लोकप्रियता:
इसके लिए केंद्र सरकार की अटल पेंशन योजना (Atal Pension Yojana) निवेश का अमाउंट में बड़ा नहीं है। ये उन परिवारों को ध्यान रखकर सरकार ने ये योजना शुरू की है जो छोटे-छोटे अमाउंट निवेश कर पाते हैं। जिनकी बचत काफी कम है। इस योजना की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। वर्ष 2020-21 में अटल पेंशन योजना और नेशनल पेंशन सिस्टम के खाताधारकों की संख्या में 23 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 31 मार्च 2021 तक इस योजना में कुल खाताधारकों की संख्या बढ़कर 4.24 करोड़ हो गई है।

योजना का लाभ लेने के लिए नियम और शर्तें:
इस योजना से जुड़ने के लिए न्यूनतम उम्र 18 साल और अधिकतम उम्र 40 साल होनी चाहिए। इसमें उम्र के हिसाब से मंथली प्रीमियम तय होता है। सबसे कम प्रीमियम 18 साल की उम्र में योजना का लाभ लेने पर देना पड़ता है। सबसे ज्यादा प्रीमियम 30 साल के ऊपर की उम्र वालों को देना पड़ता है। चूंकि पेंशन की न्यूनतम राशि 1000 मासिक और अधिकतम 5000 मासिक तय की गई है। प्रीमियम देते समय पेंशन की राशि को भी आधार बनाया जाता है। इस चार्ट से समझिए अलग-अलग उम्र में मंथली प्रीमियत की गणित-

यदि पेंशनधारक की मृत्यु हो गई तो…
इस योजना के तहत पेंशन ले रहे व्यक्ति की मृत्यु हो जाने पर वो पेंशन नॉमिनी को आजीवन मिलता रहेगा। यानी घर का कोई न कोई सदस्य इस पेंशन का लाभ लेता रहेगा। इस योजना के तहत पेंशन प्लान लेने पर इनकम टैक्स में सेक्शन 80 CCD (1B) के तहत निवेशक को 50,000 की इनकम टेक्स डिडक्शन प्रदान की जाएगी।

यदि 60 साल पहले धारक की मृत्य हो गई तो…
यदि पेंशन का लाभ लेने वाले की मृत्यु 60 साल से पहले हो जाती है उस अवस्था में भी पेंशन उसके नॉमिनी को प्रदान किया जाएगा। किसी भी बैंक में या पोस्ट ऑफिस में खाता खुलवाकर इसका लाभ लिया जा सकता है।