महाबली प्लेन, गाड़ियों का काफिला…20 साल बाद अफगानिस्तान पहुंचा तालिबानी राष्ट्रपति, देखें वीडियो

कंधार। अफगानिस्‍तान पर खूनी कब्‍जे के बाद तालिबान नेता मुल्‍ला अब्‍दुल गनी बरादर कतर से अपने संगठन के गढ़ रहे देश के कंधार शहर पहुंच गया है। बताया जा रहा है कि मुल्‍ला बरादर कमांडो सुरक्षा घेरे में कतर के सी-17 महाबली विमान से कंधार पहुंचा है जिसे अमेरिका ने बनाया है। हवाई अड्डे पर बरादर का तालिबान आतंकियों ने जोरदार स्‍वागत किया। इसके बाद मुल्‍ला बरादर का विशाल काफिला शहर से होते हुए रवाना हुआ। तालिबान आतंकियों ने मुल्‍ला बरादार के काफ‍िले के सुरक्षित गुजरने के लिए रास्‍ते को बंद कर दिया था।

मुल्‍ला बरादर के काफिले का वीडियो सोशल मीडिया में शेयर किया जा रहा है। इसमें नजर आ रहा है कि दर्जनों गाड़‍ियां कंधार हवाई अड्डे से शहर की ओर जा रही हैं। इस दौरान हूटर बज रहे हैं और कई लोग रास्‍ते मे खड़े होकर मुल्‍ला बरादर के कंधार में दाखिले को देख रहे हैं। कंधार वही शहर है जिसे तालिबान आंदोलन के जन्मस्थान के रूप में देखा जाता है। माना जा रहा है कि इसी वजह मुल्‍ला बरादर काबुल न जाकर सबसे पहले कंधार शहर पहुंचा है।

कंधार में तालिबानियों ने पटाखे फोड़े
तालिबान के प्रवक्‍ता ने भी पुष्टि की है कि मुल्‍ला बरादार कंधार शहर पहुंच गया है। बरादर के स्‍वागत में शहर में कई जगह तालिबानियों ने पटाखे फोड़े हैं। कहा जा रहा है कि बरादर तालिबान के नेताओं के अलावा पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई और अब्दुल्ला अब्दुल्ला के साथ बैठक करेगा। कहा जा रहा है कि मुल्ला बरादर को ही अफगानिस्तान का अगला राष्ट्रपति बनाया जाएगा। मुल्ला बरादर ने ही अपने बहनोई मुल्ला उमर के साथ मिलकर तालिबान की स्थापना की थी।

बरादर पाकिस्तानी जेल में 8 साल रहा कैद
तालिबान का सह-संस्थापक और मुल्ला उमर के सबसे भरोसेमंद कमांडरों में से एक मुल्ला अब्दुल गनी बरादर को 2010 में पाकिस्तान के कराची में गिरफ्तार कर लिया गया था। लेकिन, डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश और तालिबान के साथ डील होने के बाद पाकिस्तान ने इसे 2018 में रिहा कर दिया था। पाकिस्‍तानी मीडिया के मुताबिक बरादर उस समय के अफगानिस्‍तान के राष्‍ट्रपति हामिद करजई के साथ अकेले ही एक डील पर बात कर रहा था जो पाकिस्‍तान को नागवार गुजरा था। इसके बाद पाकिस्‍तान ने मुल्‍ला बरादर को जेल में डाल दिया था।

अफगान युद्ध का निर्विवाद नेता बना बरादर
तीन साल पहले जेल से रिहा होने के बाद तालिबान नेता अब्दुल गनी बरादर अफगानिस्तान में 20 साल से चल रहे युद्ध का निर्विवाद विजेता बनकर उभरा। बरादर का कद तालिबान के प्रमुख हैबतुल्लाह अखुंदजादा से नीचे है। इसके बावजूद उसे तालिबान का हीरो माना जा रहा है, वहीं अखुंदजादा अब भी पर्दे के पीछे से छिपकर ही अपने आतंकी संगठन को चला रहा है।

बरादर का बहनोई था मुल्ला उमर
अब्दुल गनी बरादर की जवानी अफगानिस्तान के निरंतर और निर्मम संघर्ष की कहानी है। 1968 में उरुजगान प्रांत में जन्मा बरादर शुरू से ही धार्मिक रूप से काफी कट्टर था। बरादर ने 1980 के दशक में सोवियत संघ के खिलाफ अफगान मुजाहिदीन में लड़ाई लड़ी। 1992 में रूसियों को खदेड़ने के बाद अफगानिस्तान प्रतिद्वंद्वी सरदारों के बीच गृहयुद्ध में घिर गया। जिसके बाद बरादर ने अपने पूर्व कमांडर और बहनोई, मुल्ला उमर के साथ कंधार में एक मदरसा स्थापित किया।

<blockquote class=”twitter-tweet”><p lang=”en” dir=”ltr”><a href=”https://twitter.com/hashtag/BREAKING?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw”>#BREAKING</a>: <a href=”https://twitter.com/hashtag/Taliban?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw”>#Taliban</a> released a video showing moment of arrival of its leader Mullah Baradar at <a href=”https://twitter.com/hashtag/Kandahar?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw”>#Kandahar</a>. He arrived on-board A7-MAP, a C-17A of <a href=”https://twitter.com/hashtag/Qatar?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw”>#Qatar</a> Air Force. His arrival onboard the airplane is symbolic because <a href=”https://twitter.com/hashtag/Qatar?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw”>#Qatar</a> is behind all the chaos taking place in <a href=”https://twitter.com/hashtag/Afghanistan?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw”>#Afghanistan</a> now. <a href=”https://t.co/yzXJp08Pii”>pic.twitter.com/yzXJp08Pii</a></p>&mdash; Babak Taghvaee – Μπάπακ Τακβαίε – بابک تقوایی (@BabakTaghvaee) <a href=”https://twitter.com/BabakTaghvaee/status/1427748669001019393?ref_src=twsrc%5Etfw”>August 17, 2021</a></blockquote> <script async src=”https://platform.twitter.com/widgets.js” charset=”utf-8″></script>