मरने के बाद 3 बार जिंदा श्मशान से लौट चुकी हैं ये महिला, इसकी कहानी जानकर आप भी सन्न रह जाएंगे

नई दिल्ली: भूत और प्रेत को लेकर हर इंसान की अपनी अलग अलग सोच है. इस दुनिया में बहुत सारे लोगों का भूतों और आत्मायों पर विश्वास है जबकि, ज्यादातर लोग इसको मन का वेहम मान कर इग्नोर कर देते हैं. बहरहाल, भूत सच में होते है या नहीं ये कह पाना तो बहुत मुश्किल है. हालाँकि आज तक साइंस भी भूतो को लेकर कुछ साबित नहीं कर पाई है. इसलिए आज भी भूत और प्रेत आत्माएं एक पहेली बन चुके हैं. जैसा कि हम सभी जानते ही हैं कि मरने के बाद इंसान की लाश को श्मशान घाट में जला दिया जाता है या फिर उसको दफना दिया जाता है. लेकिन, क्या कभी आपने किसी लाश को जिंदा होते हुए देखा है? अक्सर आपने हॉरर फिल्मों में भूतों और आत्मायों को आधी रात के समय श्मशान घाट से जगते हुए देखा होगा. लेकिन, क्या आपने कभी सोचा है कि कोई इंसान आधी रात को मर कर वापिस जिंदा हो जाए तो क्या होगा? आज हम आपके लिए एक ऐसी ही अजीबो गरीब घटना लेकर आये हैं. जिसको जानकर आपके रोंगटे खड़े हो जायेंगे…

दरअसल, आज हम आपको एक ऐसी महिला से रूबरू करवाने जा रहे हैं, जो श्मशान से तीन बार मर कर जिंदा वापिस लौट चुकी हैं. हालाँकि, आपको ये बात झूठी लग रही होगी परंतु, ये एकदम सच्ची घटना है. आपकी जानकारी के लिए हम आपको बता दें कि ये कहानी जून बुर्चेल नामक महिला की है जो गलती से तीन बार मुर्दाघर जा चुकी है. मिली जानकारी के अनुसार इस महिला को डॉक्टर तीनो बार मृत घोषित कर चुके हैं. इसके बावजूद भी वह हर बार जिंदा लौट चुकी हैं.

आपको ये जानकार हैरानी होगी कि जब जून छोटी थी तो वह काफी बीमार रहती थी. जिसके बाद उसको इलाज के लिए अस्पताल लेजाया गया. वहां डॉक्टर्स ने उसको मृत घोषित कर दिया . जब जून को होश आया तो उसने अपने पास काफी सारे मुर्दा लोगों को देखा. इसके बाद वह काफी सहम गई और घर लौट गई. इना ही नहीं बकी, अगले ही दिन बिलकुल ऐसा ही हादसा उसके साथ एक बार फिर से हुआ.

इस घटना के बाद डॉक्टर्स ने जांच में पाया कि जून को एक खतरनाक बीमारी है जिसका नाम कैटैप्लेसी है. ये बिमारी बिलकुल नार्कोलेपसी की तरह ही है. इस बीमारी के कारण जब भी जून इमोशनल होती है तो वह बेहोश हो जाती है. इतना ही नहीं बल्कि, उसको कईं बार कुछ ही घंटो में होश आ जाता है और कईं बार महीनो लग जाते हैं. कैटैप्लेसी दुनिया में सबसे खराब मामलों में से एक है.

जून ने बताया कि अब उन्हें मौत से जरा भी डर नहीं लगता. क्यूंकि, उनका हर दिन उनके लिए मौत के समान होता है. जून के अनुसार अब वह केवल एक ही बात से डरती हैं कि लोग उन्हें फिर से मृत समझ कर दफना ना दें. क्यूँ कि ऐसा उसके लिए काफी घटक सिद्ध होता है. आपकी जानकारीके लिए हम आपको बता दें इस दुनिया में इस बीमारी से लाखों लोग पीड़ित हैं. अभी तक इस बीमारी का इलाज नही मिल पाया है. लेकिन, विज्ञानी अपनी कोशिशों को लेकर आज भी इस बीमारी पर रिसर्च में जुटे हुए हैं.

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