भीम आर्मी से भी गठजोड़ करेगी समाजवादी पार्टी, इकट्ठा की छोटे दलों की भीड़

लखनऊ। भीम आर्मी (Azad Samaj Party) और समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) में गठबंधन तय माना जा रहा है। शुक्रवार को आजाद समाज पार्टी के मुखिया चंद्रशेखर ने लखनऊ में सपा कार्यालय जाकर अखिलेश यादव से मुलाकात की। मुलाकात के बाद चंद्रशेखर ने कहा कि भाजपा जैसी मायावी पार्टी को हराने के लिए एकता जरूरी है। उन्होंने कहा कि गठबंधन में सीटों की बात जल्द मिल बैठ कर तय कर ली जाएगी।

मुलाकात के बाद चंद्रशेखर ने एक ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से अपेक्षा की है कि वह सभी वर्गों के प्रतिनिधित्व और सम्मान का ध्यान रखेंगे। चंद्रशेखर ने लिखा कि एकता में बड़ा दम है। मजबूती और एकता के बगैर बीजेपी जैसी मायावी पार्टी को हराना आसान नहीं है। गठबंधन के अगुवा का दायित्व होता है कि वो सभी समाज के लोगों के प्रतिनिधित्व और सम्मान का ख्याल रखें। यूपी में दलित वर्ग अखिलेश यादव से इस जिम्मेदारी को निभाने की अपेक्षा रखता है।

सूत्रों की मानें तो सपा बड़े गठबंधन के बाद भी पश्चिमी यूपी में एक दलित चेहरे की कमी महसूस कर रही थी। चंद्रशेखर के गठबंधन में शामिल होने के बाद वह कमी पूरी हो जाएगी। पश्चिमी यूपी के दलित वोट बैंक पर चंद्रशेखर की मजबूत पकड़ मानी जाती है। चंद्रशेखर यूपी की राजनीति में दलित नेता मायावती के विकल्प के रूप में खुद को पेश करते रहे हैं। कई बार उन्होंने मायावती को भी निशाने पर लिया है।

माना जा रहा है कि शनिवार को समाजवादी पार्टी और आजाद समाज पार्टी के बीच गठबंधन पर बड़ी घोषणा हो सकती है। आजाद समाज पार्टी के अधिकृत ट्विटर हैंडल से इस संबंध में संकेत दिए गए हैं। पार्टी की ओर से कहा गया है कि पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद शनिवार को प्रेस कांफ्रेंस में बड़ी घोषणा कर सकते हैं। इसको लेकर आमंत्रण भेज दिया गया है। चंद्रशेखर की ओर से कही जाने वाली बातों पर अब हर किसी की नजर रहेगी।