भारतीय सेना ने काट डाला मसूद अजहर का एक हाथ कटा, खूंखार आतंकी लंबू ढेर

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। पुलवामा में सीआरपीएफ काफिले पर हुए फिदायीन हमले की आईईडी(इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) तैयार करने वाला खूंखार आतंकी इस्माइल भाई उर्फ लंबू शनिवार को मार गिराया गया है। मारे गए आतंकियों के पास से एक एके-47 राइफल और एक एम-4 राइफल बरामद हुई है।

लंबू साल 2018 के दिसंबर महीने में कश्मीर में दाखिल हुआ था। उसे पुलवामा जिले के त्राल एरिया में घूमते भी देखा गया था। श्रीनगर से 46 किलोमीटर दूर यह घोर आतंकवाद प्रभावित इलाका रहा है। इस आतंकी के साथी उसकी साढ़े छह फीट लंबाई की वजह से लंबू बुलाते थे। उसे मोनिकर फौजी बाबा भी बुलाया जाता है।

लंबू को जैश ने कश्मीर में अपने कमजोर होते नेटवर्क को मजबूत करने, आईईडी तैयार करने और नए लड़कों की भर्ती करने के लिए भेजा था। इसके अलावा वह फिदायीन (आत्मघाती हमलावर) तैयार करने के लिए युवाओं का ब्रेन वाश कर रहा था। लंबू जैश का आईईडी एक्सपर्ट था।

इस्माइल आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (जेइएम) के मुखिया मौलाना मसूद अजहर का करीबी रिश्तेदार था। गौरतलब हो कि 14 फरवरी, 2019 को हुए पुलवामा हमले में 40 सीआरपीएफ जवान शहीद हो गए थे। इस हमले को अंजाम देने में मसूद अहजर की मुख्य साजिश थी।

आतंकी कारी मुफ्ती यासिर के मारे जाने के बाद उसने कश्मीर में जैश-ए-मोहम्मद की बागडोर संभाली थी। लंबू ने पुलवामा हमले के लिए कार में बम फिट करने में अन्य हमलावरों की मदद की थी। दक्षिणी कश्मीर में लंबू के इशारे पर आतंकी हमलों को अंजाम दिया जाता था। विशेषकर आईईडी हमलों की साजिश वही रचता था।

आईजीपी कश्मीर जोन विजय कुमार ने बताया कि मारे गए आतंकियों में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा पाकिस्तानी आतंकवादी मोहम्मद इस्माल उर्फ लंबू भी शामिल है। लंबू मसूद अजहर के परिवार से था। वह लेथपोरा हमले की साजिश और योजना में शामिल था। फिदायीन हमले के दिन तक वह आदिल डार के साथ रहा, आदिल डार के वायरल वीडियो में उसकी भी आवाज थी। दूसरे आतंकी की पहचान की जा रही है। आईजीपी ने सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम को बधाई दी है।