बैंक कर्मचारियों को दिया मोदी सरकार ने तोहफा, फैमिली पेंशन बढ़ाई

नई दिल्‍ली। केंद्र सरकार ने बुधवार को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक कर्मचारियों को बड़ा तोहफा देने की घोषणा की है। सरकार ने बैंक कर्मचारियों के परिजनों को राहत देने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसके तहत वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैंक कर्मचारी की मृत्‍यु होने पर उसके परिवार के लिए मासिक फैमिली पेंशन बढ़ाकर कर्मचारी के अंतिम रूप से प्राप्त वेतन का 30 प्रतिशत किए जाने की घोषणा की है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के कामकाज की समीक्षा के दौरान संतोष व्‍यक्‍त करते हुए सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक कर्मचारियों के लिए फैमिली पेंशन बढ़ाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इससे पहले, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) के मृत कर्मचारियों के परिजन को पारिवारिक पेंशन के रूप में अधिकतम 9,284 रुपये मासिक पेंशन ही मिलती थी। इस निर्णय से पारिवारिक पेंशन बढ़कर 30,000 से 35,000 रुपये मासिक हो जाएगी।

NPS में बढ़ेगा बैंकों का योगदान
सरकार ने नई पेंशन योजना (NPS) में नियोक्ता बैंकों का योगदान 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 14 प्रतिशत किए जाने की घोषणा भी की। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक कर्मचारियों के वेतन संशोधन पर 11वें द्विपक्षीय समझौते में राष्ट्रीय पेंशन योजना के तहत पारिवारिक पेंशन वृद्धि और नियोक्ता के योगदान की बढ़ोतरी का भी प्रस्ताव था। इसे स्वीकार कर लिया गया है। समझौते पर भारतीय बैंक संघ (आईबीए) ने 11 नवंबर, 2020 को बैंकों के श्रमिक संगठनों के साथ हस्ताक्षर किए थे। आधिकारिक बयान के अनुसार बढ़ी हुई पारिवारिक पेंशन से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक कर्मचारियों के हजारों परिवार लाभान्वित होंगे, जबकि नियोक्ताओं के योगदान में वृद्धि से नई पेंशन योजना के तहत बैंक कर्मचारियों को वित्तीय सुरक्षा में बढ़ोतरी होगी।

कई बैंक आए लाभ में
सार्वजनिक क्षेत्र के कई बैंक अब लाभ में आ चुके हैं। इससे उन पर निवेशकों का भरोसा बढ़ा है और वे पूंजी जुटाने के मामले में आत्मनिर्भर हुए हैं। पिछले साल से बैंकों ने सामूहिक रूप से 69,000 करोड़ रुपये जुटाये। इसमें 10,000 करोड़ रुपये इक्विटी पूंजी शामिल है। वे 12,000 करोड़ रुपये और जुटाने की प्रक्रिया में हैं।

बैड बैंक को जल्‍द मिलेगा लाइसेंस
राष्ट्रीय संपत्ति पुनर्निर्माण कंपनी (बैड बैंक) के मामले में प्रगति के बारे में सीतारमण ने कहा कि इसका पंजीकरण हो गया है और भारतीय बैंक संघ (आईबीए) लाइसेंस के लिए आरबीआई के पास गया है। जल्द ही लाइसेंस मिलने की उम्मीद है। बीमा कंपनियों में हिस्सेदारी कम करने की योजना के बारे में वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ऐसी कंपनियों में न्यूनतम हिस्सेदारी रखेगी। उन्होंने यह भी कहा कि कर्मचारियों को घबराने की जरूरत नहीं है, सरकार उनकी चिंताओं को लेकर संवेदशील है।