बनते.बनते फिर बिगड़ी बात? पंजाब में सिद्धू की “ताजपोशी” पर अब इन्होने फंसाया पेच!

चंडीगढ़: पंजाब में कांग्रेस का घमासान खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को जहां खबरें आई थीं कि सिद्धू और कैप्टन अमरिंदर के बीच सुलह हो गई है। दोनों के बीच सुलह का फॉर्म्युला भी तैयार कर लिया गया था, लेकिन रविवार को अचानक फिर से नया विवाद सामने आया है। बताया जा रहा है कि राज्य के पूर्व अध्यक्ष प्रताप सिंह बाजवा नहीं चाहते हैं कि सिद्धू को पंजाब की कमान दी जाए, इसलिए वह दिल्ली में उनके खिलाफ बैठक करने जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस सिलसिले में सोनिया गांधी से चर्चा के लिए समय भी मांगा गया है।

पंजाब कांग्रेस में तकरीबन पिछले दो महीने से मचे जबरदस्त घमासान के बाद शनिवार को सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह और पूर्व क्रिकेटर व राजनेता नवजोत सिंह सिद्धू के बीच सुलह का रास्ता खुलता दिखाई दिया। कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने करीब 30 मौजूदा विधायकों और मंत्रियों से मुलाकात की थी।

सिद्धू के खिलाफ पंजाब के सांसदों में क्यों नाराजगी?
इस बीच मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि पंजाब कांग्रेस के सांसदों ने सोनिया गांधी को संदेश भेजा है कि नवजोत सिंह सिद्धू को प्रदेश अध्यक्ष न बनाया जाए। सांसदों ने अपने संदेश में लिखा कि हमें सिद्धू मंजूर नहीं हैं। सांसदों ने नवजोत सिंह सिद्धू को कथित रूप से ‘जोकर’ बताया।

बाजवा और सिद्धू के बीच नहीं बनी बात?
नवजोत सिंह सिद्धू को पंजाब प्रदेश कांग्रेस समिति का अध्यक्ष बनाए जाने की अटकलों के बीच वह शनिवार को पूर्व अध्यक्ष प्रताप सिंह बाजवा से मिले थे। मुख्यमंत्री के आलोचक रहे बाजवा ने अमरिंदर सिंह से उनके आवास पर मुलाकात की। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब सिद्धू ने पंजाब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुनील जाखड़ और मुख्यमंत्री के वफादारों सहित कई अन्य विधायकों के साथ बैठकें कीं।

सिद्धू के खिलाफ एक हुए बाजवा और अमरिंदर!
कैप्टन अमरिंदर सिंह और प्रताप सिंह बाजवा के बीच का विवाद किसी से छिपा नहीं। विधानसभा चुनाव के पहले से लेकर बाद तक बाजवा अमरिंदर के खिलाफ रहे और लगातार उनके खिलाफ बयानबाजी करते रहे। बताया जा रहा है कि अब सिद्धू मामले में अमरिंदर और बाजवा एक हो गए हैं।

बाजवा से सिद्धू की मुलाकात, पर नहीं बनी बात
राज्यसभा सांसद बाजवा से अब राज्य के सभी राज्यसभा और लोकसभा सदस्य मिलने पहुंच रहे हैं। बताया जा रहा है कि मुलाकातों का यह सिलसिला पंजाब में कुछ बड़े राजनीतिक समीकरणों को लेकर है। बाजवा नहीं चाहते हैं कि सिद्धू को पंजाब की कमान दी जाए। बैठक में तय होगा कि सोनिया गांधी से बैठक का समय लेकर उनसे मांग की जाए कि सिद्धू को पंजाब कांग्रेस की कमान न दी जाए।

सुलह का यह फॉर्म्युला हुआ था तैयार
सूत्रों के मुताबिक सिद्धू और अमरिंदर के बीच सुलह का एक फॉर्म्युला तैयार हुआ है, जिसमें सिद्धू को पंजाब की कमान सौंपने के साथ ही संगठन में चार कार्यकारी अध्यक्ष बनाने की बात भी है। इनके जरिए पार्टी पंजाब में जातिगत समीकरणों को साधने का काम करेगी।

पंजाब में सियासी संकट पर कई मुलाकातें
कांग्रेस नेता नवजोत सिधू शनिवार सुबह पटियाला निवास से निकले और सीधे पंचकूला स्थित पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष सुनील जाखड़ के निवास पर पहुंचे। करीब 40 मिनट तक बंद कमरे में बैठक के बाद बाहर आकर सिद्धू और जाखड़ एक दूसरे से गले मिले।

इसके बाद सिद्धू चंडीगढ़ पहुंचे और पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिद्धू, जेल मंत्री सुखजिंदर रंधावा के साथ भी बैठक की। नवजोत सिद्धू ने पंजाब मंडी बोर्ड के चेयरमैन ओर पूर्व वित्त मंत्री लाल सिंह के अलावा कैप्टन अमरिंदर सिंह से नाराज चल रहे एक दर्जन विधायकों के साथ भी मुलाकात की।