‘प्रियंका गांधी अपनी सीट तय कर लें, जहां से लड़ेंगी वहीं से मैं भी लड़ूंगा चुनाव’

रायबरेली। एमएलसी दिनेश प्रताप सिंह (MLC Dinesh Pratap Singh) ने कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी के हाल के यूपी दौरे को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि प्र‍ियंका का दो दिवसीय दौरा एक दिन में समाप्त हो गया था क्योंकि जनता उनसे मिलना नहीं चाहती। एमएलसी ने गांधी परिवार को सुविधा भोगी परिवार भी बताया है। साथ ही उन्‍होंने कहा क‍ि प्रियंका गांधी जिस विधानसभा से चुनाव लड़ेंगी। वहां से मैं भी अपनी पार्टी से टिकट लेकर चुनाव की तैयारी करूंगा।

‘जनता की सेवा नहीं करना चाहता गांधी परिवार’
एमएलसी दिनेश प्रताप सिंह ने कहा क‍ि गांधी पर‍िवार के लोग जनता की सेवा नहीं करना चाहते हैं। अगर कोई मेहनत कर रहा है तो वह बीजेपी के लोग हैं। वह ही आज धरातल पर मेहनत करते नजर आ रहे हैं। यूपी के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री लगातार मेहनत करते आ रहे हैं। एमएलसी ने प्रियंका गांधी पर रायबरेली से चुनाव लड़ने पर कहा कि अगर कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव किसी भी विधानसभा से रायबरेली में चुनाव लड़ेंगी तो मैं बीजेपी से अनुरोध करूंगा क‍ि वह मुझे उसी विधानसभा से टिकट दे और मैं प्रियंका गांधी के सामने चुनाव में खड़ा होऊंगा।

एमएलसी ने गांधी परिवार पर लगाए गंभीर आरोप
रायबरेली के बीजेपी एमएलसी दिनेश प्रताप सिंह ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्‍होंने कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी के रायबरेली के दो दिवसीय दौरे पर बयान देते हुए कहा कि वह दो दिवसीय दौरा नहीं था। वह केवल एक दिवसीय दौरा ही था। दूसरे दिन प्र‍ियंका गांधी ने जनता से मुलाकात ही नहीं की और वह सुबह ही रवाना हो गईं थी। क्‍योंक‍ि जिले की जनता उनसे मिलने ही नहीं पहुंची। उन्होंने कहा कि सौ लोग भी अगर हो जाते तो वह दूसरे दिन दिल्ली रवाना नहीं होती।

रायबरेली से अचानक दिल्ली लौटीं प्रियंका गांधी

गांधी पर‍िवार को बताया सुख सुविधा पूर्ण जिंदगी जीने वाला
एमएलसी ने गांधी परिवार पर सुख सुविधा पूर्ण जिंदगी जीने का भी आरोप लगाया। उन्‍होंने कहा कि जो सुख सुविधा पूर्ण जिंदगी जीता है, वह जनता तक पहुंच नहीं बना पाता है। उन्होंने कहा कि अब इस देश में जो परिश्रम करेगा जनता उसका ही सम्मान करेगी। देश में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और सोनिया गांधी सुख सुविधा पूर्ण जिंदगी जीने वाले हैं इसलिए अब जनता इनको सम्मान नहीं देनी वाली है।