पागलपन की सारी हदें पार, राक्षस बनने वाले थे मेरे बच्चे, इसलिए उतार दिया मौत के घाट

वॉशिंगटन: हमारी दुनिया में सिरफिरों की कमी नहीं है और ऐसे लोगों की तो बिल्कुल कमी नहीं है, जो दिमागी पागलपन में ऐसा ऐसा कदम उठाते हैं, जिसे देख पूरी दुनिया हैरान रह जाती है। अमेरिका के एक शख्स ने अपने दो बच्चों को बेरहमी से इसलिए मार डाला, क्योंकि वो सोचता था कि उसके बच्चों के डीएनए सांपों जैसा है और ये आगे जाकर इस दुनिया के लिए ‘राक्षस’ साबित होगा।

अमेरिका में 40 साल के एक सनकी शख्स ने अपने दो बच्चों को मछली परड़ने वाली भाला बंदूक से मारकर जान ले ली। आरोपी शख्स ने बच्चों को मौत के घाट उतारने के बाद कहा कि वो क्वानऔर दुनिया के खिलाफ हो रही साजिशों को लेकर काफी सतर्क है और वो नहीं चाहता है कि कोई इस दुनिया को नुकसान पहुंचाए, इसलिए उसने अपने बच्चों की जिंदगी छीन ली।

मैथ्यू टेलर कोलमैन नाम के शख्स पर बुधवार को दो बच्चों की हत्या का आरोप लगा है। एक बच्चे की उम्र 2 साल है, जबकि दूसरे बच्चे की उम्र सिर्फ 10 महीने थी। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका का ये शख्स अपनो दोंनों बच्चों को लेकर अमेरिका से मैक्सिको चला गया था और वहीं पर उसने अपने दोनों बच्चों की हत्या कर दी। कैलिफोर्निया में एक सर्फिंग स्कूल के मालिक कोलमैन ने अधिकारियों को बताया कि ”वह जानता था कि वह गलत कर रहा है, लेकिन इस दुनिया को बचाने का उसके पास सिर्फ एक ही तरीका था”। आरोपी शख्स ने जांच अधिकारियों को कहा है कि ”अपने बच्चों की जान लेकर मैंने राक्षसों से दुनिया की रक्षा की है”।

न्यूज एजेंसी एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी बाप कोलमैन ने ना सिर्फ अपना गुनाह कबूल है, बल्कि उसने जांच अधिकारियों को कहा कि ”मुझे पूरा विश्वास था कि मेरे दोनों बच्चे, जो विकसित हो रहे हैं, वो आगे जाकर राक्षस बन जाते, इसीलिए उन्हें मारना पड़ा”। उसने जांच अधिकारियों को कहा कि ”वह QAnon और इलुमिनाती साजिश के सिद्धांतों को अच्छी तरह से जानता था और उसे दर्शन और संकेत मिल रहे थे, जिससे पता चलता है कि उसकी पत्नी के पास सर्प डीएनए था और बच्चों का डीएनएन भी सर्प डीएनए ही होगा”। जांच अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि आरोपी शख्स का मानना ​​है कि वह “दुनिया को राक्षसों से बचा रहा है”।

रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी बाप कोलमैन की पत्नी ने 7 अगस्त को सांता बारबरा पुलिस को सूचना दी थी कि, उसका पति बच्चों को साथ लेकर पारिवारिक गाड़ी में कहीं चला गया है। उसने कहा कि कोलमैन ने उसे बताया कि वह उन्हें शिविर में ले जा रहा है, लेकिन कहां ले जा रहा है, उसके बारे में उसे कुछ नहीं बताया। पत्नी ने रिपोर्ट में कहा कि घर से निकल जाने के बाद उसने उसके फोन या मैसेज का जवाब देना बंद कर दिया था। अदालत के हलफनामे के अनुसार, कोलमैन की पत्नी ने कहा कि ”मुझे नहीं पता था कि मेरे पति से मेरे बच्चों को कोई खतरा था और कोलमैन के साथ कोई दिक्कत भी नहीं था और ना ही झगड़ा हुआ था, इसीलिए उसे एक पल भी नहीं लगा कि वो बच्चों की जान लेने जा रहा है”

रिपोर्ट के मुताबिक, पत्नी की शिकायत के आधार पर आरोपी कोलमैन के फोन को ट्रैक किया गया तो पता चला कि वो मैक्सिको में है, जिसके बाद लगातार उसकी तलाश की जा रही थी और फिर मैक्सिको से अमेरिका लौटते वक्त सीमा पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। एफबीआई ने आरोपी बाप पर अमेरिकी नागरिकों की विदेश में ले जाकर हत्या का इल्जाम भी लगाया है।

आपको बता दें कि क्यूएनएन ग्रुप दरअसल ऐसे लोगों का समूह है जो एक खास तरह की षणयंत्रकारी विचार (कॉन्सपिरेसी थ्योरी) में यकीन रखते हैं। इस समूह के बारे में लॉकडाउन के दौरान काफी जानकारी आई थी। क्यूएनन लोगों के मुताबिक दुनिया दरअसल जैसी दिख रही है वैसी है नहीं और वर्तमान व्यवस्था बहुत ही खराब है जिसे बचाने के जरूरत है। इस थ्योरी के मानने वालों के मुताबिक दुनिया को पीडोफाइल लोगों का एक समूह चला रहा है। पीडोफाइल ऐसे लोगों को कहते हैं जो बच्चों के साथ यौन शोषण करते हैं और बाल यौन शोषण की गतिविधियों में लिप्त रहते हैं। QAnon लोगों का मानना है कि दुनिया ऐसे ही यौनविकृत पीडोफाइल लोगों के हाथों में चली गई है। इसमें बड़े-बड़े लोग जिनमें राष्ट्राध्यक्ष तक शामिल हैं।

क्यूएनन के बारे में उस समय चर्चा तेज हुई थी जब पिछले साल अक्टूबर में यूट्यूब ने घोषणा की थी वह क्यूएनन थ्योरी को सपोर्ट करने वाले ट्रंप समर्थक वीडियोज के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें अपने प्लेटफॉर्म से हटा रहा है। वहीं अगस्त में फेसबुक ने भी क्यूएनन समूह पर प्रतिबंध लगाने की बात कही थी। एफबीआई ने क्यूएनन को घरेलू खतरा बताते हुए कहा था कि यह देश के अंदर मौजूद अतिवादी तत्वों को देश में हिंसक गतिविधियों में शामिल होने के लिए प्रेरित कर सकता है।
क्यूएनन विचार के मानने वाले तो लंबे समय से हैं लेकिन ये शब्द 2017 में तब चर्चा में आया जब एक अज्ञात यूजर ने Q क्लीयरेंस सर्च नाम से इस कॉन्सपिरेसी थ्योरी के बारे में पोस्ट करना शुरू किया। Q ने खुद को अमेरिका ऊर्जा विभाग से टॉप सीक्रेट सूचना हासिल करने का दावा करते हुए इस बारे में लिखना शुरू किया। क्यू न सिर्फ ट्रम्प प्रशासन ने उच्च स्तर की खुफिया जानकारी होने का दावा करने लगा बल्कि खुद को एक अधिकारी भी बताया। इसके बाद इस नाम से 4chan पर