पाकिस्तान के नाम एक और बदनामी, इस मामले में बना दुनिया का चौथा सबसे खराब देश

नई दिल्ली। भारत के खिलाफ जहर उगलने और आतंक (Terror) को पनाह देने वाले पाकिस्तान के लिए बुरी खबर है. पाकिस्तान (Pakistan) एक बार फिर पासपोर्ट (Passport) के मामले में सबसे खराब देशों की सूची (List) में शुमार हो गया है. हेनली पासपोर्ट इंडेक्स में पाकिस्तान के पासपोर्ट को दुनिया का चौथा सबसे खराब पासपोर्ट घोषित किया गया है.

पाकिस्तानी पासपोर्ट की असलियत आई सामने
हेनले पासपोर्ट इंडेक्स 2022 के अनुसार, पाकिस्तानी पासपोर्ट को लगातार तीसरे साल अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए चौथा सबसे खराब स्थान दिया गया है. पाकिस्तानी पासपोर्ट के साथ दुनिया भर में केवल 31 गंतव्यों (Destinations) तक वीजा-मुक्त या वीजा-ऑन-अराइवल पहुंच है. पीएम इमरान खान (PM Imran Khan), जो पाकिस्तान को ‘रियासते मदीना’ बनाना चाहते थे, उनके शासनकाल में पाकिस्तानी पासपोर्ट की औकात और खराब हुई है और पाकिस्तानी पासपोर्ट को 108वें नंबर पर रखा गया है. पाकिस्तानी नागरिक अपने पासपोर्ट के साथ सिर्फ 31 देशों की ही वीजा फ्री (Visa Free) यात्रा कर सकते हैं. वहीं, सीरिया 109, इराक 110 और अफगानिस्तान 111वें नंबर पर हैं.

पाकिस्तान 108वें स्थान पर
द न्यूज इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार, हेनले पासपोर्ट इंडेक्स, जो दुनिया के सभी पासपोर्ट्स की रैंकिंग है, उन गंतव्यों की संख्या के अनुसार, जहां उनके धारक बिना पूर्व वीजा (Without Prior Visa) के पहुंच सकते हैं, पाकिस्तान को 108 वें स्थान पर रखा गया है. हेनले एंड पार्टनर्स फर्म का हेनले पासपोर्ट इंडेक्स 2006 से नियमित रूप से दुनिया के सबसे अधिक यात्रा-अनुकूल पासपोर्ट (Travel-Friendly Passport) की निगरानी कर रहा है. हेनले पासपोर्ट इंडेक्स साल 2006 से हर साल पासपोर्ट को लेकर रैंकिंग (Ranking) जारी करता है, जिससे पता चलता है कि, किस देश का पासपोर्ट दुनिया में सबसे ज्यादा स्वतंत्र (Independent) है.

पासपोर्ट रैंकिंग पर कोविड का असर
हालांकि, पिछले 16 साल के दौरान पिछले 2 सालों से कोविड महामारी (Covid Pandemic) की वजह से पासपोर्ट रैंकिंग (Passport Ranking) और भी ज्यादा जरूरी हो गई है. पासपोर्ट की रैकिंग में कोविड महामारी की वजह से लगाए जा रहे प्रतिबंधों को शामिल नहीं किया गया है. हेनले पासपोर्ट इंडेक्स-2022 की रिपोर्ट में जापान (Japan) और सिंगापुर (Singapore) को 192 देशों में पहले नंबर पर रखा गया है. बता दें कि जापान और सिंगापुर के पासपोर्ट धारक 192 देशों की वीजा फ्री यात्रा कर सकते हैं.

इन देशों में वीजा फ्री यात्रा
इसमें अफगान नागरिकों की तुलना में 166 ज्यादा गंतव्य (Destinations) हैं, जो 199 पासपोर्ट के सूचकांक (Index) में सबसे नीचे है और अफगान नागरिक बिना अग्रिम वीजा (Advance Visa) की आवश्यकता के सिर्फ 26 देशों तक पहुंच सकते हैं. हेनले पासपोर्ट इंडेक्स के अनुसार, दक्षिण कोरिया और जर्मनी विश्व के 190 देशों में वीजा फ्री यात्रा कर सकते हैं और ये दोनों देश दूसरे स्थान पर हैं, जबकि फिनलैंड, इटली, लक्जमबर्ग और स्पेन सभी एक साथ तीसरे स्थान पर हैं. इन सभी देशों के लोग विश्व के 189 देशों में वीजा फ्री यात्रा कर सकते हैं.

यूरोपीय संघ के देशों ने जमाया कब्जा
यूरोपीय संघ (The European Union) के देश हमेशा की तरह सूची में शीर्ष स्थान पर कब्जा जमाए हुए हैं और फ्रांस, नीदरलैंड और स्वीडन एक स्थान और आगे बढ़कर चौथे स्थान पर ऑस्ट्रिया और डेनमार्क के साथ शामिल हो गए हैं. इन देशों के लोग 188 देशों की यात्रा वीजा फ्री कर सकते हैं. इंडेक्स में आयरलैंड और पुर्तगाल पांचवें स्थान पर हैं. वहीं, संयुक्त राज्य अमेरिका और यूनाइटेड किंगडम, जिन्होंने 2014 में एक साथ शीर्ष स्थान हासिल किया था, उनकी रैंकिंग कम हो गई है और साल 2022 की रैकिंग में ये दोनों देश छठे स्थान पर हैं.

भारत की स्थिति में 2021 की तुलना में हुआ सुधार
2021 की तुलना में 2022 की पहली तिमाही (First Quarter) में भारत की पासपोर्ट शक्ति में सुधार हुआ है. अब यह हेनले पासपोर्ट इंडेक्स में 83वें स्थान पर है, जो पिछले साल 90वें स्थान पर था. हालांकि, 2020 में भारतीय पासपोर्ट (Indian Passport) का रैंक 84 आंका गया था, जबकि 2016 में भारत (India), माली (Mali) और उज्बेकिस्तान (Uzbekistan) के साथ 85वें स्थान पर था.