देसी घी को सेहतमंद बनाने के लिए इसमें डालें ये 5 चीजें, मिलेगा बेहतरीन रिजल्ट

नई दिल्ली: देसी घी (Desi Ghee) के बिना भारतीय भोजन का स्वाद अधूरा माना जाता है. इसलिए भारतीय घी को सदियों से अपने भोजन का अभिन्न हिस्सा मानते रहे हैं. घी में मौजूद विटामिन, कैल्शियम, फॉस्फोरस, मिनरल और पोटैशियम जैसे पोषक तत्व हमारे शरीर को कई तरह के फायदे पहुंचाते हैं. वहीं दाल, करी या सब्जी बनाते वक्त घी का इस्तेमाल करने से खाने का स्वाद कई गुना बढ़ जाता है. लेकिन अगर आप घी के हेल्थ रेशियो को एक पायदान ऊपर ले जाना चाहते हैं, तो यहां पांच सामग्रियां हैं जिन्हें आप इसमें मिला सकते हैं. चलिए जानते हैं उनके बारे में…

दालचीनी वाला घी
आप घी में दालचीनी मिला सकते हैं. दालचीनी में एंटी-वायरल और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं जो हमारे शरीर को बीमारियों से बचाकर रखने में मदद करेंगे. इससे न सिर्फ ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल रखने में मदद मिलेगी बल्कि पेट से जुड़ी कई समस्याएं भी समाप्त हो जाएंगी. सबसे पहले एक पैन में घी लें और फिर उसमें 2 दालचीनी की स्टिक डालें. मध्यम आंच पर घी को 4-5 मिनट तक गर्म करें और फिर इसे पूरी तरह से ठंडा होने दें. इससे घी दालचीनी के स्वाद को सोख लेगा. वहीं अगर आप घर पर मक्खन से घी बना रहे हैं, तो बस मक्खन को उबालते समय दालचीनी की स्टिक इसमें डालें और बाद में मिक्सचर को शुद्ध घी पाने के लिए छान लें.

सूजन घटाएगा हल्दी वाला घी
घी में हल्दी मिलाने का सुझाव कई न्यूट्रीशनिस्ट देते हैं. उनके अनुसार, घी में हल्दी मिक्स करने से नई ब्लड वेसेल्स (Blood Vessels) के निर्माण में मदद मिलती है और प्राकृतिक रूप से शरीर की सूजन का इलाज भी होता है. हल्दी के स्वाद वाला घी बनाने के लिए आपको एक 1 कप घी लेना होगा. उसे जार में डालें और फिर उसमें 1 टीस्पून हल्दी, 1/2 टीस्पून काली मिर्च पाउडर डालकर मिक्स करें. इस मिक्सचर को एक एयर टाइट जार में भरकर रख लें और रोजाना इसका इस्तेमाल करें.

घी बनाते वक्त डालें तुलसी की पत्ती
अगर आप घर पर मक्खन से घी बनाते हैं, तो आप जानते होंगे कि उबालते समय इससे जो गंध निकलती है, वो काफी खराब होती है. उबलते मक्खन की तेज गंध को कम करने के लिए, बस तुलसी के कुछ पत्तों को फाड़ दें और उन्हें उबलते मक्खन में मिला दें. ये न केवल दुर्गंध को कम करेगा बल्कि फाइनल रिजल्ट, यानी घी, गंध को और भी अच्छा बना देगा. तुलसी घी में एक अनूठी जड़ी-बूटियों का सार जोड़ देगी. तुलसी एक आसानी से उपलब्ध होने वाली जड़ी-बूटी है जिसके कई फायदे हैं. इम्युनिटी बूस्ट करने, ब्लड को शुद्ध करने और आंखों के स्वास्थ्य को बढ़ावा देने से लेकर सामान्य फ्लू के इलाज तक, रेस्पिरेटरी संबंधी समस्याओं का इलाज करने और ब्लड शुगर को कम करने तक, तुलसी ये सब कर सकती है.

घी बनाते वक्त डालें कपूर
घी में कपूर मिलाने के अनेक फायदे हैं. कपूर का स्वाद कड़वा-मीठा होता है और कहा जाता है कि ये तीनों दोषों वात, पित्त और कफ को संतुलित करता है. ये पाचन शक्ति को बढ़ा सकता है, आंतों के कीड़ों का इलाज कर सकता है, बुखार को रोक सकता है, हृदय गति को नियंत्रित कर सकता है और यहां तक ​​कि अस्थमा के रोगियों को भी लाभ पहुंचा सकता है. कपूर का घी बनाने के लिए घी में 1-2 टुकड़े खाने योग्य कपूर डालकर 5 मिनिट तक गर्म कर लीजिए. अब घी को ठंडा होने दें और फिर इसे एयरटाइट जार में छान लें. कपूर की महक काफी तेज होती है और ये घी के स्वाद पर हावी हो सकती है, इसलिए इससे सावधान रहें.

लहसून का घी भी फायदेमंद
लहसुन का घी काफी स्वादिष्ट और खुशबूदार होता है. अगर आप लहसुन के शौकीन हैं तो लहसुन से भरा ये घी आपको जरूर ट्राई करना चाहिए. लहसुन को एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट कहा जाता है जो न केवल शरीर में सूजन को कम कर सकता है बल्कि हाई ब्लडप्रेशर को भी कंट्रोल करता है. लहसुन का घी बनाने के लिए, एक कड़ाही में कटा हुआ लहसुन लौंग के साथ थोड़ा सा घी डालें. आंच धीमी रखें और 4-5 मिनट तक चलाएं. घी के अच्छे से गर्म होने के बाद, गैस बंद कर दीजिये, कढ़ाई को ढक्कन से ढंक दीजिये और घी को लहसुन के सारे स्वाद को सोखने दीजिए. अब किसी कांच के जार में मलमल का कपड़ा या छलनी रखें और उसमें घी छान लें. सुनिश्चित करें कि जार एयरटाइट है

(नोट: किसी भी उपाय को करने से पहले हमेशा किसी विशेषज्ञ या चिकित्सक से परामर्श करें.)