देश के इन राज्यों में अलर्ट जारी, अगले 12 घंटे तबाही मचा सकता है चक्रवाती तूफान

नई दिल्ली। भारत में एक बार फिर कोरोना वायरस संकट के बीच तटीय राज्यों पर चक्रवात का खतरा मंडराने लगा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने शनिवार को उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश के जिलों और ओडिशा के दक्षिणी हिस्सों में समुद्री चक्रवात की आशंका जताते हुए एसाइक्लोन अलर्ट जारी किया है। अपने लेटेस्ट अपडेट में आईएमडी ने कहा कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र बनाया गया, जिसकी वजह से जो अगले 12 घंटों में एक चक्रवाती तूफान में तेज होने की संभावना है।

पिछले साल भी तूफान ने मचाई थी तबाही
गौरतलब है कि पिछले साल भारतीय तटों पर एक के बाद एक कई समुद्रीय चक्रवातों ने तबाही मचाई थी। साल 2020 में बंगाल की खाड़ी ने तीन चक्रवाती तूफान उत्पन्न हुए, जबकि अरब सागर ने दो चक्रवाती तूफान आए। अब इस वर्ष भी भारतीय मौसम विभाग ने एसाइक्लोन को लेकर अलर्ट जारी कर दिया है। बंगाल की खाड़ी से बनने वाले इस चक्रवात का असर ओडिशा और आंध्र प्रदेश में देखने को मिल सकता है।

12 घंटे बाद दिख सकता है असर
दोनों राज्यों में एसाइक्लोन अलर्ट जारी करते हुए मौसम विभाग ने कहा कि चक्रवाती तूफान का रूप शनिवार और रविवार को दो दिनों तक इसी रूप में बना रह सकता है और सोमवार को इसके कमजोर होने की संभावना है। आईएमडी ने बताया कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर हवा के दबाव के चलते गहरे अवसाद बन रहे हैं, अगले 12 घंटों में इसके तीव्र होने की संभावना है। वहीं, इस तूफान के 26 सितंबर की पूर्व संध्या तक कलिंगपट्टनम के आसपास दक्षिण ओडिशा उत्तरी तटों को पार करने की संभावना है।

इन राज्यों में हो सकती भारी बारिश
समुद्री तूफान और चक्रवात के खतरे के देखते हुए मौसम विभाग ने उत्तरी आंध्र प्रदेश में चक्रवात अलर्ट और दक्षिण ओडिशा के तटों पर यलो अलर्ट जारी किया है। आईएमडी ने कहा कि तटीय आंध्र प्रदेश में शनिवार और रविवार को अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है और उत्तर आंतरिक ओडिशा, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

75 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी हवा
आईएमडी की भविष्यवाणी के मुताबिक उत्तर-पश्चिम और इससे सटे पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी और ओडिशा, पश्चिम बंगाल और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों पर 55-65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से 75 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। इस बीच भुवनेश्वर मौसम विज्ञान केंद्र ने कहा कि अगले 24 घंटों के दौरान शुरू में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और उसके बाद पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम की ओर तूफान के बढ़ने और रविवार शाम तक कलिंगपट्टनम के आसपास विशाखापत्तनम और गोपालपुर के बीच दक्षिण ओडिशा-उत्तर आंध्र प्रदेश के तटों को पार करने की संभावना है।