दुनिया के लिए नया खतरा बना डेल्‍टा-3 वेरिएंट, अमेरिका में मचाई तबाही, भारत मे अलर्ट जारी

नई दिल्ली: कोरोना वायरस का नया म्‍यूटेशन अब पूरे दुनिया में फैल रहा है। डेल्‍टा-3 वेरिएंट (Delta-3 Variant) के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए वैज्ञानिक काफी चिंतित है। चिंता की बात यह है कि डेल्‍टा-3 वेरिएंट ना केवल कोरोना संक्रमित हो चुके लोगों को बल्कि वैक्सीन ले चुके लोगों को भी संक्रमित कर सकता है। जी हां, माना जा रहा है कि डेल्‍टा-3 वेरिएंट वैक्सीन पर बेअसर है। वहीं भारत डेल्‍टा-3 वेरिएंट को लेकर पहले से ही अलर्ट हो गया है।

आपको बता दें कि कोरोना के नए वेरिएंट डेल्‍टा-3 वेरिएंट के मामले सबसे ज्यादा अमेरिका में पाए गए हैं। अमेरिका में डेल्‍टा-3 वेरिएंट तेजी से पैर पसार रहा है। राहत की बात तो यह है कि भारत में अब तक एक भी डेल्‍टा-3 वेरिएंट (Corona Delta-3 Variant In India) मामला नहीं पाया गया है। लेकिन इस वेरिएंट को लेकर इन्साकॉग समिति ने अभी से भारत को अलर्ट कर दिया है।

डेल्‍टा-3 वेरिएंट को लेकर वैज्ञानिक डॉ. विनोद स्कारिया ने बताया है कि “कोरोना वायरस में एवाई.3 वेरिएंट (AY3 Variants) पाया गया है, जिसे डेल्‍टा-3 वेरिएंट का नाम दिया है। कोरोना के मामले सामने आने के बाद देश के लोगों में 230 म्‍यूटेशन पाए जा चुके हैं। हालांकि इनसे अब तक कोई नुकसान नहीं पहुंचा, लेकिन डेल्‍टा वेरिएंट मिलने के बाद पूरे देश में कोहराम मच गया था। डेल्‍टा वेरिएंट के कारण ही देश में कोरोना की दूसरी लहर तेज हो गई थी, जिससे अभी देश उबर नहीं पाया है।”

मिली जानकारी के अनुसार, अब तक पूरी दुनिया में 2,28,888 सैंपल की सीक्वेसिंग की गई है, जिसमें डेल्‍टा वेरिएंट होने का सबूत मिला है। भारत से दिए गए 90 प्रतिशत सैंपल में यह वरिएंट मिले थे, जिसके कारण देश में कोरोना की दूसरी लहर ने दस्तक दिया था। इसी वेरिएंट से कई नए वेरिएंट की उत्पत्ति हुई। बताया जा रहा है पूरे विश्व में 348 सैंपल में डेल्टा प्लस वेरिएंट मिले है, वहीं 628 में डेल्टा-2 की पुष्टि हुई और अब डेल्‍टा-3 वेरिएंट का मामला सामने आ रहा हैं।

डेल्‍टा-3 वेरिएंट को लेकर दिल्ली के एम्स ने दिया सुझाव
बता दें कि डेल्‍टा-3 वेरिएंट को लेकर बीते शनिवार को दिल्ली एम्स के डायरेक्टर डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कुछ सुझाव दिए थे। डॉ गुलेरिया ने कहा था कि ‘डेल्टा प्लस’ वेरिएंट से लड़ने के लिए लॉकडाउन, वैक्सीनेशन और कोविड प्रोटोकॉल ही एकमात्र मजबूत हथियार है। डॉ ने आगे कहा कि यह कहना बहुत मुश्किल है कि देश में डेल्टा प्लस वेरिएंट से तमाम तरह की समस्या पैदा हो रहा है। लेकिन इस समय पूरा देश में डेल्‍ट प्‍लस वेरिएंट तेजी से बढ़ रहा है जिसे देखते हुए हम सभी को नियमों से कोई समझौता नहीं करना है। इस समय कोरोनावायरस के नए मामले को देखते हुए इसपर नजर रखने की जरूरत है।

डॉ. गुलेरिया ने आगे बताया था कि सभी को कोरोना की तीसरी लहर से बचने के लिए की जरूरत है। इसके लिए जो भी उपाय हो वह सब कर और इसके साथ ही सतर्क रहने की जरूरत है। इसके लिए कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करना जरुरी है। सिर्फ इतना ही नहीं इस खतरनाक वायरस से बचने के लिए सभी को वैक्सीन लगवाने की जरुरत है। देश में अभी जिस तरह से हालात बने हुए है उसे देखते हुए यह कहा जा सकता है कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ने वाला क्योंकि अब सभी लोग कोविड-19 प्रोटोकॉल का सही तरीके से पालन करने लगे हैं और अब कोरोना के इस संक्रमण से बचा जा सकता है। इसके साथ ही इस नएवेरिएंट पर काबू पाने के लिए लगाए गए लॉकडाउन, वैक्सीनेशन और प्रोटोकॉल ही सही हथियार है।