तालिबानियों की हैवानियत! 22 अफगान सैनिकों ने किया समर्पण तो काट दिए सिर

काबुल। अफगानिस्तान में खूनखराबे का दौर फिर शुरू हो गया। हाल ही में देश की तुर्कमेनिस्तान के साथ लगती सीमा के पास फरयाब प्रांत में तालिबानी लड़ाकों ने शांतिपूर्वक आत्मसमर्पण कर रहे अफगानी कमांडो के 22 लोगों के सिर काट दिए। तालिबानियों की हैवानियत से देश में फिर से दहशत का माहौल बनने लगा है।

मीडिया चैनल सीएनएन को कथित रूप से मिले एक वीडियो में किसी के “आत्मसमर्पण, कमांडो, आत्मसमर्पण” बोलते हुए सुना जा सकता है। इसके तुरंत बाद अफगान विशेष सुरक्षा दस्ते के करीब दो दर्जन निहत्थे सैनिक एक इमारत से बाहर निकलते हुए दिखाई पड़ रहे हैं। जैसे ही वे सड़क पर एक कतार में खड़े होते हैं, मुश्किल से 5-7 सेकेंड में गोलियां चलनी शुरू हो जाती हैं और सभी कमांडो की जमीन पर लाशें दिखाई पड़ती हैं। अफगानिस्तान में तैनात अमेरिकी सेना देश छोड़कर जा चुकी है। इसके बाद वहां के कई शहरों पर तालिबान का फिर कब्जा होता जा रहा है।

यह वीडियो 16 जून का है, जिसमें तुर्कमेनिस्तान से लगी अफगानिस्तान की सीमा पर फरयाब प्रांत के दौलताबाद में यह निर्मम हत्याएं की गईं। सीएनएन का दावा है कि कई प्रत्यक्षदर्शियों से बातचीत से इस वीडियो में दिखाए गए दृश्य की पुष्टि हुई है।

एक प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक पिछले महीने दौलताबाद में एक भीषण युद्ध में अफगान सैनिकों के पास गोला-बारूद खत्म हो गया था। इसके बाद तालिबान के लड़ाकों ने उन्हें घेर लिया। प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि इसके बाद तालिबान लड़ाकों ने उनसे आत्मसमर्पन करने को कहा। वे ज्योंहि अपने हथियार नीचे रखे, उन्हें सड़क के बीचोंबीच ही काट डाला गया। रेडक्रास ने भी 22 लाशों के बरामद होने की पुष्टि की है।

इस बीच तालिबान ने सीएनएन को वीडियो में दिखाई गई लाशों को फर्जी बताया है। कहा कि यह सरकार का आत्मसमर्पण न करने के लिए नागरिकों को प्रोत्साहित करने का दुष्प्रचार है। तालिबान के एक प्रवक्ता ने कहा फरयाब प्रांत से बंदी बनाए गए 24 कमांडो अब भी उनके कब्जे में हैं, हालांकि वह इसका कोई सबूत नहीं दे पाया। अफगान रक्षा मंत्रालय ने तालीबान के दावे को गलत बताया है और सीएनएन से कहा कि वे मार डाले गए हैं।