जींस को महीने में एक बार और ब्रा को हफ्ते में एक बार धोएं, एक्सपर्ट्स दे रहे ऐसी सलाह, जानें क्यों

नई दिल्ली। विशेषज्ञों ने हाल ही में खुलासा किया है कि वाशिंग मशीन का उपयोग करके कपड़े धोने से पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि धरती को बचाने के लिए हमें वाशिंग मशीन के उपयोग में कटौती करने की जरूरत है। इससे न केवल हमारा स्वास्थ्य ठीक रहेगा, बल्कि भारी मात्रा में बिजली और पानी की भी बचत होगी।

धरती को बचाने के लिए विशेषज्ञों ने जींस को महीने में एक बार और ब्रा को हफ्ते में एक बार धोने की सलाह दी है। सोसाइटी ऑफ केमिकल इंडस्ट्री की एक हालिया रिपोर्ट ने सुझाव दिया कि बहुत से लोग वॉशिंग मशीन का उपयोग करके अपने कपड़े बहुत बार या लगभग हर दिन धोते हैं, जिसका पर्यावरण पर बहुत नेगेटिव प्रभाव पड़ रहा है। रिपोर्ट में विशेषज्ञों ने बताया है कि लोगों को अपने कपड़े कैसे और कितनी बार धोने चाहिए।

महीने में केवल एक बार धोएं जींस
विशेषज्ञों के अनुसार जींस को महीने में केवल एक बार ही धोना चाहिए, जबकि जंपर्स को 15 दिन में एक बार और पजामा को हफ्ते में सिर्फ एक बार धोना चाहिए। रिपोर्ट्स के मुताबिक अंडरवियर और जिम के कपड़ों जैसे रोजाना गंदे होने वाले कपड़ों को पहने के बाद हर बार धोना चाहिए। हां एक बात और कि अंडरवियर को मशीन के बजाय हाथ से धोएं तो ज्यादा बेहतर।
इसके अलावा टॉप, टी-शर्ट्स को आराम से 5 बार पहना जा सकता है और उसके बाद ही इन्हें धोना चाहिए। इससे आपके कपड़े लंबे समय तक चलेंगे और आपका टाइम और पैसा भी बचेगा।

ब्रा को रोज धोने की जरूरत नहीं
अब बात करते हैं ब्रा की। तो हम अपनी महिला मित्रों को बता दें कि उन्हें अपनी ब्रा को रोज-2 धोने की जरूरत नहीं है। ब्रा को सप्ताह में एक बार धोना चाहिए और किसी भी ड्रेस को 4-6 बार पहनने के बाद ही धोना चाहिए।

कपड़ों को हाथ से धोने की करें कोशिश
दोस्तों वाशिंग मशीन का आविष्कार होने से पहले कपड़ों को हाथों से ही धोया जाता था और काम में काफी मेहनत लगती थी और यह काम बहुत धकाने वाला भी होता था। लेकिन धोड़ा सा दिमाग लगाकर आप कपड़े धोने में लगने वाली मेहनत से बच सकती हैं। विशेषज्ञों ने बहुत अधिक पानी का उपयोग किए बिना कपड़ों को साफ करने के लिए अजीबोगरीब विकल्पों का भी सुझाव दिया, जिसमें जींस को फ्रीज करना और बुने हुए कपड़े को भाप देना शामिल है।