चिराग पासवान को दिल्ली हाईकोर्ट से झटका, खारिज हुई याचिका

नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट से चिराग पासवान की याचिका को खारिज कर दिया है, ऐसे में चिराग पासवान की मुश्किलें और बढ़ गई है। दरअसल,चिराग पासवान ने पशुपति पारस को लोक जनशक्ति पार्टी का नेता मानने के खिलाफ याचिका दायर की थी, जिसे हाईकोर्ट ने कहकर खारिज कर दिया कि इसका याचिका का कोई आधार नहीं है। चिराग पासवान ने यह याचिका कैबिनेट का विस्तार होने के बाद दिल्ली हाईकोर्ट में डाली थी।

हाईकोर्ट ने कहा कि अभी यह मामला स्पीकर के पास है, ऐसे में कोई आदेश नहीं देख सकते। वहीं लोकसभा अध्यक्ष के वकील ने सुनवाई के दौरान कहा कि इस याचिका का कोई आधार नहीं है। जब लोकसभा स्पीकर खुद इस मामले को देख रहे हैंं। वहीं चिराग के वकील ने स्पीकर के इस बात का कोई विरोध नहीं किया है। कोर्ट ने चिराग के वकील से यह भी कहा कि आपको चुनाव आयोग जाना चाहिए, यहां नहीं आना चाहिए था।

13 जून से शुरू हुई थी एलजेपी में कलह

गोरतलब है कि 13 जून को लोक जनशक्ति पार्टी में कलह शुरू हो गई थी, 14 जून को पांचों सांसदों ने एक संसदीय बैठक बुलाई गई थी, जिसमें चिराग पासवान को नहीं बुलाया गया था। बैठक में हाजीपुर से सांसद पशुपति कुमार पारस को नया अध्यक्ष चुन लिया गया था और इसकी सूचना लोकसभा स्पीकर को भी दे दी गई थी। जिसके बाद 14 जून की शाम को ही सचिवालय से पशुपति को मान्यता मिल गई थी। जब यह बात चिराग पासवान को पता चली तो उन्होंने राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाकर पांचों बागी सांसदों को LJP से हटाने की अनुशंसा कर दी। इसके बाद 17 जून को पारस गुट की बैठक हुई और उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया।

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