घोड़े की एंटीबॉडी से बना रही कोरोना की दवा, 90 घंटे में ठीक होंगे मरीज

पुणे: भारत में कोरोना वायरस का संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है और अब तक देशभर में 3.2 करोड़ लोग संक्रमित हो चुके हैं. इस बीच अच्छी खबर आई है और महाराष्ट्र के कोल्हापुर की कंपनी आईसेरा बॉयोलॉजिकल कोविड-19 की नई दवा का परीक्षण कर रही है, जिससे कोरोना संक्रमित मरीज सिर्फ 90 घंटे में ठीक हो जाएंगे.

आईसेरा बॉयोलॉजिकल की कोरोना की दवा घोड़ों की एंटीबॉडी से बनाई गई है, जो कोरोना के हल्के और मध्यम लक्षणों वाले मरीजों के इलाज अहम भूमिका निभाएगी. अगर यह दवा सभी परीक्षणों में सफल होती है तो यह इस तरह की भारत की पहली स्वदेशी दवा होगी, जिसका इस्तेमाल संक्रमण के इलाज के लिए किया जाएगा.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, आईसेरा बॉयोलॉजिकलकंपनी के अधिकारियों का दावा है कि दवा का पहले फेज का ट्रायल चल रहा है और अभी तक जो नतीजे सामने आए हैं, वो काफी अच्छे रहे हैं. शुरुआती परीक्षण में इस दवा के इस्तेमाल से कोरोना संक्रमित रोगियों की आरटी-पीसीआर रिपोर्ट 72 से 90 घंटों के अंदर ही निगेटिव हो जा रही है.

रिपोर्ट के अनुसार, कोरोना वायरस की दवा बनाने वाली आईसेरा बॉयोलॉजिकल कंपनी सिर्फ चार साल पुरानी है और कोरोना रोधी दवा बनाने में पुणे की सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियाने भी मदद की है. दावा है कि कंपनी ने एंटीबॉडीज का एक ऐसा कॉकटेल तैयार किया है, जो कोरोना के हल्के और मध्यम लक्षण वाले मरीजों में संक्रमण को फैलने से रोक सकता है और शरीर में मौजूदा वायरस को भी खत्म कर सकता है.