किसान आंदोलन में रेप, हत्या, फायरिंग, भिंडरावाले के पोस्टर… आंदोलन की आड़ में कब तक…

नई दिल्ली। दिल्ली-हरियाणा के बीच सिंघु बॉर्डर पर किसान आंदोलनकारी लगभग एक साल से आंदोलन कर रहे हैं। यहां पर बीती रात एक व्यक्ति की बर्बरता से हत्या कर दी गई। इस ‘तालिबानी’ बर्बरता का एक वीडियो भी वायरल हुआ है। वीडियो को देखने की हिम्मत कमजोर दिल वाला नहीं कर सकता। खून से लथपथ एक शख्स पड़ा हुआ है। जिसके हाथ और पांव कटे पड़े हैं। उसके चारों ओर निहंग सरदार उससे बातचीत कर रहे हैं। निहंगों का आरोप है कि उसने गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की। ये पहला वाकया नहीं है। सिंघु बॉर्डर पर ऐसी घटनाएं पहले भी हुई हैं।

सोशल मीडिया पर इसका वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो को देकखर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं। लोग ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग भी कर रहे हैं। संयुक्त किसान मोर्चा बयान देकर पल्ला झाड़ रहा हैं। मगर किसान मोर्चा के मंच पर ऐसी तालिबानी हरकतें सवाल खड़ा कर रही हैं। किसान मोर्चा का कहना है कि निहंगों से हमारा कोई लेना-देना नहीं हैं। मगर सवाल यहां पर ये उठता है कि आपके आंदोलन के मंच का इस्तेमाल हत्या के लिए हो रहा और आपको कोई मतलब नहीं है।

टिकरी सीमा पर हुआ था लड़की का रेप
सिंघु के साथ-साथ किसान टिकरी सीमा पर भी आंदोलन कर रहे हैं। यहां पर आंदोलन करने आई एक युवती के साथ रेप किया जाता है। उनके पिता ने बताया था, ‘दिल्ली के टिकरी बॉर्डर पर पहुंचने से पहले वह कई आंदोलनों में अपना योगदान दे चुकी थी। वह किसानों के हित में अपनी लड़ाई को जारी रखना चाहती थी। यही सोचकर वह बंगाल से दिल्ली आई, लेकिन उसके साथ ठीक नहीं हुआ। मेरी बेटी को मार दिया गया, उसके साथ दुर्व्यवहार भी किया गया। मुझे और मेरी बेटी को इंसाफ चाहिए’ यह कहना है उस पिता का, जिनकी बेटी की मौत टिकरी बॉर्डर पर 30 अप्रैल को संदिग्ध परिस्थिति में हुई थी।’

सिंघु बॉर्डर पर किसानों की झड़प
इससे पहले जनवरी महीनें के आखिर में यहां के स्थानीय लोगों के साथ भी मारपीट की घटना सामने आई। यहां के किसानों और स्थानीय निवासियों के बीच लड़ाई इतनी बढ़ गई थी कि पुलिस को आंसू गैस का सहारा लेना पड़ा। स्थानीय लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अगर दिल्ली से हरियाणा या हरियाणा से दिल्ली की सीमा पार करनी है तो 100 रुपये तक देना पड़ता है। स्थानीय लोगों ने आंदोलनकारी किसानों के ऊपर ढेर सारे आरोप भी लगाए थे।

हवा में गोलियां चलीं
सिंघु बॉर्डर पर ही मार्च के महीने में हवा में गोलियों के चलने की आवाज आई थी। आंदोलन कर रहे किसानों ने दावा किया कि लंगर के दौरान यह घटना हुई। उनके मुताबिक, कार में सवार होकर चार लोग आए थे और तीन राउंड हवा में फायरिंग के बाद वहां से फरार हो गए। सिंघु सीमा पर लगातार ऐसी खबरें आने से अब सवाल उठने लगे हैं कि आखिरकार आंदोलनकारी किसानों के बीच में कुछ असमाजिक तत्व जुड़े हैं क्या।

सफेद टी-शर्ट पर जरनैल सिंह भिंडरावाले की तस्वीर
यूपी के लखीमपुर खीरी की घटना पूरे देश में चर्चा का विषय बनी थी। इसमें केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा पर मुख्य आरोप है मगर इस घटना का एक और पहलू है। ट्विटर पर कई लोगों ने एक वीडियो शेयर किया था। इनमें प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मी नजर आ रहे थे। एक पुलिस अधिकारी किसी से फोन पर बात करता हुआ दिख रहा है। उसके बगल में नीली पगड़ी पहने एक शख्‍स है जिसकी सफेद टी-शर्ट पर जरनैल सिंह भिंडरावाले की तस्वीर छपी दिख रही है। कुछ हैंडल्‍स से इस टी-शर्ट के पीछे का हिस्‍सा भी शेयर किया है जिसपर खालिस्‍तान के समर्थन में एक स्‍लोगन ल‍िखा है। एक वीडियो भी वायरल हैं जिसमें कुछ लोग खालिस्‍तान के समर्थन में नारेबाजी करते नजर आ रहे हैं।

सिंघु सीमा पर भी जरनैल सिंह भिंडरावाले का पोस्टर
सिंघु बॉर्डर में जहां युवक की हत्या हुई है, वहां भी खालिस्तानी समर्थक जरनैल सिंह भिंडरावाले का पोस्टर दिख रहा है। ये पोस्टर कहीं और नहीं बल्कि सिंघु बॉर्डर जहां पर किसान आंदोलन कर रहे हैं उसी जगह पर मौजूद था। अब इसको क्या कहा जाए। क्या जरनैल सिंह भिंडरांवले कोई क्रांतिकारी था जिसके पोस्टर लगातर आप उनसे प्रेरणा ले रहे थे। इस तरह की बार-बार की हरकतों से ये लग रहा है कि आंदोलन कर रहे किसानों के बीच कुछ खालिस्तान समर्थक भी घुस गए हैं।

सवाल जिनका शायद किसी के पास जवाब नहीं
सिंघु बॉर्डर की तस्वीर शर्मसार कर रही है। किसी की ऐसी बेरहमी से हत्या कौन कर सकता है। उस शख्स के हाथ पांव काटने के बाद उसको टांग दिया जाता है और क्या उसकी चीखें किसी ने नहीं सुनी होगी? 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के दिन किसानों का ट्रैक्टर मार्च निकाला। इसमें किसानों ने शाम होते तक कानून की धज्जियां उड़ा दीं। लाल किले से तिरंगा झंडा तक उतार दिया।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था वीडियो
हरियाणा में किसानों ने एक पुलिसवालों को रौंदने का प्रयास किया। ये वीडियो भी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा था। पंजाब में एक बीजेपी नेता के पूरे कपड़े उतारकर नंगा कर दिया गया। टिकरी सीमा पर एक लड़की से बलात्कार किया जाता है बाद में वो मर जाती है। आखिरकार इन सबकी जिम्मेदारी कौन लेना। सरकार लेगी, किसान नेता लेंगे या फिर ये सब किसान आंदोलन के नाम पर यूं हीं चलता रहेगा और आम आदमी पिसता रहेगा।