किसान आंदोलन के बीच खट्टर ने कर दिया ये बड़ा ऐलान, खुशी से झूमे किसान

चंडीगढ़। कृषि कानूनों पर चल रही सियासत के बीच केंद्र सरकार द्वारा रबी फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) बढ़ाने के बाद अब हरियाणा सरकार ने गन्ना किसानों को भी बड़ी राहत दी है। प्रति क्विंटल गन्ने के दाम 12 रुपये बढ़ाए गए हैं। अब अगेती किस्म के गन्ने के लिए किसानों को 362 रुपये प्रति क्विंटल और सामान्य किस्म के गन्ने के लिए 355 रुपये प्रति क्विंटल मिलेंगे। इससे सरकारी खजाने से किसानों को करीब 100 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान होगा।

पड़ोसी राज्य पंजाब और उत्तर प्रदेश ने चुनावी साल के चलते हाल ही में गन्ने के रेट बढ़ाए हैं, जिसके बाद प्रदेश सरकार पर भी गन्ने के दामाें में इजाफा करने का दबाव था। हरियाणा अभी तक देश में सबसे अधिक दाम दे रहा था, लेकिन पंजाब में आंदोलन के बाद वहां की सरकार ने हरियाणा के समान गन्ने के रेट कर दिए। प्रदेश सरकार ने अपने राज्य में 12 रुपये प्रति क्विंटल दाम बढ़ाकर अपने यहां फिर पंजाब से ज्यादा रेट कर लिए हैं।

पंजाब ने गन्ने की कीमतों में एकमुश्त 50 रुपये प्रति क्विटंल की बढ़ोतरी की है, जिसके बाद वहां पर 360 रुपये प्रति क्विंटल गन्ने की खरीद होगी। इससे दो कदम आगे बढ़ाते हुए प्रदेश सरकार ने गन्ने का दाम प्रति क्विंटल 350 रुपये से बढ़ाकर 362 रुपये कर दिया है। यह पूरे देश में सबसे ज्यादा है। इतना ही नहीं, किसानों को अपना गन्ना सहूलियत के अनुसार चीनी मिलों में ले जाने की भी छूट दी जाएगी।

कृषि मंत्री जेपी दलाल की अगुवाई में हुई शुगरफेड की बैठक में हुए फैसलों की जानकारी देते हुए सहकारिता मंत्री डा. बनवारी लाल ने बताया कि पिछले साल भी पेराई सत्र शुरू होने से ठीक पहले गन्ने के दाम में 10 रुपये क्विंटल की बढ़ोतरी की गई थी। गन्ने का रेट देने में हरियाणा सबसे आगे है। उन्होंने कहा कि इस साल भी नवंबर के पहले सप्ताह में सभी 10 सहकारी चीनी मिलों में पेराई शुरू कर दी जाएगी। इससे किसान आसानी से दूसरी फसलों की बुवाई कर सकेंगे। चूंकि पिछले साल गन्ने की अगेती किस्म 216 में बीमारी आ गई थी जिससे चीनी की रिकवरी में 0.32 फीसद की कमी आई है। इससे समस्या से निपटने के लिए इस बार नई किस्म 15023 को तरजीह दी जा रही है जिसकी रिकवरी 14 फीसद के आसपास होगी।

सहकारिता मंत्री ने बताया कि शाहाबाद चीनी मिल में स्थापित किए जा रहे एथेनाल प्लांट का काम पूरा होने के कगार पर है। पानीपत और करनाल में भी ऐसे प्लांट जल्द शुरू हो जाएंगे। क्लस्टर आधार पर एथेनाल प्लांट विकसित किए जाएंगे जिससे इनका मुनाफा बढ़ेगा। घाटे में चल रही पलवल मिल को पूरी तरह एथेनाल प्लांट में बदला जाएगा। पानीपत एथेनाल प्लांट की क्षमता 45 एमएलडी से बढ़ाकर 60 एमएलडी की जाएगी।

वहीं, हरियाणा में अब किसी खाद विक्रेता ने किसानों को खाद के साथ कीटनाशक दवा लेने के लिए मजबूर किया तो उसका लाइसेंस रद किया जाएगा। आदेश का सख्ती से पालन कराने के लिए सभी खाद डीलरों को चिट्ठी लिखी जाएगी। कृषि मंत्री जेपी दलाल ने गत दिवस पांच खाद कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में अधिकारियों को यह निर्देश दिए।

कृषि मंत्री ने कहा कि यह कंपनी के प्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है कि वह अपने डीलरों को सरकार के इन दिशा निर्देशों की जानकारी प्रदान कर दें। अन्यथा उन्हें दिक्कतें उठानी पड़ सकती हैं। जेपी दलाल ने कहा कि किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के लिए पिछले वर्ष की तुलना में अधिक भंडारण किया जाएगा। गेहूं, सरसों और आलू सहित अन्य फसलों को ध्यान में रखते हुए हर आवश्यक वस्तु की व्यवस्था की जाएगी।

कृषि मंत्री ने कहा कि कंपनियों के डीलरों द्वारा किसानों को खाद के साथ कुछ दवाइयां खरीदने के लिए कहा जाता है। यह गलत है। किसानों को खाद के साथ दवाई की खरीद के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। बैठक में कृषि सचिव डा. सुमिता मिश्रा भी मौजूद रहीं।