काबुल में 7 आत्मघाते धमाके, 13 अमेरिकी सैनिकों समेंत 100 की मौत, अमेरिका बोलाः उडा देंगे

काबुल। अफगानिस्तान की राजधानी काबुल कई बम धमाकों से दहल उठा है. टीवी रिपोर्ट के अनुसार गुरुवार को काबुल हवाई अड्डे के पास कुल सात बम धमाके हुए जिसमें 12 अमेरिकी नौसैनिकों समेत अब तक 100 लोगों की मौत हो गई है।

राष्ट्रपति बाइडन ने कहा कि यह तालिबान के हित में है कि वह आईएसआईएस-के को अफगानिस्तान में और पैर ना पसारने दे. उन्होंने साथ ही कहा कि हवाईअड्डे पर हमले को अंजाम देने में तालिबान और आईएसआईएस की मिलीभगत का अब तक कोई सबूत नहीं मिला है.

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने काबुल हमले के लिए इस्लामी आतंकियों को जिम्मेदार ठहराया और हमले में मारे गए लागों की जान का बदला लेने का संकल्प लेते हुए कहा कि हम तुम्हें (हमलावरों को) पकड़कर इसकी सजा देंगे.’ बाइडन ने कहा कि काबुल से अमेरिका और अफगानिस्तान के लोगों को निकालने का हमारा अभियान जारी रहेगा.

दो अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि अमेरिकी सेना के 60 से अधिक जवान घायल हुए हैं और इनकी संख्या बढ़ सकती है। वहीं, रूस के विदेश मंत्रालय ने कहा कि हवाईअड्डे के पास दो आत्मघाती हमलावरों और बंदूकधारियों ने भीड़ को निशाना बनाकर हमला किया, जिसमें कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई जबकि दर्जनों लोग घायल हुए हैं। हालांकि, यह साफ नहीं हो सका कि रूसी अधिकारियों द्वारा उपलब्ध कराए गए मृतकों के आंकड़ों में मारे गए अमेरिकी नौसैनिकों की संख्या शामिल है या नहीं।

-व्हाइट हाउस ने कहा कि अफगानिस्तान के काबुल में आतंकवादी हमलों में मारे गए पीड़ितों के सम्मान में 30 अगस्त की शाम तक अमेरिकी ध्वज आधा झुका रहेगा।

अफगानिस्तान में अस्पतालों का संचालन करने वाली इटली की एक संस्था ने कहा कि वे हवाईअड्डे पर हमले में घायल 60 लोगों का उपचार कर रहे हैं जबकि 10 घायल ऐसे थे जिन्होंने अस्पताल लाने के दौरान दम तोड़ दिया। अफगानिस्तान में संस्था के प्रबंधक मार्को पुनतिन ने कहा कि सर्जन रात में भी सेवा देंगे। उन्होंने कहा कि घायलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बिस्तरों की संख्या बढ़ाई जा रही। सातवां धमाका देर रात हुआ। हवाई अड्डे पर लगातार छह धमाकों की आवाज पहले सुनाई दी। इसके कुछ देर बाद सातवां धमाका सुना गया।