एक तरफा प्यार की कहानी का खौफनाक अंत, दहल उठा पूरा इलाका

सोमेश्वर (अल्मोड़ा) : चनौदा कस्बे में खूनी खेल के बाद एकतरफा प्रेम में डूबे युवक ने भी मौत को गले लगा लिया। युवती के ठुकराए जाने से अवसाद में आए युवक ने कथित प्रेमिका के खून से हाथ रंगने के बाद खुद भी जहर गटक लिया था। देर रात उसने दम तोड़ दिया। वहीं पर्दे में चली आ रही अधूरी प्रेमकहानी के खौफनाक अंत ने दो परिवारों को भी तोड़ कर रख दिया। दो जवान मौतों से दस किमी के दायरे में दो गांव मातम में डूब गए।

दिल दहला देने वाली वारदात बीते गुरुवार को हुई। चनौदा कस्बे में गांधी आश्रम के पास हरीश सिंह बोरा की 20 वर्षीय पुत्री की चाकू से गोद हत्या कर दी गई थी। वह घर के तीसरे माले में अकेली थी। कान व आंख से कमजोर दादी दूसरे निचले तल में सोई थी। पिता हरीश सिंह पास ही दुकान में जबकि मां खेतों की तरफ गई थी। स्कूटी से पहुंचे वले गांव ढौनीगाढ़ (लोध घाटी) का दीपक सिंह भंडारी ने चाकू से ताबड़तोड़ वार कर अंजलि को मौत की नींद सुला दिया। फिर कांटली रोड की ओर फरार हो गया था। इधर खून से लथपथ अंजलि को अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। मृतका के भाई दीपक की तहरीर पर पुलिस ने रात में हत्यारोपित दीपक भंडारी पुत्र मोहन सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।

उधर चनौदा से करीब आठ किमी दूर पच्चीसी कांटली रोड पर दीपक सिंह ने चायबागान के पास जहर गटक लिया। आसपास के ग्रामीणों ने उसे नाजुक हालत में कौसानी के अस्पताल पहंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद कुछ सुधार होने पर एहतियातन हत्यारोपित को नजदीक के सीएचसी बैजनाथ (बागेश्वर) रेफर किया गया लेकिन देर रात उसकी भी मौत हो गई।

अच्छे दोस्त थे अंजलि व दीपक

सनसनीखेज वारदात के बाद पुलिस की तफ्तीश में कुछ अहम राज सामने आए। अंजलि व दीपक बीते तीन वर्षों से एक दूसरे को जानते थे। गहरी दोस्ती भी थी। दीपक बाहरी राज्य में प्राइवेट नौकरी करता था। बीते वर्ष लॉकडाउन में दीपक बेरोजगार हो गया था। तब से गांव में ही अपना कारोबार करने लगा। एसओ राजेंद्र सिंह बिष्टï के मुताबिक वह अंजलि के घर आता रहता था। कुछ समय से दोनों में दूरियां बढऩे लगी। माना जा रहा है कि शादी के लिए युवती राजी नहीं थी।

थाने तक पहुंचा था मामला

सूत्रों की मानें तो दूरियां बढऩे पर एकतरफा प्रेम व शादी की जिद पर अड़ा दीपक कथित प्रेमिका के घर पहुंचने लगा था। यह सब अंजलि को नागवार गुजरने लगा। बीती 16 अगस्त को वह थाने जा पहुंची। दीपक पर पीछा कर परेशान करने का आरोप लगाया। पुलिस ने तब सलाह व सख्ती के साथ युवक को समझा दिया था। दोनों में सुलह भी करा दी थी। मगर कभी अच्छी दोस्त रही कथित प्रेमिका के उसी के खिलाफ थाने में जाकर शिकायत करना दीपक को खटक गया। सिर पर सनक सवार हुई और सब कुछ खत्म।

एक की सोमेश्वर, दूसरे की सरयू घाट में अंत्येष्टि

दस किमी के दायरे में दो गांवों मातमी सन्नाटा पसरा है। करुण क्रंदन के बीच अंजलि की सोमेश्वर जबकि दीपक सिंह की सरयू घाट (बागेश्वर) में अंत्येष्टिï की गई। वहां के जिला चिकित्सालय में पोस्टमार्टम के बाद युवक का शव सोमेश्वर नहीं लगाया गया।

एसओ सोमेश्वर राजेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि युवती ने मौखिक शिकायती की थी। उसने तहरीर देकर कानूनी कार्रवाई से मना कर दिया था। उसने बताया था कि दीपक उसका बॉयफ्रेंड रहा है लेकिन साथ नहीं रहना। तब हमने युवक को समझाया कि जब युवती राजी नहीं है तो पीछा न करे। लड़का मान गया था। दोनों में समझौता हो गया था।