अमेरिकी दांव फेल! खराब किए गए ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर को ठीक कर तालिबान ने उड़ाया

अफगानिस्तान में करीब 20 साल तक तालिबान से जंग लड़ने के बाद आखिरकार अमेरिकी सेना अपने वतन लौट गई. काबुल छोड़ने से पहले अमेरिकी सेना ने वहां मौजूद अपने ज्यादातर हेलीकॉप्टर और युद्धक विमानों को खराब कर दिया ताकि तालिबान किसी भी कीमत पर उसका इस्तेमाल ना कर सकें.

अमेरिका के छोड़े गए दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर को तालिबान ने अफगान सेना की इंजीनियरिंग टीम से मरम्मत करवाकर उड़ान लायक बना लिया है. अफगान सेना की इंजीनियरिंग टीम ने दो ऐसे ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टरों को ठीक कर लिया है जिन्हें अमेरिकियों ने बर्बाद कर दिया था. अफगान सेना के पायलट नकीब हिम्मत ने खुद अपने फेसबुक पेज पर इसकी जानकारी देते हुए लिखा कि अमेरिकियों द्वारा नष्ट किए गए विमानों के इंजन को फिर से उड़ान लायक बना लिया गया है.

बता दें कि अमेरिकी फौज के 30 अगस्त को पूरी तरह से अफगानिस्तान से निकलने के बाद तालिबान ने फौरन काबुल एयरपोर्ट को अपने कब्जे में ले लिया था. तालिबानी आतंकियों ने एयरबेस पर मौजूद अमेरिका के कई फाइटर जेट और हेलीकॉप्टर का मुआयना किया था. हालांकि ज्यादातर को अमेरिकी सेना के जवान जाने से पहले खराब करके गए थे ताकि उसका इस्तेमाल नहीं किया जा सके.

इस पर तालिबान के शीर्ष कमांडर ने कहा था कि एयरबेस पर मौजूद खराब हेलीकॉप्टर और विमानों को देखकर वो ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं क्योंकि उन्होंने सोचा था कि वो इसका इस्तेमाल करेंगे.

अमेरिकी सेना अपने पीछे अफगानिस्तान में काबुल एयरबेस पर अरबों रुपये के हथियार और फाइटर एयरक्राफ्ट छोड़ गई है जिस पर अब तालिबान ने कब्जा तो कर लिया है लेकिन इसमें ज्यादातर खराब स्थिति में हैं.

बीते कुछ महीनों में तालिबान के जिहादियों ने बगराम से मजार-ए-शरीफ तक 10 प्रमुख एयर बेस पर कब्जा कर लिया है. तालिबान अब लड़ाई में अमेरिकी ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर का भी इस्तेमाल कर रहा है और पंजशीर पर कब्जा करने के लिए इससे ही आंतकी गोलियां भी बरसा रहे थे. रिपोर्ट के मुताबिक एक ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर की कीमत 6 मिलियन डॉलर से ज्यादा है.

काबुल में हामिद करजई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कब्जे के बाद तालिबान आतंकियों को 14 मिलियन डॉलर के हरक्यूलिस ट्रांसपोर्ट जेट के कॉकपिट में चढ़ते हुए देखा गया था. हालांकि बताया जा रहा है कि अमेरिकी सेना उसके पहिये को खराब कर चुकी है ताकि उड़ान संभव ना हो सके.

डेली मेल की एक रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी सैनिकों के जाने के बाद अब भी तालिबान के पास इतने सारे परिचालन योग्य विमान हैं जो उन्हें 30 नाटो सदस्यों में से 10 देशों के मुकाबले ज्यादा हवाई हमले की ताकत देते हैं.