अभी अभी: बिहार में किसानों को नीतीश सरकार का बड़ा तोहफा, अब से..

पटना: कोरोना काल में शहरों में बेरोजगारी बढ़ने से कई लोग अपने गांव लौट आए हैं। यहां आकर वे खेती में अपने लिए विकल्प तलाश रहे हैं। ऐसे लोगों की मदद के लिए बिहार सरकार ने फैसला लिया है कि जो लोग खेती-किसानी करना चाहते हैं और उन्हें खेतों में पानी पहुंचाने में दिक्कत हो रही है तो वो अपना नलकूप बनवा सकते हैं। अपना नलकूप बनवाने में बिहार सरकार उनकी आर्थिक मदद करेगी। लघु जल संसाधन विभाग ने तय किया है कि अपना नलकूप बनवाने वाले किसानों को 21 हजार रुपये तक आर्थिक मदद दी जाएगी।

बिहार में अब सरकारी नलकूप का कॉन्सेप्ट खत्म हो चुका है। अब किसान अपना निजी नलकूप ही बनवाते हैं और उसी से खेतों को पानी देते हैं। फिलहाल राज्य सरकार नलकूप बनवाने के लिए शैलो नलकूप की बोरिंग के लिए सौ रुपये प्रति फीट की दर से अधिकतम 15 हजार रुपये तक की आर्थिक मदद करती है। अब सरकार ने यह आर्थिक मदद 35 हजार रुपये तक करने का फैसला लिया है।

इसी तरह कम गहराई के नलकूप की बोरिंग के लिए 182 रुपये प्रति फीट के हिसाब से अधिकतम 35 हजार रुपये आर्थिक मदद का प्रावधान अभी है। विभाग अब इसे 70 हजार रुपये करने का फैसला लिया है। इसके अलावा मोटर पंप के लिए भी सरकार 10 हजार रुपये की आर्थिक मदद दे रही है।

पहले निजी नलकूप के लिए आर्थिक मदद उन्हीं किसानों को मिलता था जिन्हें कम से कम एक एकड़ जमीन होती थी। इस वजह से इस योजना का लाभ बेहद कम किसानों को मिल पाता था। क्योंकि बिहार में एक एकड़ से कम जमीन वाले किसानों की संख्या 82.9 प्रतिशत है। अब सरकार ने फैसला लिया है कि अगर किसान के पास 40 डीसमिल जमीन है तो भी वह नलकूप और बोरिंग के लिए सरकार से आर्थिक मदद पा सकते हैं।
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इस योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। किसान लघु जल संसाधन विभाग की वेबसाइट पर सभी जानकारी के साथ आवेदन करेंगे, जिसके बाद मामूली जांच के बाद नलकूप और बोरिंग के लिए आर्थिक मदद पा सकेंगे।

बता दें कि बिहार सरकार के रेकॉर्ड में कुल 10 हजार 242 सरकारी नलकूप हैं। 21 हजार नये निजी नलकूल लगाये जाने हैं। एक अनुमान के मुताबिक एक नलकूप से 250 हेक्टेयर में सिंचाई होती है।