अभी अभी: देश में कोरोना की तीसरी लहर पर बेहद बुरी खबर, विशेषज्ञों ने…

नई दिल्‍ली। केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत आने वाले राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन (एनआईडीएम) की ओर से गठित एक विशेषज्ञ समिति ने हाल ही में कहा था कि देश में सितंबर और अक्टूबर के बीच कभी भी कोरोना की तीसरी लहर के आने की आशंका है। हाल ही में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) कानपुर के वैज्ञानिक मणिंद्र अग्रवाल ने भी कहा था कि देश में कोरोना की तीसरी लहर अक्टूबर और नवंबर के बीच चरम पर हो सकती है। अब इस बारे में देश के दिग्‍गज चिकित्‍सा विशेषज्ञों ने अपनी बात कही है।

कुछ राज्‍यों में खराब हालात दे रहे संकेत
समाचार एजेंसी आइएएनएस ने इस मसले पर चिकित्‍सा विशेषज्ञों से बात की है। आइसीएमआर में महामारी एवं संचारी रोग विभाग के प्रमुख डा. समीरन पांडा का कहना है कि देश में तो तीसरी लहर के कोई सीधे संकेत नहीं मिल रहे हैं लेकिन कुछ राज्‍यों में संक्रमण के बढ़ते मामले इसकी आहट दे रहे हैं। इन राज्‍यों में कोरोना के बढ़ते मामले तीसरी लहर का संकेत दे रहे हैं।

केरल में बढ़े मामले खतरनाक
फोर्टिस अस्पताल शालीमार बाग में पल्मोनोलॉजी विभाग के एचओडी एवं निदेशक डॉ विकास मौर्य का कहना है कि कोविड -19 महामारी की तीसरी लहर को लेकर बातचीत चल रही है। मुझे लगता है कि देश में तो नहीं लेकिन हम कुछ राज्यों में विशिष्ट लहरों के बारे में बात कर सकते हैं। उन्‍होंने कहा- अक्टूबर-नवंबर 2020 में जब देश में पहली लहर खत्‍म हो रही थी और दूसरी लहर शुरू नहीं हुई थी तब दिल्ली ने मामलों में दूसरा उछाल देखा था। मौजूदा वक्‍त में केरल में भी ऐसा ही हो रहा है।

नए वैरिएंट ला सकते हैं तबाही
अमृता हॉस्पिटल्स कोच्चि के अमृता स्कूल ऑफ मेडिसिन के इंटरनल मेडिसिन विभाग के संक्रामक रोग विभाग के एसोसिएट क्लिनिकल प्रोफेसर मर्लिन मोनी ने कहा कि कोरोना की नई स्ट्रेन के उभरने से केरल में मामले बढ़ रहे हैं। केरल में 18 वर्ष से ऊपर की 70 फीसद आबादी को वैक्‍सीन की एक डोज लगने के बावजूद नए म्यूटेंट की घटनाएं अनुमानों को धराशाई कर रही हैं। उन्‍होंने कहा कि वैक्सीन को चकमा देने वाले वैरिएंट के बढ़ते मामले तीसरी लहर की शुरुआत कर सकते हैं…

मुंबई में भी बढ़ रहा संक्रमण
नवी मुंबई के अपोलो अस्पताल में पल्मोनोलॉजिस्ट डा. जयलक्ष्मी टीके का कहना है कि महाराष्‍ट्र में कोरोना की तीसरी लहर आने के कोई प्रत्यक्ष संकेत नहीं हैं। वैसे पिछले एक से दो हफ्ते में मुंबई में कोरोना संक्रमण के मामलों में मामूली वृद्धि हुई है जो स्थानीय ट्रेनों, दुकानों और रेस्तरां के खुलने के कारण हो सकता है। केरल में निश्चित रूप से मामले बढ़ रहे हैं लेकिन वहां तीसरी लहर के मानक अभी पूरे नजर नहीं आ रहे हैं। हालांकि केरल लगातार 30,000 से अधिक मामले महामारी की गंभीरता की ओर इशारा कर रहे हैं।

केरल में 32,803 नए मामले
केरल में बुधवार को कोरोना संक्रमण के 32,803 नए मामले सामने आए जबकि 173 लोगों की मौत हो गई। राज्‍य सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक राज्‍य में संक्रमितों का आंकड़ा 40,90,036 हो गया है जबकि 20,961 लोगों की मौत हो चुकी है। केरल में पिछले बीते कुछ दिनों से लगातार 30 हजार से अधिक मामले दर्ज किए जा रहे हैं। हालांकि आईसीयू क्षमता और वेंटिलेटर पर दबाव नहीं बढ़ा है। केरल में 5,24,380 मरीजों का घर पर इलाज चल रहा है जबकि 32,705 संक्रमित विभिन्‍न अस्‍पतालों में भर्ती हैं।

देश में डेल्‍टा और अन्‍य वैरिएंट के 856 मामले
कोरोना के वैरिएंट का पता लगाने के लिए गठित 28 प्रयोगशालाओं के संगठन इंडियन सार्स-कोव-2 जीनोमिक कंसोर्टियम (इंसाकाग) का कहना है कि देश में डेल्टा वैरिएंट और उससे पैदा हुए अन्य वैरिएंट के कुल 856 मामले पाए गए हैं। हालांकि ब्रेकथ्रू संक्रमण के मामले अपेक्षित संख्या के भीतर हैं। बता दें कि कोविड-19 रोधी टीकाकरण के बावजूद भी जब कोई कोरोना से संक्रमित हो जाता है तो उसे ब्रेकथ्रू केस कहते हैं। राहत की बात यह भी है कि इजरायल में पाए गए एवाई.12 के मामले भी देश में नहीं मिले हैं।

महाराष्‍ट्र में 183 लोगों की मौत, मुंबई में बढ़े केस
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक देश में बीते 24 घंटे के दौरान कोरोना के 41965 नए मामले मिले हैं। यही नहीं बीते एक दिन में देश में महामारी से 460 लोगों की मौत भी हुई है। मौजूदा वक्‍त में सक्रिय मामले 3,78,181 हो गए हैं जो कुल मामलों का 1.15 फीसद है। महाराष्‍ट्र में बीते 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के 4,456 नए मामले सामने आए हैं जबकि 183 लोगों की मौत हो गई है। मुंबई में 21 जुलाई के बाद बीते 24 घंटे में 416 नए मामले सामने आए हैं जबकि चार लोगों की मौत हो गई है।

टीपीआर में बढ़ोतरी से चिंता, लाकडाउन की हिमायत
केरल में कोविड-19 जांच पाजीटिविटी रेट (टीपीआर) अधिक है। समाचार एजेंसी पीटीआइ के मुताबिक कुछ जिलों में तो यह 20 फीसद से भी ज्यादा है जो वायरस के तेजी से फैलने की गवाही दे रही है। इस स्थिति के मद्देनजर सरकारी सूत्रों ने संक्रमण की रोकथाम के लिए सख्त उपायों और लॉकडाउन की जरूरत बताई है। सूत्रों ने कहा कि केरल में 85 फीसद से अधिक मरीजों के घरों में होने के कारण सख्त रोकथाम के उपायों को लागू करने की दरकार है। कई क्षेत्रों में आइसोलेशन के दिशानिर्देशों का पालन समुचित तरीके से नहीं किया जा रहा है। इसी वजह से संक्रमण फैल रहा है।