अभी-अभी: आन्दोलन के बीच किसानों को बड़ा तोहफा, खट्टर सरकार ने…

चंडीगढ़: हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जय प्रकाश दलाल ने प्रदेश के किसानों से फसल अवशेष प्रबंधन अपनाने की अपील की है। इसके तहत जो किसान स्ट्रॉ बेलर द्वारा पराली की गांठ/बेल बनाकर या बनवाकर उसका निष्पादन किसी सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम व अन्य औद्योगिक इकाइयों में करेगा, उसे 1000 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

यह राशि 50 क्विंटल एवं 20 क्विंटल प्रति एकड़ पराली उत्पादन को मानते हुए दी जाएगी। इस योजना के लिए सरकार ने 230 करोड़ रुपये का बजट तय किया है। इसके लिए किसान कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के पोर्टल https://agriharyana.gov.in पर अपना पंजीकरण करवाएं। टोल फ्री नंबर 1800 180 2117 पर भी संपर्क किया जा सकता है। इस पोर्टल पर किसान और उद्योग पराली की गाठों/बेलों का क्रय-विक्रय कर सकते हैं। एसीएस डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि वर्ष 2020-21 में 24409 किसान पोर्टल पर पंजीकृत हुए थे।

हर साल फसल अवशेषों को जलाने से पैदा हो रही दिक्कतों के समाधान को लेकर हरियाणा सरकार एक ऐसी महत्वाकांक्षी योजना पर तेजी से काम कर रही है। सब कुछ सामान्य रहा तो आगामी एक साल में हरियाणा के अलग-अलग स्थानों पर 50 कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट स्थापित किए जाएंगे। इन प्लांटों से निकलने वाली 3212 मिलियन मीट्रिक टन गैस को पेट्रोलियम कंपनियां खरीदेंगी और इसका इस्तेमाल वाहनों में पेट्रोल-डीजल के विकल्प के तौर पर किया जाएगा। इससे न केवल पराली का समाधान होगा, बल्कि प्रदूषण भी कम होगा।

प्रदेश में धान और गेहूं के सीजन में हर बार फसलों के अवशेषों को जलाया जाता है। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों से सरकार गंभीर है और किसानों को इसके लिए जागरूक कर रही है। साथ ही फसल अवशेष जलाने पर एफआईआर तक दर्ज की जा रही हैं। इसी बीच हरियाणा सरकार ने प्रदेश को अलग-अलग क्लस्टर में बांटकर कुल 265 कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट स्थापित करने की योजना बनाई है। सरकार की ओर से इन लोगों को रजामंदी का पत्र भी जारी किया जा चुका है।