अभी-अभी: आंदोलन के बीच किसानों को खुश करने में जुटी मोदी सरकार, कर दिया ये बडा ऐलान…

नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्रिपरिषद के पुनर्गठन के बाद केंद्र सरकार ने कृषि के क्षेत्र में बड़ा फैसला लेते हुए किसानों को रिझाने की कोशिश की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में मंडी के जरिए किसानों तक एक लाख करोड़ रुपये पहुंचाने की योजना तैयार की गई है। सरकार का कहना है कि वह मंडी व्यवस्था को मजबूत बनाने की कोशिश में जुटी हुई है और इस मामले में किसानों को किसी प्रकार का भ्रम नहीं होना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा है कि किसानों का हित मेरी सरकार की पहली प्राथमिकता है और इसके लिए हम पूरी तरह तत्पर हैं।

केंद्र सरकार की ओर से पारित नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसान संगठनों ने सात महीने से अधिक समय से आंदोलन छेड़ रखा है और वे किसी भी कीमत पर दिल्ली का बॉर्डर छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं। ऐसे में सरकार की ओर से उठाए गए कदम को किसान संगठनों को रिझाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। अब सरकार इस मामले में किसान संगठनों के प्रतिक्रिया का इंतजार कर रही है

एपीएमसी को नहीं होगा कोई नुकसान
केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से पारित नए कानून से एपीएमसी (APMC) के अस्तित्व को कोई नुकसान नहीं होने वाला। उन्होंने कहा कि कुछ लोग किसानों को भरमाने की कोशिश में लगे हुए हैं कि नए कानून से एपीएमसी खत्म हो जाएंगे जबकि ऐसा कुछ भी नहीं होने वाला है।

उन्होंने कहा कि सरकार मंडियों के व्यवस्था को और मजबूत बनाने की कोशिश में जुटी हुई है। कृषि मंत्री ने साफ किया कि केंद्र सरकार की ओर से इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के तौर पर एक लाख करोड़ की राशि जारी की गई थी और अब एपीएमसी भी इस फंड का इस्तेमाल करने में सक्षम होगी। सरकार के इस कदम से ज्यादा से ज्यादा किसानों को फायदा होगा।

मंडी व्यवस्था को मजबूत बनाने की कोशिश
कृषि मंत्री ने दावा किया कि पिछले सात वर्षों के दौरान मोदी सरकार ने किसानों के हित में कई बड़े फैसले किए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार बजट में ही स्पष्ट कर चुकी है कि मंडी व्यवस्था को समाप्त नहीं किया जाएगा, बल्कि सरकार की ओर से मंडियों को और मजबूत बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा नारियल की खेती को बढ़ावा देने सरकार नारियल बोर्ड अधिनियम में भी संशोधन करने जा रही है। संशोधन के बाद नारियल बोर्ड का अध्यक्ष एक गैर सरकारी व्यक्ति होगा। सरकार का प्रयास होगा कि ऐसे व्यक्ति को चुना जाए, जो किसान वर्ग से जुड़ा हो ताकि उसे इस क्षेत्र से जुड़े हुए कामों की जानकारी हो।

कृषि मंत्री तोमर ने एक बार फिर नए कृषि कानूनों को लेकर किसानों के साथ बातचीत करने की बात दोहराई। उन्होंने कहा कि सरकार पहले भी कह चुकी है कि वह किसान संगठनों से बातचीत करने के लिए खुले मन से तैयार है। किसान संगठनों के साथ कानून के हर पहलू पर बातचीत की जा सकती है, लेकिन हम यह भी स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि सरकार नए कृषि कानून वापस लेने के लिए किसी भी सूरत में तैयार नहीं है।

उन्होंने कहा कि किसान संगठनों के साथ पहले भी हुई वार्ताओं में इस बात को स्पष्ट किया जा चुका है, मगर कुछ संगठन किसानों को बरगलाने की कोशिश में जुटे हुए हैं। ऐसे संगठनों को किसानों को बरगलाना छोड़ कर खुले मन से बातचीत के लिए आगे आना चाहिए।

मोदी ने कहा-किसानों को होगा फायदा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा है कि सरकार ने कृषि और किसानों के कल्याण को लेकर महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। पीएम ने अपने ट्वीट में कहा कि मंडियों को सशक्त बनाने के लिए कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के उपयोग के साथ ही लोन पर ब्याज में छूट की व्यवस्था भी की गई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन कदमों से निश्चित रूप से किसानों को फायदा होगा।

दूसरी ओर कृषि मंत्री तोमर ने एक बार फिर किसान संगठनों से आंदोलन का रास्ता छोड़कर वार्ता के लिए आगे आने की अपील की है। उन्होंने कहा कि वार्ता के जरिए ही इस समस्या का हल खोजा जा सकता है। माना जा रहा है कि सरकार की ओर से किसानों को और जाने का एक बार फिर नया प्रयास शुरू किया गया है। इसके जरिए मोदी सरकार किसान आंदोलन से हुए नुकसान की भरपाई करने में जुटी हुई है।

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