अभी अभीः राकेश टिकैत को हिरासत में लेते ही किसान हुए बेकाबू, पुलिस ने वॉटर कैनन चलाई, मौके पर…-देंखे वीडियो

करनाल। हरियाणा के करनाल में किसान जिला प्रशासन से बातचीत विफल होने के बाद जिला सचिवालय का घेराव करने निकले हैं। अनाज मंडी से सचिवालय की तरफ बढ़ रहे किसानों को पुलिस ने रोकने की कोशिश की, लेकिन किसान आगे बढ़ने पर अड़े रहे। इसके बाद पुलिस ने राकेश टिकैत और योगेंद्र यादव समेत कुछ किसान नेताओं को हिरासत में ले लिया। हालांकि, थोड़ी देर बाद इन्हें छोड़ दिया गया।

करनाल की अनाज मंडी से निकले किसान मिनी सचिवालय तक पहुंच गए। सचिवालय के मेन गेट पर पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स मौजूद थी। किसानों को खदेड़ने के लिए पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया। हालांकि, इसके बाद भी किसान सचिवालय के सामने ही जमा हो गए हैं। किसान नेता यहां सभा कर सकते हैं। इस बैठक में ही आगे की रणनीति तय की जाएगी।

हरियाणा के 5 जिलों में इंटरनेट-बल्क SMS बंद
इधर, किसानों के आंदोलन के चलते हरियाणा के 5 जिलों में मोबाइल इंटरनेट और बल्क SMS सर्विस बंद कर दी गई हैं। गृह सचिव-1 डॉ. बलकार सिंह के आदेश के अनुसार, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए करनाल, कुरुक्षेत्र, कैथल, पानीपत और जींद में सोमवार रात 12 बजे से मंगलवार रात 11:59 बजे तक मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद रहेगी।

किसानों ने बसें रोकीं, हाईवे पर जाम लगा
करनाल के DC और SP किसानों को हिरासत में लेने के बाद उनसे भरी बसों को बाहर भेजने के आदेश दे रहे थे। उसी दौरान किसान सड़क के बीच बैठ गए। वहीं, फ्लाईओवर पर कुछ शरारती तत्त्वों ने वाहनों को डंडे दिखाकर रोक लिया। करीब 10 मिनट तक वाहन रोककर रखने से हाईवे पर जाम की स्थिति बन गई।

पैरामिलिट्री फोर्स समेत 40 कंपनियां तैनात
करनाल के SP गंगाराम पुनिया ने बताया कि कानून व्यवस्था बनाए रखने को लेकर पुलिस पूरी मुस्तैद है। धारा-144 लागू है। किसानों को मिनी सचिवालय तक पहुंचने से रोकने के लिए पैरामिलिट्री फोर्स समेत सुरक्षाबलों की 40 कंपनियां तैनात की गई हैं। लघु सचिवालय समेत 18 जगहों पर नाके लगाए गए हैं। जीटी रोड और शहर से लघु सचिवालय तक पहुंचने वाले रास्तों को ब्लॉक किया गया है।

किसानों की गिरफ्तारी के लिए 40 बसें बुलाईं
नमस्ते चौक पर लगे चौथे नाके पर प्रशासन ने 40 रोडवेज बसें बुला ली। किसान गिरफ्तारी के लिए तैयार हो गए। वहीं, आधे से ज्यादा किसान फ्लाईओवर से होकर नमस्ते चौक से आगे निकल गए।

इससे पहले, सोमवार दोपहर को भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के नेताओं और करनाल के प्रशासनिक अफसरों के बीच मिनी सचिवालय में बैठक हुई थी, जो बेनतीजा रही। एक घंटे चली इस बैठक में जिला प्रशासन की ओर से डीसी निशांत कुमार यादव, एसपी गंगाराम पुनिया और किसानों की ओर से भाकियू प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी, जिला प्रधान जगदीप औलख समेत 6 सदस्य शामिल हुए।
प्रशासनिक अफसरों के साथ बातचीत किसानों की बातचीत हुई। इस दौरान किसान नेताओं ने ​तत्कालीन SDM आयुष सिन्हा को सस्पेंड करने की मांग की। अफसरों ने इससे इनकार कर दिया। उसके बाद किसान नेता बैठक से उठकर बाहर आ गए और अनाज मंडी की ओर निकल गए।

बैठक के बाद चढ़ूनी ने कहा कि जिला प्रशासन ने 30 अगस्त के पुलिस लाठीचार्ज में मारे गए किसान सुशील काजल के बेटे को डीसी रेट पर नौकरी देने का ऑफर किया है, जो स्वीकार करने योग्य नहीं है। उनकी अन्य मांगों पर जिला प्रशासन ने कोई चर्चा नहीं की

पिछली दो बैठकों से भी बाहर आ गए थे किसान नेता
इससे पहले दो दौर की वार्ता के बाद चढूनी-टिकैत समेत 11 सदस्य उठकर कुछ देर के लिए बाहर आए थे। बाहर आकर किसान नेताओं ने कहा था- जो हम मांग रहे, वह प्रशासन नहीं दे रहा और जो प्रशासन दे रहा, वह हम नहीं ले रहे।

पहली वार्ता के बाद भी एक ब्रेक भी लिया गया था। दूसरे दौर की वार्ता के बाद भी जब बात नहीं बनी तो सभी किसान नेता उठकर बाहर आ गए। हालांकि, कुछ ही देर बाद प्रशासन ने किसान नेताओं को तीसरे दौर की वार्ता के लिए भीतर बुला लिया। अब तीसरे दौर की वार्ता भी विफल हो गई है।