अभी अभीः योगी सरकार के चंगुल में फंसी प्रियंका गांधी, पिछले 38 घंटों से…

नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने अपनी गिरफ्तारी पर सवाल उठाए हैं। कहा है कि पुलिस की ओर से कुल 11 लोगों के खिलाफ मुकदमा हुआ है, जिसमें दो मेरे लिए कपड़े लाए थे, जबकि 8 उस वक्त मौजूद ही नहीं थे।

प्रियंका गांधी ने कहा कि मुझे अपनी गिरफ्तारी अखबारों के जरिए पता लगी। कहा, “मुझे गिरफ्तार करने वाले अधिकारी डीसीपी पीयूष कुमार सिंह, सीओ सिटी, सीतापुर द्वारा ये जानकारी मुझे मौखिक रूप से दी गई। मुझे 4 अक्टूबर को सुबह 4.30 बजे धारा 151 के तहत गिरफ्तार किया गया है। जिस समय मुझे गिरफ्तार किया गया था, मैं सीतापुर जिले के गेस्ट हाऊस में थी, जो लखीमपुर खीरी से करीब 20 किलोमीटर दूर है।”

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प्रियंका गांधी ने कहा “मेरी जानकारी में सीतापुर में धारा 144 नहीं लगाई गई थी। वैसे भी मैं चार अन्य व्यक्तियों, दो स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं, सांसद दीपिंदर हुड्डा और संदीप सिंह के साथ एक ही वाहन में यात्रा कर रही थी। मेरे साथ चल रहे चार लोगों के अलावा कोई सुरक्षा गाड़ी या कांग्रेस कार्यकर्ता मेरे साथ नहीं थे। फिर मुझे 2 महिला और 2 पुरुष कांस्टेबल के साथ पीएसी परिसर सीतापुर ले जाया गया। पीएसी परिसर में लाए जाने के बाद अब तक यूपी पुलिस या प्रशासन द्वारा की ओर से मुझ पर जिन धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं, उन्हें बताया भी नहीं गया।”

प्रियंका गांधी ने कहा कि अभी तक पुलिस या प्रशासन की ओर से मुझे मुकदमे की कॉपी नहीं दिखाई गई। जिन 11 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है, उनमें से 8 मौके पर मौजूद नहीं थे, जबकि 2 मेरे लिए कपड़े लाए थे। प्रियंका ने सवाल किया कि मुझे किसी मजिस्ट्रेट या किसी अन्य न्यायिक अधिकारी के सामने अभी तक पेश नहीं किया गया है।