अभी अभीः भिंडरावाले पर राकेश टिकैत के मुंह से निकली ऐसी बात, जानकर लगेगा झटका-देंखे वीडियो

नई दिल्ली। किसान आंदोलन का सिलसिला पिछले एक साल से चल रहा है, लेकिन इसके समाधान की किरण कहीं नजर नहीं आ रही है। इसके उलट इसे लेकर तरह-तरह के पहलू सामने आ रहे हैं, जिसे देखते हुए इसका समाधान तो दूर, बल्कि इतने सारे नए विवाद पैदा हो जा रहे हैं कि सरकार के सामने नई-नई चुनौतियां पैदा हो रही हैं। अब इसी कड़ी में भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने मीडिया से मुखातिब होने के क्रम में भिंडरावाले के बारे में कुछ ऐसा कह दिया कि हमेशा से सुर्खियों में रहने वाले टिकैत ने सुर्खियों के बाजार को फिर खिलखिला कर दिया। टिकैत ने भिंडरावाले के बारे में कहा कि कुछ लोग उन्हें संत मानते हैं, तो सरकार आतंकवादी मानती है। टिकैत का यह बयान आप नीचे लगे लिंक पर क्लिक कर देख सकते हैं।

लखीमपुर खीरी। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा (Ajay Mishra news) के घर पर पुलिस ने नोटिस चस्पा कर दिया है। लखीमपुर-खीरी के तिकुनिया में हुई किसानों की मौत के मामले में मंत्री के बेटे आशीष मिश्रा को मुख्य आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने आशीष को शुक्रवार सुबह पूछताछ के लिए बुलाया है। चस्पा किए गए नोटिस में आशीष मिश्रा को सुबह 10 बजे क्राइम ब्रांच ऑफिस बुलाया है।

केंद्रीय मंत्री और उनका बेटा आशीष मिश्रा बुरी तरह घिरे
लखीमपुर में रविवार को हुई घटना के मामले में केंद्रीय गृह राज्‍य मंत्री अजय कुमार मिश्रा टेनी और उनका बेटा आशीष मिश्रा बुरी तरह घिर चुके हैं। विपक्ष के अलावा किसान संगठन मंत्री के इस्‍तीफे और आशीष मिश्रा की गिरफ्तारी पर अड़े हैं। गुरुवार को पुलिस ने घटना से जुड़े दो आरोपियों को पूछताछ के लिए बुलाया था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस जिनसे पूछताछ कर रही है उनके नाम आशीष पांडेय और लवकुश हैं।

आईजी ने कहा- आशीष को समन भेजेंगे, नहीं आए तो…
इससे पहले आईजी लक्ष्मी सिंह ने भी मीडिया से बातचीत में मुख्‍य आरोपी (आशीष मिश्रा) को समन भेजने की की पुष्टि की थी। उन्होंने कहा कि आशीष का बयान दर्ज करने के बाद आगे की कार्रवाई बढ़ाई जाएगी। अगर वे नहीं आते हैं, तो हम अदालत जाएंगे और कानूनी प्रक्रिया का पालन करेंगे। आईजी ने कहा, ‘हमारी टेक्निकल और फॉरेंसिक टीम लगातार घटनास्‍थल पर छानबीन कर रही है। टीम घटना से जुड़े सबूत जुटाने में लगी है। जल्‍द ही इसके बारे में विस्‍तृत जानकारी दी जाएगी।’

खालिस्तान से जुड़ा भिंडरावाले का नाता

गौरतलब है कि किसान आंदोलन में कथित तौर पर खालिस्तान का कई मर्तबा जिक्र किया जा चुका है। इस आंदोलन के विरोधियों का कहना है कि किसानों के नाम पर संचालित किया जा रहा यह आंदोलन अब पूरी तरह से खालिस्तानी विचारधारा से तरबतर हो चुका है, जबकि आंदोलनकारी किसानें का कहना है कि किसानों के हित में उठाई जा रही आवाज को दबाने की दिशा में इसे खालिस्तानी का लबादा पहनाया जा रहा है। बता दें कि इससे पहले बीजेपी के कई नेता इस आंदोलन को खालिस्तान से प्रेरित बता चुके हैं।

इसे लेकर तो यहां तक बताया जा रहा है कि इसे संचालित करने के लिए विदेशों से फंडिंग हो रही और इसमें शामिल होने वाले किसान नहीं हैं, बल्कि किसानों के रूप में उत्पाती हैं, जो लगातार किसानों के विरोध में अपनी आवाज मुखर कर रहे हैं।

उधर, राकेश टिकैत द्वारा दिया गया यह बयान भिंडरावाले को कुछ लोग संत मानते हैं तो सरकार आतंकवादी मानती है, काफी चर्चा में है। जिस तरह से किसानों के आंदोलन को खालिस्तान से जोड़कर देखा जा रहा है, उसे देखते हुए यह साफ है कि राकेश टिकैत के इस बयान का चर्चा में रहना लाजिमी है.