अभी अभीः तीसरी लहर पर बेहद बुरी खबर, देश के इन राज्यों को बडा अलर्ट, फिर से…

नई दिल्ली: कोरोना वायरस का डेल्टा वैरिएंट काफी तेजी से बढ़ रहा है। केरल में इस वैरिएंट की वजह से महामारी ने आक्रामक रूप ले लिया है, जिसके चलते कुछ जिलों में संक्रमण दर 20 फीसदी से भी अधिक हो चुका है। देश के ज्यादातर राज्यों में डेल्टा वैरिएंट ही सामने आ रहा है। मंगलवार को यह जानकारी देते हुए नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (एनसीडीसी) के निदेशक डॉ. सुजीत कुमार सिंह ने बताया कि डेल्टा वैरिएंट के चलते सभी राज्यों को अलर्ट पर रहने की सलाह दी गई है।

उन्होंने बताया कि अभी तक जहां ज्यादातर सैंपल में डेल्टा वैरिएंट मिल रहा है। वहीं इससे जुड़े डेल्टा प्लस, एवाई2, एवाई3 वेरिएंट भी भारत में मिले हैं। अब तक डेल्टा और इससे जुड़े चार वैरिएंट मिल चुके हैं। लगभग हर राज्य में मामले सामने आए हैं। डॉ. सुजीत कुमार ने बताया कि डेल्टा को छोड़ दें तो डेल्टा प्लस के चार वेरिएंट के आक्रामक होने के सुबूत नहीं मिले हैं, लेकिन डेल्टा वैरिएंट काफी तेजी से फैल रहा है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव कुमार अग्रवाल ने बताया कि देश में पिछले दो हफ्ते में दो फीसदी से भी कम संक्रमण दर दर्ज की गई है। इस सप्ताह संक्रमण दर 1.87 फीसदी है। हालांकि, 11 राज्यों के 44 जिलों में संक्रमण दर 10 फीसदी से अधिक है। केरल में ऐसे 10 जिले हैं। छह पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, नागालैंड व सिक्किम में 29 जिले ऐसे हैं जहां संक्रमण दर 10 फीसदी से अधिक है। सचिव ने बताया कि पिछले सप्ताह मिले कुल मामलों में 51.51 फीसदी मामले सिर्फ केरल से हैं। केरल और तमिलनाडु सहित नौ राज्यों के 37 जिलों में पिछले दो सप्ताह में नए मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल ने कहा कि डेल्टा वैरिएंट करीब दोगुना से भी अधिक क्षमता के साथ फैलता है। केरल में इसका उदाहरण देखने को मिल रहा है। जबकि अमेरिका व ब्रिटेन में नई लहर भी इसका परिणाम है। उन्होंने बताया कि इस वैरिएंट के चलते अस्पतालों में बिस्तरों का संकट खड़ा हो सकता है। केरल में मई, जून और जुलाई के कुछ सप्ताह में 25 से 30 फीसदी मौतें अस्पताल में भर्ती होने के 72 घंटे के भीतर हुई हैं। इससे पता चलता है कि संक्रमण का असर कितना जानलेवा हो सकता है। साथ ही इस वैरिएंट की वजह से मरीज की हालत बिगड़ भी सकती है। हालांकि वैक्सीन इस वैरिएंट पर असरदार है। साथ ही कोरोना के सामान्य प्रोटोकॉल का पालन करते हुए इससे बचा जा सकता है।

एनसीडीसी के अनुसार देश में अब तक 58240 सैंपल 28 लैब को प्राप्त हुई हैं जिनमें से 48478 सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग पूरी हो चुकी है। इनमें 86 सैंपल में डेल्टा प्लस और उससे जुड़े अन्य तीन वैरिएंट मिले हैं। यह लगभग सभी राज्यों में मिले हैं। महाराष्ट्र में सर्वाधिक 36 और तमिलनाडु में 10 सैंपल में उनकी मौजूदगी है। अब तक विदेशी यात्रा से वापस आए यात्रियों के 5178 सैंपल में 839 वैरिएंट की पुष्टि हो चुकी है। वहीं 43,300 सैंपल की सीक्वेसिंग में 28,093 गंभीर वैरिएंट से ग्रस्त मिले हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार हिमाचल प्रदेश और पंजाब में कोरोना की आर वैल्यू (रिप्रोडक्शन वैल्यू) सबसे ज्यादा बढ़ रही है। इस वैल्यू का मतलब एक संक्रमित व्यक्ति से अन्य लोगों के संक्रमित होने से है। इन दोनों ही राज्यों में आर वैल्यू 1.3-1.3 है। यहां एक कोरोना संक्रमित मरीज से 1.3 लोगों में संक्रमण फैल रहा है। इनके अलावा गुजरात और मध्यप्रदेश में यह आर वैल्यू 1.1 पर स्थिर है। जबकि उत्तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश में भी यह बढ़ रही है। उत्तर प्रदेश में एक कोरोना संक्रमित व्यक्ति से 1.1 और आंध्र प्रदेश में एक व्यक्ति संपर्क में आने के बाद संक्रमित हो रहा है।