अफगानिस्तान में अभी इतने बुरे हैं हालात, देखें तालिबान की क्रूरता की खौफनाक तस्वीरें

काबुल। अफगानिस्तान (Afghanistan) से अमेरिकी सैनिकों की वापसी के साथ ही तालिबान लड़ाकों (Taliban Fighter) ने राजधानी काबुल समेत अधिकांश प्रांतों पर कब्जा कर लिया है. तालिबान ने अफगानिस्तान के राष्ट्रपति भवन (Afghan Presidential Palace) पर कब्जे का दावा किया है और जल्द ही अफगानिस्तान पर कब्जे का ऐलान कर सकता है. अफगानी नागरिक तालिबान के भय से देश छोड़ना चाहते हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि तालिबान एक बार फिर अपने क्रूर शासन को लागू कर सकता है.

अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी के देश छोड़ते ही तालिबान लड़ाके काबुल में घुस गए हैं और आज अफगानिस्तान पर कब्जे का ऐलान कर सकता है.

काबुल में अमेरिकी दूतावास के पास दो बड़े धमाके की खबर है. इस धमाके में किसी के घायल होने या मारे जाने के बारे में अभी तक जानकारी नहीं मिल पाई है. अमेरिका ने अपने नागरिकों से सुरक्षित स्थानों पर छिपने के लिए कहा है. गोलीबारी के कारण काबुल एयरपोर्ट पर भी आग लग गई है.

नागरिक इस भय से देश छोड़ना चाहते हैं कि तालिबान उस क्रूर शासन को फिर से लागू कर सकता है, जिसमें महिलाओं के अधिकार खत्म हो जाएंगे. वहीं काबुल में अधिक सुरक्षित माहौल के लिए देश के ग्रामीण क्षेत्रों में अपने घरों को छोड़कर आए हजारों की संख्या में आम लोग पूरे शहर में उद्यानों और खुले स्थानों में शरण लिए हुए दिखे.

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल को अपनी गिरफ्त में लेने के बाद तालिबान काबुल की जरूरी जगहों पर अपना कब्जा कर रहा है. वहीं काबुल में तालिबान के प्रवेश के बाद लोगों ने खुद को अपने घरों में बंद कर लिया है.

तालिबान ने अफगानिस्तान के राष्ट्रपति भवन (Afghan Presidential Palace) पर कब्जा कर लिया है. अल-जजीरा न्यूज नेटवर्क पर प्रसारित वीडियो फुटेज में तालिबान लड़ाकों का एक बड़ा समूह राजधानी काबुल में स्थित राष्ट्रपति भवन के भीतर नजर आ रहा है.

अफगानिस्तान में लगभग दो दशकों में सुरक्षा बलों को तैयार करने के लिए अमेरिका और नाटो द्वारा अरबों डॉलर खर्च किए जाने के बावजूद तालिबान ने आश्चर्यजनक रूप से एक सप्ताह में लगभग पूरे अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया.

तालिबान के नेता मुल्ला बरादर अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी से सत्ता हस्तांतरण के लिए बातचीत करने पहुंचे थे. इससे पहले तालिबान की ओर से कहा गया कि वो शांतिपूर्ण ढंग से बातचीत के जरिए हल चाहते हैं. देश की जनता को डरने की जरूरत है.100 से अधिक दिनों से जारी संघर्ष के बाद तालिबान ने अफगानिस्तान पर कब्जा जमाया है.

अफगानिस्तान के रहने वाले और विदेशी भी युद्धग्रस्त देश से निकलने को प्रयासरत हैं, हालांकि काबुल हवाई अड्डे से वाणिज्यिक उड़ानें बंद होने के कारण लोगों की इन कोशिशों को झटका लगा है.

तालिबान द्वारा अफगानिस्तान पर अपने कब्जे की घोषणा राष्ट्रपति भवन से करने और देश को फिर से ‘इस्लामिक अमीरात ऑफ अफगानिस्तान’ का नाम देने की उम्मीद है. तालिबान आज अफगानिस्तान में अपनी सरकार का ऐलान करने जा रहा है.

काबुल में अमेरिकी दूतावास ने एक सुरक्षा अलर्ट में कहा कि अफगान राजधानी में सुरक्षा की स्थिति तेजी से बदल रही है. इसमें एयरपोर्ट भी शामिल है, ऐसे में लोग सुरक्षित और सतर्क रहें.