अच्छे भाई और सही पत्नी की कब होती है पहचान? जानिये क्या कहा है चाणक्य ने

चाणक्य नीतियां आज भी प्रासंगिक हैं। आचार्य चाणक्य की नीतियां अपनाकर लोग आज भी सफलता हासिल करते हैं। चाणक्य ने एक नीति के जरिए मित्र, पत्नी और भाई से जुड़ी बातों का जिक्र किया है। चाणक्य ने बताया है कि अच्छे भाई और सही पत्नी की पहचान किस समय होती है। इसके साथ ही उन्होंने एक नीति में बताया है कि मित्र बनाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

कब किसकी होती है पहचान-

चाणक्य कहते हैं कि नौकर की पहचान कार्य के समय, भाई और मित्र की पहचान संकट के समय होती है। इसी तरह पत्नी की पहचान धन नष्ट होने पर होती है। चाणक्य का कहना है कि पति-पत्नी का रिश्ता भरोसे पर टिका होता है। जो स्त्री पति की हर परिस्थिति में साथ निभाती है, वह सही जीवन संगिनी होती है। इसी तरह से संकट आने पर, शत्रुओं से घिरने पर, रोग और दुख में जो मित्र साथ निभाता है, वही सच्चा मित्र होता है।

मित्रता करते समय इन बातों का रखें ध्यान-

चाणक्य कहते हैं कि व्यक्ति को मित्रता करते समय सावधान रहना चाहिए। क्योंकि सच्चा मित्र वही होता है जो अच्छे और बुरे में साथ निभाता है। सच्चा मित्र मुश्किल समय आने पर आपको कभी धोखा नहीं देता है। अगर मित्र सही नहीं हुआ तो, आपको बड़ा नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए मित्र बनाते समय सतर्क रहना जरुरी है।

धन के मामले में न करें किसी का विश्वास-

चाणक्य कहते हैं कि धन ऐसी चीज है जिसके कारण किसी का भी विश्वास डगमगा सकता है। इसलिए किसी भी व्यक्ति पर धन के मामले पर विश्वास नहीं करना चाहिए।