अगले 3 दिन दिल्ली समेत इन राज्य में होगी झमाझम बारिश, यहां देखें लिस्ट

नई दिल्ली। दक्षिण पश्चिम मानसून करीब दो हफ्ते के बाद 19 अगस्त से फिर से उत्तर भारत में सक्रिय होगा. यह जानकारी बुधवार को भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दी. आईएमडी ने कहा कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के अलग-अलग स्थानों पर 19 से 21 अगस्त तक भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है. उसने कहा कि हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पश्चिम उत्तर प्रदेश में 20- 21 अगस्त को बारिश होने का अनुमान है. बिहार के कुछ स्थानों पर 20-22 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है.

आईएमडी ने कहा कि गुजरात, महाराष्ट्र, ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल के गंगा वाले क्षेत्रों में 18 और 19 अगस्त को, मध्यप्रदेश में 18 से 20 अगस्त को, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ में 18 अगस्त को बारिश हो सकती है. इसने कहा कि पूर्वोत्तर भारत और हिमालय के पश्चिम बंगाल, सिक्किम में अगले दो दिनों तक बारिश होने की संभावना है.

दिल्ली के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी
इसके साथ ही भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने उत्तर पश्चिम भारत में मानसून के फिर से दस्तक देने के साथ ही राष्ट्रीय राजधानी में शुक्रवार को मध्यम बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया. ऐसी संभावना है कि बारिश की वजह से तीन-चार दिनों में अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस तक नीचे आ जाएगा.

दिल्ली में इस महीने में सामान्य 157.1 मिमी बारिश की तुलना में महज 63.2 मिमी बारिश दर्ज की गई क्योंकि दिल्ली और उत्तर पश्चिम भारत के इसके आसपास के इलाके दूसरी बार 10 अगस्त को ‘मानसून क्रम टूटने’ के चरण में प्रवेश कर गए थे.

आईएमडी ने अब उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली में मानसून के फिर से दस्तक देने के साथ 19 अगस्त से 23 अगस्त के बीच मध्यम तथा कहीं-कहीं भारी बारिश का अनुमान लगाया है.

अगस्त के आखिरी 10 दिनों में होगी अच्छी बारिश
मौसम विशेषज्ञों ने कहा कि इस महीने के अंतिम 10 दिन में ‘अच्छी बारिश’ होने की संभावना है और इससे राजधानी में जो बारिश की जो कमी हुई है, वह पूरी हो जाएगी.

सामान्य तौर पर दिल्ली में अगस्त के महीने में 247.7 मिमी बारिश होती है. आईएमडी ने इस महीने दिल्ली में सामान्य बारिश का अनुमान लगाया था.

जब मानसून हिमालय की तलहटी के करीब पहुंच जाता है तो देश के अधिकतर इलाकों में बारिश में गिरावट होती है. इस दौरान हिमालय के तलहटी के इलाकों, पूर्वोत्तर भारत और दक्षिणी प्रायद्वीप के हिस्सों में बारिश बढ़ जाती है.