अगर इशारा करके सड़कों पर बुलाते दिखे बच्चे तो गलती से भी ना रोके गाड़ी, हो जाएंगे लहूलुहान…

देश की राजधानी और महानगर में शुमार दिल्ली की सड़कों पर बढ़ रही भीड़ की तादाद से कहीं ज्यादा या फिर के अनुपात में हमें-आपको रोज-रोज नए-नए जोखिम भी बढ़ रहे हैं. वे जोखिम जिनका शिकार तो हम और आप ही होंगे मगर, शिकार होने तक पता ही नहीं चलेगा कि राजधानी दिल्ली की सड़कों पर हम किसी ‘अनजान-मुसीबत’ में फंस चुके हैं या फंसने वाले हैं. जब तक कुछ समझ में आएगा तब तक सिर आई मुसीबत आपको अपनी हद-जद में लपेट चुकी होगी. आप-हम लुट-पिट, जख्मी हो चुके होंगे.

बात यहीं पर खत्म नहीं होती है. संभव है कि आपने अपने साथ घट रही घटना या अनहोनी का विरोध किया तो, आपको सरेआम लहू-लुहान भी कर डाला जाए. ऐसे में जब तक आपके बुलाने पर आपकी मदद के लिए दिल्ली पुलिस मौके पर पहुंचेगी, तब तक आप सड़कों पर दौड़ रहे वाहनों-इंसानों की बेतहाशा भीड़ के बीच भी खुद को असहाय, बेसहारा-बेबस-बिचारा सा ही महूसस करेंगे. उस दिल्ली जैसे बड़े महानगर और भीड़-भाड़ वाले शहर की चौड़ी सड़कों, यहां से निकलने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों पर. जहां से हिंदुस्तान की हुकूमत चलती है और जहां कानून बनते हैं.

भीड़ भरी सड़कों पर भी रहें बेहद सतर्क
दरअसल यह तमाम बातें आपको डराने के लिए नहीं सजग करने के इरादे से उजागर की जा रही हैं. ताकि दिल्ली की सड़कों पर सफर के दौरान आप-हम कभी भी कहीं भी किसी गफलत में न रहें. महज इतना भर सोचकर कि दिल्ली की भीड़भाड़ वाली चौड़ी सड़कों पर क्या खतरा. उस दिल्ली की सड़कों पर जो देश की राजधानी है. उस दिल्ली की सड़कों पर जहां इंसानों की बेशुमार भीड़ है. उस दिल्ली की सड़कों पर जिसके चप्पे-चप्पे पर मुस्तैद दिखाई देती है हथियारबंद पुलिस. इन सभी के बीच कोई भी कभी भी जरा सी लापरवाही के चलते बड़ी मुसीबत में पड़कर भारी नुकसान उठा बैठता है.

इसकी गवाह या कहिए ताजा-तरीन नूमना है चंद घंटे पहले ही दक्षिणी दिल्ली में एक महिला अफसर के साथ सड़क के बीचो-बीच घटी घटना. वो घटना जिसमें न केवल जम्मू-कश्मीर सरकार की इस महिला अधिकारी को आर्थिक नुकसान हुआ. बल्कि विरोध करने पर उन्हें सरेराह जख्मी भी कर डाला गया. 47 साल की यह पीड़ित महिला जम्मू-कश्मीर सरकार में उप-श्रमायुक्त (Deputy Labor Commissioner) है. वे दिल्ली के वसंतकुंज इलाके में रहती हैं. संगम विहार थाना पुलिस ने महिला अधिकारी के साथ सरेराह घटी घटना के मामले में मुकदमा दर्ज करके तफ्तीश शुरू कर दी है.

क्या कहती हैं जिला डीसीपी
दक्षिणी दिल्ली जिले की डीसीपी बेनिता मैरी जयकर (Benita Mary Jaiker) ने शनिवार को इस महिला अधिकारी के साथ घटी घटना की पुष्टि की है. उनके मुताबिक, “घटना के समय महिला अधिकारी वसंतकुज अपने निवास से फरीदाबाद जाने के लिए निकली थीं. वे कार में सवार थीं. खानपुर टी-पॉइंट के पास जब महिला अधिकारी की कार पहुंची तो, उन्हें दो छोटे बच्चों ने इशारा करके और तेज आवाज में बताया कि उनकी कार से तेल (Fuel) चू (बह) रहा है. बच्चो की बात पर विश्वास करके महिला कार से निकल रहे तेल को देखने के लिए सड़क किनारे कार रोककर खड़ी हो गईं और कार के नीचे की ओर झुककर देखने लगीं. उसी वक्त घटना घट गई.”

ऐसे लहू-लुहान हुई बेकसूर महिला अधिकारी
पीड़ित महिला जब कार से चू रहे फ्यूल की जगह देखने का प्रयास कर रही थी, उसी वक्त मौके पर स्कूटी पर सवार दो और लड़के पहुंचे. उन दोनों ने महिला को कार के साथ व्यस्त देखकर उसके कंधे पर मौजूद बैग को झपट डाला. महिला ने झपटमारों का विरोध किया तो उन्होंने महिला को बुरी तरह जख्मी कर दिया. इस पूरे तमाशे के दौरान सड़क पर आने-जाने वाले और घटना से बेफिक्र लोग अपने रास्ते आते-जाते रहे. जब तक महिला के साथ घटी घटना का राहगीरों को पता चला तब तक, हमलावर वारदात को अंजाम देकर घटनास्थल से रफूचक्कर हो गए. थाना पुलिस के मुताबिक महिला ने जो मुकदमा दर्ज कराया है, उसमें उसने अपने 2000 रुपए नकद, एटीएम कार्ड, दफ्तर का आईकार्ड इत्यादि लूट लिए जाने के बारे में बताया है.