Tight Jeans Effect on Health: टाइट जींस पहनने से हो सकती है कई बीमारियां, जानिए

Tight Jeans Effect : आजकल के लड़के और लड़कियां टाइट व स्किनी जींस को पहनना स्टाइल मानते हैं, उनके मुताबिक स्टाइलिश दिखना है तो टाइट जींस पहनना जरूरी है. लेकिन ऐसी कई खबरें आ चुकी है जिसमें सामने आया है कि टाइट फिटिंग जींस पहनने के बाद लोगों को अस्पताल तक जाना पड़ा है. फैशन के साथ खुद को अपडेट रखना अच्छी बात है लेकिन इसकी वजह से हेल्थ को अनदेखा करना सही नहीं है. टाइट जींस भले ही आपको खूबसूरत लुक देती हों, पर ये नुकसानदायक होती हैं. इसकी वजह से कई तरह के हेल्थ प्रॉब्लम भी होते हैं जिनके बार हमें पता तक नहीं होता है:

पीठ दर्द की समस्याः आज के समय में अधिकांश लड़के और लड़कियों को लो वेस्ट जींस पहनना पसंद है. टाइट व लो वैस्ट जींस हमारे पीठ की मसल्स को प्रैस और हिप बोन के मूवमैंट को रोकती हैं, जिससे हमारे स्पाइन और पीठ पर दबाव पड़ता है और दर्द की समस्या उत्पन्न होती है.

पेट दर्द की समस्या: जब हम टाइट कपड़े पहनते हैं तो कपड़ा हमारे पेट पर चिपक जाता है, जिस की वजह से पेट पर प्रैशर पड़ता है.टाइट जींस पहनने के बाद खाने -पीने में भी परेशानी होती है, यही नहीं टाइट जींस पाचन क्रिया को भी असंतुलित करती है जिस से एसिडिटी व जलन होती है.

बेहोश होनाः हमेशा टाइट व फिटिंग के कपड़े पहनने से घुटन होने लगती है, जिस की वजह से सांस लेने में दिक्कत होती है, हमें चक्कर आने लगता है और हम बेहोश हो जाते हैं.

यीस्ट इंफैक्शन: टाइट जींस पहनने से शरीर को हवा नहीं लग पाती, जिस के कारण शरीर में यीस्ट का प्रोडक्शन बढ़ जाता है. जहां पसीना ज्यादा होती है वहां खुजली, जलन व दर्द होती है.

शरीर में दर्द: टाइट जींस थाई की नर्व्स को कंप्रेस करती है, जिस से झनझनाहट, सुन्न व जलन महसूस होता है. इस से सिरदर्द, शरीर दर्द जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है. इतना ही नहीं टाइट जींस पहनने से उठने बैठने की समस्या भी होती है.

थकान महसूस होना : जब हम टाइट जींस पहनते हैं तो बहुत जल्दी थक जाते हैं, जिसका असर हमारे काम पर पड़ता है.

फंगस व बैक्टीरियल इंफेक्शन का खतरा : टाइट जींस की वजह से फंगल और बैक्टीरियल इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है. इससे त्वचा पर लाल दाने और रेशैज होने लगते हैं.

प्रजनन पर असर : लड़कों पर टाइट जींस पहनने का असर उनकी प्रजनन क्षमता पर पड़ता है. जांघों के आसपास ज्यादा दबाव व ताप बढ़ता है जिस से खून के संचार में रुकावट आती है. जिससे प्रजनन क्षमता कम होने लगती है.