सेक्स कभी- कभी दर्दनाक क्यों हो जाता है? जानिए जवाब

सेक्स (sex) के दौरान दर्द ज्यादातर महिलाओं के लिए एक सामान्य वास्तविकता है। एक शोध के अनुसार लगभग 75 प्रतिशत महिलाओं को अपने जीवन में कभी न कभी दर्दनाक सेक्स का अनुभव होता है, जिसमें से ज्यादातर महिलाएं पुराने दर्द का अनुभव करती हैं। बहुत सी महिलाएं ऐसी भी हैं जो लगातार दर्दनाक सेक्स का अनुभव करती हैं।

संभोग के दौरान दर्द सामान्य नहीं है। लेकिन कुछ महिलाओं को यह सामान्य लगता है। इसका कारण हमारी संस्कृति भी हो सकती है। जिसकी वजह से महिलाएं खुलकर अपनी समस्याएं नहीं बता पाती हैं। महिलाओं को लगता है कि सेक्स (sex) के दौरान दर्द को जीवन के एक तथ्य के रूप में स्वीकार किया जाना चाहिए। यह ठीक नहीं है, और यौन स्वास्थ्य के बारे में बातचीत, बच्चों और वयस्कों के लिए बेहतर यौन शिक्षा, और चिकित्सकीय रूप से सटीक जानकारी होनी बहुत ज्यादा जरूरी है। तो यहां पांच कारण बताए गए हैं जिसके कारण सेक्स के दौरान दर्द का अनुभव करना पड़ता है। साथ ही आपको उस स्थिति में क्या करना चाहिए।

लुब्रिकेंट की कमी
लुब्रिकेंट की कमी संभोग या लिंग प्रवेश के दौरान दर्द के प्रमुख कारणों में से एक है। जब योनि ठीक से उत्तेजित होती है, तो यह स्वाभाविक रूप से फैलती है और गीली हो जाती है, जिससे लिंग प्रवेश की अनुमति मिलती है। जब आप संभोग के लिए ठीक से तैयार नहीं होते हैं, तो योनि में लिंग प्रवेश असहज और दर्दनाक भी महसूस कर सकता है। योनि में सूखेपन के दौरान घर्षण या लिंग प्रवेश कराना योनि संक्रमण का कारण बन सकता है। यह अच्छा नहीं है।

यह महत्वपूर्ण है कि यौन संबंध बनाने से पहले आपकी योनि लिंग प्रवेश के लिए तैयार हो। जब आपकी योनि में प्राकृतिक रूप से लुब्रिकेंट बनेगा तो ये आपके लिए बहुत ही फायदेमंद होगा। जब आप इस दौरान सेक्स भी करेंगे तो इससे आपको दर्द का आभास नहीं होगा। अगर आप लिंग प्रवेश कराने से पहले अच्छे से फोरप्ले करेंगे तो महिला उत्तेजित हो जाएगी और प्राकृतिक रूप से योनि में लुब्रिकेंट बनेगा।

पुडेंडल तंत्रिका को नुकसान
पुडेंडल तंत्रिका मुख्य तंत्रिका है जो पेरिनेम को बाहरी जननांगों, मूत्रमार्ग दबानेवाला यंत्र और गुदा दबानेवाला यंत्र से जोड़ती है। इसकी कई जिम्मेदारियां हैं, जिनमें से एक है मस्तिष्क के संकेतों को योनि-क्लिटोरल नेटवर्क तक पहुंचाना और इसके विपरीत अगर इस तंत्रिका को नुकसान पहुंचता है तो इससे सेक्स के दौरान दर्द, योनि या योनिमुख सुन्नता और गुदा में दर्द का कारण बन सकता है। आपको बता दें कि पुडेंडल तंत्रिका को जब नुकसान पहुंचता है तो अक्सर यहां किसी का ध्यान नहीं जाता है। हालांकि इसका निदान नहीं किया जाता है।

हालांकि, इस तंत्रिका पर क्षति तभी होती है जब योनि आघात, दर्दनाक जन्म, व्यायाम या योग के दौरान अनुचित क्रिया, लंबे समय तक बैठना और एपीसीओटॉमी (जब योनि प्रसव के दौरान पेरिनेम कट जाता है) शामिल हैं।

एक अज्ञात एसटीआई
यदि आप सेक्स के दौरान अचानक दर्द, रक्तस्राव, जलन, असामान्य निर्वहन, या इन लक्षणों के संयोजन का अनुभव कर रहे हैं, तो हो सकता है की आप एक अज्ञात एसटीआई से जूझ रहे हैं। एचपीवी, क्लैमाइडिया और गोनोरिया जैसे एसटीआई संभोग के दौरान दर्द का आभास महसूस करा सकते हैं। अगर आपको सेक्स के दौरान लगातार दर्द हो रहा है, तो आपको तुरंत एसटीआई की जांच करवानी चाहिए। जबकि अधिकांश स्वास्थ्य देखभाल पेशेवर हर छह महीने से एक साल में जांच कराने का सुझाव देंगे। आपको अपना स्वास्थ्य कभी भी हल्के में रहने लेना चाहिए।

पुराने दर्द विकार
यदि आप अचानक से दर्द का अनुभव कर रहे हैं, तो यह संभव हो सकता है कि आपको एंडोमेट्रियोसिस, क्रोनिक वल्वोडायनिया, या पेल्विक फ्लोर ऐंठन जैसे पुराने दर्द पैदा करने वाले विकार हों। अचानक दर्द और पुराने दर्द के बीच पूरी तरह से एक अलग रेखा खींचना मुश्किल है, क्योंकि दोनों अक्सर एक दूसरे से जुड़े होते हैं। आप अचानक वुलवोडीनिया, वेजिनीस्मस, और/या डिस्परेयूनिया जैसी स्थितियों का अनुभव कर सकते हैं जो अचानक से लगता है। इसके कारण कई हैं जैसे दर्द पिछले आघात के कारण हो सकता है जो स्पष्ट रूप से शारीरिक हो गया है या यह अवसाद या पर्यावरणीय तनाव से जुड़ा हो सकता है।

उपचार का विकल्प
विभिन्न प्रकार के विल्वर और/या योनि दर्द के लिए अलग-अलग उपचार विकल्प हैं। यदि आपका दर्द आपको इतना परेशान कर रहा है कि आपकी रोजमर्रा की जिंदगी को बाधित कर सकता है और आपके यौन जीवन या समग्र स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकता है, तो आपको एक डॉक्टर से जरूर सलाह लेनी चाहिए। आपको ऐसी समस्याएं छिपानी नहीं चाहिए। किसी भी चिकित्सीय स्थिति से बचने के लिए अपने OB-GYN के साथ अपॉइंटमेंट लें।

आपको पेल्विक फ्लोर विशेषज्ञ से सलाह लेने में भी फायदा हो सकता है। ये उच्च प्रशिक्षित पेशेवर ऐंठन को शांत करने के लिए मजबूत बनाने, खींचने या काम करने के माध्यम से श्रोणि तल की मांसपेशियों के पुनर्वास में मदद करते हैं। यदि कोई मनोवैज्ञानिक या भावनात्मक कारक शामिल हैं, तो भी आपको चिकित्सक को जरूर दिखाना चाहिए। यह आपको शारीरिक दर्द से राहत दिलाने में मददगार हो सकता है।