महीनों तक कोई नहीं लेने आया पैकेट, डिलीवरी ब्वॉय ने पैकेट खोला तो पैरों तले से निकल गई जमीन

गिफ्ट मिलना तो सबके लिए खुशी की बात होती है, लेकिन अगर गिफ्ट को कोई लेने ही न आए, तो हैरानी होना लाज़मी है. एक ऐसा ही गिफ्ट का डब्बा जब महीनों तक कोई लेने नहीं पहुंचा तो इसे आखिरकार खोल दिया गया. डिब्बा खोलते ही देखने वाले हैरान रह गए. उन्हें ये समझ ही नहीं आया कि आखिर कोई गिफ्ट में किसी के लिए चीटियां क्यों भेजेगा?

जिस डिब्बे में सैकड़ों चींटियों को रखा गया था, वो अच्छी तरह पैक किया गया था. डिब्बे के ऊपर का लेबल बता रहा है कि इन्हें जनवरी में भेजा गया था.

वो बात अलग है कि इस डिब्बे को डिलीवरी कंपनी से कोई लेने ही नहीं आया. जब किसी ने इस डिब्बे को नहीं लिया तो आखिरकार डिब्बा खोल ही दिया गया और इसमें से 250 चींटियां निकलीं, वो भी ज़िंदा.

250 छोटी-छोटी शीशियों में थीं चीटिंयां
इस बॉक्स को जनवरी में डिस्पैच किया गया था. ऐसे में करीब 6 महीने तक तो इसे खोला ही नहीं गया. जब फोकस्टोन की डिलीवरी कंपनी को पता चला कि इस बॉक्स को लेने कोई भी नहीं आ रहा है तो उन्होंने कुछ महीनों के बाद इसे खोला. अंदर का नज़ारा देखकर किसी को कुछ समझ नहीं आया. बॉक्स के अंदर करीब 250 छोटी-छोटी पारदर्शी शीशियां थीं. इन्हें टिश्यू में कोई सॉल्यूशन लगाकर पैक किया गया था. हैरानी की बात ये थी महीनों तक बॉक्स में पैक रहने के बाद भी चीटिंयां ज़िंदा थीं. हालांकि डिलीवरी कंपनी के स्टाफ के लिए ये काफी हैरानी भरा था कि कोई किसी को चींटियां क्यों गिफ्ट करेगा?

चिड़ियाघर में दी गईं चींटियां
इतनी सारी चींटियां देखने के बाद स्टाफ ने सोचा कि हर शीशी में लगे हुए टिश्यू के सहारे ही ये चींटियां इतने दिन ज़िंदा रह पाईं. उनका कहना है कि वे ज्यादा कुछ इनके बारे में नहीं जानते थे, ऐसे में उन्होंने एक्सपर्ट्स को बुलाया और उनकी मदद ली. ब्रिटिश वेट एसोसिएशन से जुड़ी हुईं मिस स्मिथ ने बताया कि हो सकता है इन चींटियों को फार्मिंग के लिए किसी ने भेजा हो. फिलहाल बची हुई चींटियों को Wiltshire के Longleat Safari Park को दिया गया है. वे इनकी देखभाल के लिए तैयार हो गए हैं.