महिला ने लगाया गर्भपात का आरोप, डॉक्टर बोले: रिपोर्ट तो देख लो

रोहतक। पीजीआई में एक महिला ने जमकर हंगामा किया। महिला ने बेहोशी की हालत में गर्भपात करने का आरोप लगाया था, लेकिन डॉक्टर्स ने उसे रिपोर्ट दिखाई कि वह गर्भवती ही नहीं है तो गर्भपात कैसे हो सकता है, इस पर महिला भड़क गई। इलाज के और कागजात दिखाए गए, तो उसे डॉक्टर से कागज छीनकर फाड़ दिए। इसके बाद महिला सुरक्षाकर्मियों की सहायता ली गई। बाद में डॉक्टर्स ने महिला के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने और सरकारी दस्तावेज नष्ट करने की शिकायत पुलिस को दी।

मामले को समझने के लिए बता दें कि रोहतक की एक कॉलोनी में रहने वाली महिला ने पीजीआई की चिकित्सा अधीक्षक को एक शिकायत दी थी। शिकायत मंे आरोप लगाया था कि 24 जून को उसके सुसर, जेठ और अन्य रिश्तेदारों ने उसे बेहोशी की हालत में पीजीआई में भर्ती करवाया था। 26 जून को होश आया तो वह अपने घर पर थी। खड़ा होने की कोशिश की तो पता चला कि मेरा बच्चा गिराया गया है।

सूचना क्यों नहीं दी

महिला ने चिकित्सा अधीक्षक को शिकायत दी कि बेहोशी की हालत में बिना पुलिस को सूचित किए और मेरे खून की जांच किए बिना मुझे इलाज दिया गया। उसी दिन कुछ घंटों बाद डिस्चार्ज कर दिया गया। इलाज के दो दिन बाद भी मैं बेहोश रही। चिकित्सा अधीक्षक से मांग की गई कि पीजीआई में मेरे दाखिल होने से लेकर इलाज होने की जानकारी दी जाए। दोषियों पर कार्रवाई हो। बताया जाए कि मेरे खून की जांच क्यों नहीं गई और पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी गई।

जांच करवाई गई

चिकित्सा अधीक्षक ने महिला के आरोपों की जांच करने की जिम्मेदारी डॉ. संदीप को दी। डॉ. संदीप ने जांच डॉ. प्रिंयका और नर्स शीतल को सौंप दी। इसी जांच के संदर्भ में महिला को बुधवार को पीजीआई बुलाया गया था। डॉक्टर के अनुसार डॉ. प्रिंयका और नर्स शीतल महिला से बात कर रही थी तो उन्हें रिपोर्ट दिखाई गई और बताया गया कि वह गर्भवती नहीं है तो गर्भपात कैसे संभव है। पीजीआई में महिला को एडमिट ही नहीं किया गया।

भड़क गई महिला

मामला उलझता देख डॉ. संदीप को बुलाया गया। जब सभी आमने सामने बात कर रहे थे तो महिला ने डॉक्टर के हाथ से सभी रिपोर्ट छीन ली और फाड़ दी। डॉ. संदीप ने बताया कि महिला ने भागने की कोशिश भी लेकिन महिला सुरक्षा कर्मियों को बुलाया गया और उससे रिपोर्ट के टुकड़े बरामद किए गए। इसके बाद महिला के खिलाफ पुलिस को शिकायत दे दी गई।