बंदर क्‍या जाने अदरक का स्‍वाद! इस खबर को पढ़िए और बदल लीजिए अपने विचार

इंदौर. एक पुरानी कहावत है. बंदर (Monkey) क्या जाने अदरक का स्वाद. लेकिन, इंदौर के एक बंदर ने इस कहावत को ही उल्टा साबित कर दिया है. यह बंदर इंदौर चिड़ियाघर (Zoo) में है. वह अदरक के स्वाद का दीवाना है. वो अदरक वाली चाय पीना पसंद करता है. यकीन करना जरा मुश्किल है, लेकिन आप ही देख लीजिए कि कैसे ये बंदर अदरक वाली चाय की चुस्की ले रहा है.

इंदौर के कमला नेहरू प्राणि संग्रहालय में ये बंदर खूब उछल कूद करता है. जो पर्यटकों की पहली पसंद बना हुआ है. करीब 6 महीने का ये लंगूर पास के ग्रामीण इलाके से रेस्क्यू कर इंदौर के चिड़ियाघर लाया गया था.

अदरक वाली चाय का दीवाना है यह बंदर
इस बंदर की मां की करंट लगने से मौत हो गई थी और उस वक्त ये सिर्फ 2 दिन का ही था. करंट की चपेट में आने से यह बंदर भी घायल हो गया था. चिड़ियाघर प्रभारी डॉ उत्तम यादव ने इस बंदर का उपचार किया और अब यह चिड़ियाघर में ही उछल कूद करता हुआ सबका दिल जीत लेता है. चिड़ियाघर प्रबंधन ने इसे टिया नाम दिया है. इसके बारे में एक बात सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे. ये आम बंदरों से कुछ अलग है. आमतौर पर बंदरों को तरह तरह के फल खाना पसंद होते हैं, लेकिन ये अदरक के स्वाद का दीवाना है. वो अदरक वाली चाय पीना पसंद करता है.

चाय नहीं दो तो नाक में दम
चिड़ियाघर की कैंटीन में जब-जब अदरक वाली चाय बनती है तब तब ये बंदर चाय पीने के लिए वहां पहुंच जाता है. चिड़ियाघर में जब कोई गेस्ट चाय पीने के लिए आता है तो ये चाय की टेबल पर पहले से ही मौजूद रहता है. चिड़ियाघर प्रभारी डॉ उत्तम यादव बताते हैं कि ये चिड़िया घर के माहौल में पूरी तरह से ढल चुका है. अदरक वाली चाय का चस्का इस बंदर को कुछ इस तरह से लगा है कि जब तक इसे अदरक की चाय नहीं मिलती तो ये चिड़ियाघर में प्रबंधन की नाक में दम कर देता है.

बंदर इंसान से सबसे करीब
पशु वैज्ञानिकों का मानना है मानव का विकास ही बंदरों से हुआ है. इसलिए बंदर मनुष्य का सबसे करीबी प्राणि है. बंदरों के सीखने की क्षमता, नकल करने, रहन-सहन सहित बाहरी और आंतरिक शारीरिक बनावट भी मानवों से बहुत मेल खाती है. इंदौर के वरिष्ठ पशु विज्ञानी डॉ.प्रशांत तिवारी बताते हैं कि जिस तरह से इंसानों में खाने पीने की चीजों को लेकर एक प्रवृत्ति रहती है. उसी तरह से जानवरों की भी प्रवृत्ति होती है. हालांकि जानवरों के सूंघने की शक्ति बहुत तेज होती है ऐसे में जब जानवरों को खाने में कोई चीज पसंद आ जाती है तो तो वे इसके आदी हो जाते हैं. यही बात इस बंदर में दिखाई देती है.