पति रोज करता था तबाह, ऐसी शुरू हुई पत्नी अस्पताल में भी मार रहा चीखें

राजस्थान। के चूरू जिले में पति के शराब पीने और मारपीट करने से पत्नी इतनी परेशान हो गई कि उसने सबक सिखाने की ठान ली। किस्मत अच्छी थी कि युवक बच गया। 12 अगस्त की देर रात शराब के नशे में युवक घर लौटा तो महिला ने पहले उसे खाना खिलाया। खाने में नशे की दवा मिलाई। इससे वह बेहोश हो गया। इसके बाद पत्नी ने बिजली के तारों से उसके हाथ-पैर बांध दिए। खुद के हाथों में प्लास्टिक की थैली पहन रखी थी। इसके बाद उसने पति को करंट के झटके दिए। झटकों से युवक की बेहोशी टूटी तो वह चिल्लाने लगा। वह दर्द से कराहने लगा। महिला को रहम आ गया और युवक की जान बची। ये मामला सरदारशहर तहसील के गांव अमरसर का है। पुलिस ने पति-पत्नी के बयान ले लिए हैं। उधर, पति ने पत्नी के खिलाफ सरदारशहर थाने में जान से मारने के प्रयास का मामला दर्ज कराया है।

महिला ने कहा, सबक सिखाना था
पुलिस ने सुमन (27) के बयान ले लिए हैं। उसने अपने साथ हो रही ज्यादती की पूरी कहानी बयां की है। सुमन ने बताया कि उसकी शादी को 15 साल हुए हैं। शादी के बाद से ही पति उसके साथ मारपीट करता था। वह तंग आ गई थी। इसके बाद उसे सबक सिखाने की ठानी। दंपती के एक पांच साल का बेटा और एक बेटी है। पति के झगड़ों से तंग आकर महिला ने बेटी को अपने पीहर सुजानगढ़ में छोड़ रखा है।

सरदारशहर थाना के हेड कांस्टेबल संजय बसेर ने बताया कि अमरसर निवासी महेन्द्रदान (32) सोलर प्लांट में काम करता है। 12 अगस्त की रात करीब सवा आठ बजे वह ड्यूटी से घर आया था। तब उसकी पत्नी सुमन ने खाना व दूध लाकर दिया। वह बेहोश हो गया। इसके बाद देर रात होश में आने पर उसे करंट का झटका लगा। आंखें खुलीं तो उसके दोनों पैरों के घुटनों पर बिजली के तार बंधे हुए थे। सुमन ने हाथ में प्लास्टिक की थैली पहनकर रखी थी और करंट के झटके दे रही थी। इसके बाद वह वापस बेहोश हो गया।

करंट के झटकों से करहाते महेंद्रदान पर रहम खाकर सुमन 12 अगस्त की रात 2 बजे पड़ोस में रहने वाली ताई सास सुवटी देवी के पास गई। उसने कहा कि आपके बेटे को करंट लग गया है। सुवटी देवी, महेन्द्रदान के पिता देवीदान और भाई कमल दान उसके घर गए। महेन्द्रदान चारपाई से बंधा हुआ था और पैरों में सूजन और करंट के कारण जलने के निशान थे। महेन्द्रदान के हाथ-पैरों से तारों को खोला और प्राइवेट अस्पताल ले गए। उसे बीकानेर के PBM अस्पताल में भर्ती कराया गया। 13 अगस्त को होश में आने पर महेन्द्रदान ने परिजनों को पूरा घटनाक्रम बताया। महेन्द्रदान अपनी पत्नी और बच्चे के साथ अकेला रहता है। पिता और भाई पड़ोस में रहते हैं।

अस्पताल से सरदारशहर थाने को फोन आया। हेड कांस्टेबल संजय बसेर बीकानेर गए और पति का पर्चा बयान लिया। पर्चा बयान में पति ने पत्नी पर आरोप लगाते हुए पूरा घटनाक्रम बताया। पुलिस ने पत्नी सुमन के खिलाफ जान से मारने के प्रयास का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।